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Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith: नियुक्ति प्रक्रिया में वरिष्ठता दरकिनार, राजभवन ने किया हस्तक्षेप

Sun, 28 Aug 2022 07:19 AM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Sun, 28 Aug 2022 07:19 AM IST
सार

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के समाजकार्य विभाग में विभागाध्यक्ष पद पर की गई नियुक्ति को कुलपति ने निरस्त कर दिया है। राजभवन के हस्तक्षेप के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रो. वंदना सिन्हा की नियुक्ति को निरस्त कर नए विभागाध्यक्ष के पद पर प्रो. अशोक कुमार मिश्र को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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Raj Bhavan intervened, bypassing seniority in the appointment process
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के समाजकार्य विभाग में वरिष्ठता को दरकिनार कर विभागाध्यक्ष पद पर की गई नियुक्ति को आखिरकार कुलपति ने निरस्त कर दिया है। राजभवन के हस्तक्षेप के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने शनिवार को प्रो. वंदना सिन्हा की नियुक्ति को निरस्त कर नए विभागाध्यक्ष के पद पर प्रो. अशोक कुमार मिश्र को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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समाज कार्य संकाय में वरिष्ठता क्रम को दरकिनार करके 29 जनवरी 2021 को प्रो. वंदना सिन्हा को समाजकार्य विभाग का अस्थायी विभागाध्यक्ष बनाया गया था। 2021 में विभागाध्यक्ष पद पर नियुक्ति के समय प्रो. एमएम वर्मा सबसे सीनियर थे। प्रो. एमएम वर्मा ने बताया कि उन्होंने वरिष्ठता क्रम को लेकर तत्कालीन कुलपति को प्रत्यावेदन दिया था। उन्होंने सारे दस्तावेज की जांच के बाद वरिष्ठता सूची जारी कर दी। छह महीने तक आदेश प्रभावी रहा और इसके बाद वरिष्ठता कमेटी जांच के लिए बनाई गई लेकिन उसकी बैठक साल भर नहीं हो सकी।
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जनवरी में कार्यपरिषद की बैठक के दौरान समाजकार्य विभाग के विभागाध्यक्ष पद का प्रश्न उठाया गया। इसके बाद कुलपति ने तत्काल प्रो. वंदना सिन्हा को विभागाध्यक्ष नियुक्त कर दिया। प्रो. वर्मा ने बताया कि इसके बाद उन्होंने कुलाधिपति को इस मामले में प्रत्यावेदन दिया। वहां से 28 जुलाई को आदेश आया था कि विभागाध्यक्ष बनाए जाने के आदेश को निरस्त करके शीघ्र वरिष्ठता समिति की बैठक करके विवाद का निस्तारण किया जाए।
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