{"_id":"5a7b49a14f1c1b387b8b51e9","slug":"railway-administration-carelessness-cause-of-four-crore-loss","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":" लापरवाहीः सिटी स्टेशन के पास लगी आग में चार करोड़ के सामान राख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापरवाहीः सिटी स्टेशन के पास लगी आग में चार करोड़ के सामान राख
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 08 Feb 2018 12:16 AM IST
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एक दर्जन पेड़, एक भवन और दो टीन शेड भी जले
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी सिटी स्टेशन के समीप स्थित सिगनल स्टोर गोदाम में मंगलवार की देर रात लगी आग में करीब चार करोड़ रुपये के सामान जलकर राख हो गए। वहीं एक दर्जन पेड़, एक मकान और दो टीन शेड आग की भेंट चढ़ गए। कई जानवर भी झुलसे हैं। घटना की जांच के लिए संयुक्त कमेटी बनाई जाएगी।
पूर्वोत्तर रेलवे की छोटी लाइन को बड़ी लाइन में बदलने के समय यहां गोदाम का निर्माण किया गया था। डीआरएम एसके झा ने बुधवार की सुबह गोदाम का निरीक्षण किया और नुकसान की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि करीब चार करोड़ के नुकसान का अनुमान है।
कहा कि उपमुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर निर्माण को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए संयुक्त जांच कमेटी बनाई जाएगी। इससे सिटी रेलवे स्टेशन से सारनाथ और मंडुवाडीह के बीच डबलिंग का कार्य प्रभावित हो सकता है।
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हाल ही में सिगनल के केबिल व पाइप आदि को मंगाया गया था। जिसका इस्तेमाल डबलिंग में होना था। डीआरएम ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान स्वीकार किया कि गोदाम की चहारदीवारी टूटी है। कहा कि चहारदीवारी दुरुस्त कराई जाएगी और गोदामों की सुरक्षा के लिए चौकीदारों की तैनाती की जाएगी।
कार्रवाई के सवाल पर कहा कि गोदाम से जुड़े अधिकारी ही अंतिम निर्णय लेंगे। रेलवे परिसर की सुरक्षा और खराब सड़कों के सवाल पर उन्होंने स्टोर से जुड़े अधिकारियों के सिर पर ही ठीकरा फोड़ दिया।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश राय ने बताया कि शार्ट-सर्किट से यह घटना नहीं हुई है। क्योंकि जहां आग लगी है वहां बिजली का कनेक्शन नहीं था। आशंका जताई जा रही है कि किसी ने खाना बनाने के बाद आग जलती हुई छोड़ दी होगी या किसी ने ज्वलनशील पदार्थ फेंक दिया होगा। नुकसान और सुरक्षा संयंत्रों के बावत रेलवे को नोटिस भेजा जाएगा।
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पूर्वोत्तर रेलवे की छोटी लाइन को बड़ी लाइन में बदलने के समय यहां गोदाम का निर्माण किया गया था। डीआरएम एसके झा ने बुधवार की सुबह गोदाम का निरीक्षण किया और नुकसान की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि करीब चार करोड़ के नुकसान का अनुमान है।
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कहा कि उपमुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर निर्माण को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए संयुक्त जांच कमेटी बनाई जाएगी। इससे सिटी रेलवे स्टेशन से सारनाथ और मंडुवाडीह के बीच डबलिंग का कार्य प्रभावित हो सकता है।
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हाल ही में सिगनल के केबिल व पाइप आदि को मंगाया गया था। जिसका इस्तेमाल डबलिंग में होना था। डीआरएम ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान स्वीकार किया कि गोदाम की चहारदीवारी टूटी है। कहा कि चहारदीवारी दुरुस्त कराई जाएगी और गोदामों की सुरक्षा के लिए चौकीदारों की तैनाती की जाएगी।
कार्रवाई के सवाल पर कहा कि गोदाम से जुड़े अधिकारी ही अंतिम निर्णय लेंगे। रेलवे परिसर की सुरक्षा और खराब सड़कों के सवाल पर उन्होंने स्टोर से जुड़े अधिकारियों के सिर पर ही ठीकरा फोड़ दिया।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश राय ने बताया कि शार्ट-सर्किट से यह घटना नहीं हुई है। क्योंकि जहां आग लगी है वहां बिजली का कनेक्शन नहीं था। आशंका जताई जा रही है कि किसी ने खाना बनाने के बाद आग जलती हुई छोड़ दी होगी या किसी ने ज्वलनशील पदार्थ फेंक दिया होगा। नुकसान और सुरक्षा संयंत्रों के बावत रेलवे को नोटिस भेजा जाएगा।
रेलवे ने 2014 की घटना से नहीं ली सीख
आग की लपटों को देख घर छोड़ भागे लोग
- फोटो : अमर उजाला
घटनास्थल से सटे दूसरे गोदाम में 2014 में आग लगी थी। उससे रेलवे प्रशासन ने सीख नहीं ली। यहां बचाव के प्रर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। यही नहीं पिछली घटना की जांच रिपोर्ट की जानकारी भी रेल प्रशासन को नहीं है। जिस गोदाम में आग लगी उसकी चहारदीवारी गिर गई थी। अंदर शराब व बीयर की बिखरी बोतलें बता रही हैं कि यह अराजकतत्वों का अड्डा था। बड़ा गोदाम होने के बावजूद केवल छह अग्निशमन यंत्र थे।
मंगलवार की रात लगी भीषण आग देख आसपास के लोग घर छोड़कर दूर हो गए थे। 20 फीट से ऊंची लपटें उठ रहीं थी। पटाखे फटने जैसी तेज आवाजें आ रहीं थीं और प्लास्टिक के छल्ले उड़कर छतों पर गिर रहे थे।
25 मीटर दूर तक आग की तपिश महसूस हो रही थी। ओकास और मो. सलीम ने बताया कि आग की लपटें पेड़ से भी ऊपर तक उठ रहीं थी। पटाखे फूटने जैसी आवाज आ रहीं थी। शकील अहमद और चंद्रमा यादव ने बताया कि आग की भयावहता से लोग दहशत में आ गए थे।
मंगलवार की रात लगी भीषण आग देख आसपास के लोग घर छोड़कर दूर हो गए थे। 20 फीट से ऊंची लपटें उठ रहीं थी। पटाखे फटने जैसी तेज आवाजें आ रहीं थीं और प्लास्टिक के छल्ले उड़कर छतों पर गिर रहे थे।
25 मीटर दूर तक आग की तपिश महसूस हो रही थी। ओकास और मो. सलीम ने बताया कि आग की लपटें पेड़ से भी ऊपर तक उठ रहीं थी। पटाखे फूटने जैसी आवाज आ रहीं थी। शकील अहमद और चंद्रमा यादव ने बताया कि आग की भयावहता से लोग दहशत में आ गए थे।