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रेल कर्मचारियों ने पुतला फूंका
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 30 Jun 2016 02:04 AM IST
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केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू किए जाने की संस्तुति के साथ ही विरोध भी शुरू हो गया है। रेलवे कर्मचारी इसका विरोध करने के लिए सबसे पहले आगे आए हैं। बुधवार को नार्दन रेलवे मेंस यूनियन (एनआरएमयू) और उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन (यूआरएमयू) ने अलग-अलग सातवें वेतन आयोग का पुतला दहन कर अपना गुस्सा जाहिर किया।
बुधवार को बड़ी संख्या में कर्मचारी एनएमआरयू के बैनर तले वाराणसी कैंट स्टेशन परिसर में एकत्र हुए और केंद्र सरकार के फैसले के विरोध में नारेबाजी की और सातवें वेतन आयोग का पुतला फूंका। इसमें राजेश सिंह, एसएन नकवी, सुनील सिंह, लक्ष्मीकांत उपाध्याय, एसके सिंह, दिनेश यादव, एसकेवाजपेई, राजकुमार, भूपनाथ शामिल रहे। वहीं दूसरी ओर उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन के बैनर तले शाखा कार्यालय पर पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया। इसमें शाखा मंत्री सहित विंध्यवासिनी यादव व हरीराम यादव, कमलेश कुमार यादव, कंचन कुमार, संजय पाल, सीताराम, रामधारी आदि शामिल रहे।
नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (एनएफआईआर) के महासचिव डॉ. एम राघवैया व महामंत्री बीसी शर्मा ने पत्राचार कर आह्वान किया है कि 11 जुलाई की सुबह छह बजे से हड़ताल पर जाएंगे। सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट केंद्रीय कर्मचारियों के साथ एक बड़ा धोखा साबित हुआ है। छोटे तबके के कर्मचारियों के साथ अन्याय हुआ है। केंद्र सरकार ने पुरानी पेंशन स्कीम को शुरू न करके कर्मचारियों की उम्मीद तोड़ी है। न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये होना चाहिए था।
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बुधवार को बड़ी संख्या में कर्मचारी एनएमआरयू के बैनर तले वाराणसी कैंट स्टेशन परिसर में एकत्र हुए और केंद्र सरकार के फैसले के विरोध में नारेबाजी की और सातवें वेतन आयोग का पुतला फूंका। इसमें राजेश सिंह, एसएन नकवी, सुनील सिंह, लक्ष्मीकांत उपाध्याय, एसके सिंह, दिनेश यादव, एसकेवाजपेई, राजकुमार, भूपनाथ शामिल रहे। वहीं दूसरी ओर उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन के बैनर तले शाखा कार्यालय पर पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया। इसमें शाखा मंत्री सहित विंध्यवासिनी यादव व हरीराम यादव, कमलेश कुमार यादव, कंचन कुमार, संजय पाल, सीताराम, रामधारी आदि शामिल रहे।
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नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (एनएफआईआर) के महासचिव डॉ. एम राघवैया व महामंत्री बीसी शर्मा ने पत्राचार कर आह्वान किया है कि 11 जुलाई की सुबह छह बजे से हड़ताल पर जाएंगे। सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट केंद्रीय कर्मचारियों के साथ एक बड़ा धोखा साबित हुआ है। छोटे तबके के कर्मचारियों के साथ अन्याय हुआ है। केंद्र सरकार ने पुरानी पेंशन स्कीम को शुरू न करके कर्मचारियों की उम्मीद तोड़ी है। न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये होना चाहिए था।
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