UP: काशी में रेलवे स्टेशनों का हाल..., रोज आ-जा रहे 70 हजार लोग, टिकट बिक रहे सिर्फ 17 हजार; जानें आंकड़ें
वाराणसी में सभी रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ थमने का नाम नहीं ले रही है। आए दिन सारे प्लेटफाॅर्म खचाखच भरे हुए हैं। ताज्जुब वाली बात यह है कि जितने यात्री आ रहे हैं, उसके मात्र 25 प्रतिशत ही टिकट बिक रहे हैं।
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महाकुंभ आवाजाही को लेकर कैंट, सिटी और बनारस स्टेशन पर श्रद्धालुओं की भीड़ बरकरार है। भीड़ का क्रम दोपहर में टूट रहा है, लेकिन सुबह और रात होते ही इन स्टेशनों पर पैर रखने तक की जगह नहीं बच रही है। श्रद्धालुओं की भीड़ अलग-अलग स्टेशनों पर 70 हजार के पार है लेकिन टिकट बिक्री 25 फीसदी ही है। यानी सभी स्टेशनों को मिलाकर महज 17 हजार टिकट ही बिक पा रहे हैं।
पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी सिटी से रोजाना 8000 श्रद्धालु आवाजाही कर रहे हैं लेकिन जनरल टिकट की बिक्री महज 400 है। स्पेशल के अलावा नियमित ट्रेनों में भी जनरल टिकट की बिक्री रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। बिहार और झारखंड से अप-डाउन करने वाली ट्रेनें ठसाठस हैं। मगर, अधिकतर श्रद्धालु बेटिकट हैं।
बनारस स्टेशन से रोजाना 20000 श्रद्धालुओं की आवाजाही है, लेकिन जनरल टिकट की बिक्री 8000 ही है। यही हाल कैंट स्टेशन का भी हैं, यहां रोजाना 35 से 40 हजार श्रद्धालुओं की आवाजाही हो रही है लेकिन टिकट की बिक्री 25 फीसदी है। जबकि स्टेशन परिसर समेत होल्डिंग एरिया में भी एटीवीएम की सुविधा बढ़ाई गई हैं।
कैंट स्टेशन के सभी यात्री हाॅल, दोनों प्रवेश द्वार और होल्डिंग एरिया के अलावा यात्री आश्रय के जनरल टिकट काउंटर संचालित हो रहे हैं। बावजूद श्रद्धालु जनरल टिकट नहीं ले पा रहे हैं। यूटीएस का उपयोग भी कम है।
पार्किंग हो जा रही फुल, वाहन खड़े होने लगते हैं बाहर
शहर में हल्के चार पहिया वाहनों के लिए कई जगह वाहन पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। मगर, बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या इतनी ज्यादा है कि पार्किंग फुल हो जा रही है। रविवार को भेलूपुर स्थित सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज की पार्किंग फुल हो गई तो श्रद्धालु सड़क के किनारे ही वाहन खड़ा करने लगे।