{"_id":"5970a3c74f1c1bf7578b4716","slug":"rail-passenger-died-in-tapti-ganga-express-with-no-any-help","type":"story","status":"publish","title_hn":"चलती ट्रेन में यात्री ने तड़प कर तोड़ा दम, इलाज के लिए लगाता रहा गुहार पर किसी ने नहीं सुनी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चलती ट्रेन में यात्री ने तड़प कर तोड़ा दम, इलाज के लिए लगाता रहा गुहार पर किसी ने नहीं सुनी
ब्यूरो,अमर उजाला,मिर्जापुर
Updated Thu, 20 Jul 2017 06:06 PM IST
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सूरत से झारखंड घर जा रहे एक यात्री ने ताप्तीगंगा एक्सप्रेस की एक बोगी में बुधवार की रात इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। रेल प्रशासन की लापरवाही के चलते चचेरे भाई की मौत होते देख पास बैठा उसका भाई आंसू बहाने के सिवाय कुछ नहीं कर पाया।
सूचना मिलने पर पहुंची जीआरपी ने गुरुवार को मिर्जापुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर युवक का शव बोगी से बाहर निकलवा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। झारखंड के पातरडीह खीरीडीह गांव निवासी रोहित 18 वर्ष पुत्र अनिल राय कुछ महीने पहले सूरत कमाने के लिए गया था।
वह एक साड़ी कंपनी में कार्य करता था। बुधवार को ताप्तीगंगा एक्सप्रेस ट्रेन से अपने चचेरे भाई पंकजराम के साथ घर आ रहा था। स्टेशन से ट्रेन खुलने के करीब चार घंटा बाद उसे अचानक उल्टी होने लगी।
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चचेरे भाई के बीमार होने की जानकारी होने पर पंकज राम ने मामले से एस-10 की बोगी में पहुंचे एक टीटी को अवगत कराया। जानकारी होने पर टीटी ने गार्ड को एक यात्री के बीमार होने की सूचना दी।
इटारसी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पहुंची तो एक महिला डाक्टर उसे देखने आई लेकिन उसने बगैर देखे ही उसे आगे के लिए रवाना कर दिया। कहा कि यहां कोई सुविधा नहीं है इसलिए उसे दूसरे स्टेशन के डाक्टरों को बुला कर इलाज करा लेना। इलाज नहीं किए जाने के चलते रोहित की हालत धीरे धीरे बिगड़ती गई।
भाई की हालत देख चचेरा भाई रेल कर्मियों से इलाज के लिए गुहार लगाता रहा लेकिन किसी ने भी उसकी एक न सुनी। छिवकी रेलवे स्टेशन पहुंचते पहुंचते रोहित ने दम तोड़ दिया।
मामले की सूचना मिलने पर जीआरपी थानाध्यक्ष अमर बहादुर सिंह ने मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर बोगी से रोहित का शव बाहर निकलवा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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सूचना मिलने पर पहुंची जीआरपी ने गुरुवार को मिर्जापुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर युवक का शव बोगी से बाहर निकलवा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। झारखंड के पातरडीह खीरीडीह गांव निवासी रोहित 18 वर्ष पुत्र अनिल राय कुछ महीने पहले सूरत कमाने के लिए गया था।
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वह एक साड़ी कंपनी में कार्य करता था। बुधवार को ताप्तीगंगा एक्सप्रेस ट्रेन से अपने चचेरे भाई पंकजराम के साथ घर आ रहा था। स्टेशन से ट्रेन खुलने के करीब चार घंटा बाद उसे अचानक उल्टी होने लगी।
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चचेरे भाई के बीमार होने की जानकारी होने पर पंकज राम ने मामले से एस-10 की बोगी में पहुंचे एक टीटी को अवगत कराया। जानकारी होने पर टीटी ने गार्ड को एक यात्री के बीमार होने की सूचना दी।
इटारसी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पहुंची तो एक महिला डाक्टर उसे देखने आई लेकिन उसने बगैर देखे ही उसे आगे के लिए रवाना कर दिया। कहा कि यहां कोई सुविधा नहीं है इसलिए उसे दूसरे स्टेशन के डाक्टरों को बुला कर इलाज करा लेना। इलाज नहीं किए जाने के चलते रोहित की हालत धीरे धीरे बिगड़ती गई।
भाई की हालत देख चचेरा भाई रेल कर्मियों से इलाज के लिए गुहार लगाता रहा लेकिन किसी ने भी उसकी एक न सुनी। छिवकी रेलवे स्टेशन पहुंचते पहुंचते रोहित ने दम तोड़ दिया।
मामले की सूचना मिलने पर जीआरपी थानाध्यक्ष अमर बहादुर सिंह ने मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर बोगी से रोहित का शव बाहर निकलवा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।