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राधाष्टमी: तेरे पैरों पायलियां ओ सांवरे, उसमें घुंघरू जाड़ा है ओ सांवरे...
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वाराणसी। श्रीराधाष्टमी शुक्रवार को शुरू हो गई। हरे कृष्ण हरे राम संकीर्तन सोसाइटी की ओर से महमूरगंज स्थित माहेश्वरी भवन में तीन दिवसीय श्रीराधाष्टमी के पहले दिन राधा रानी व भगवान जगन्नाथ की झांकी सजाई गई। भक्त राधे तू कितनी प्यारी है, तेरे संग में बांके बिहारी है..., तेरे पैरों पायलियां ओ सांवरे, उसमें घुंघरू जाड़ा है ओ सांवरे... आदि भजनों पर राधा रानी के जन्मोत्सव में मगन रहे। शनिवार को राधाष्टमी पर गोपाल मंदिर व इस्कॉन मंदिर में भी विविध अनुष्ठान होंगे।
सुबह मंगला आरती के बाद श्रीगुर्वाष्टक से गुरु पूजा हुई। विभावरी शेष आलोक प्रवेश, निद्रा छाड़ उठ जीव हरे कृष्ण महामंत्र का सामूहिक गान हुआ। मातृशक्ति सीमा श्याम, प्रियंका, पदमा, पूनम देवी, राजेश्वरी और राजरानी देवी ने भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति प्रदान करने वाली तुलसी देवी की मंत्रों से आराधना की। नव्या व अवंतिका ने नृसिंह वंदना की। शाम को राधा गोविंद देव के साथ भगवान श्री जगन्नाथ, बलदेव व सुभद्रा जी के विग्रहों का शृंगार हुआ। श्री राधाकृष्ण के युगलावतार श्री चैतन्य महाप्रभु जी की आरती हुई। हरे कृष्ण महामंत्र पर भक्तजन झूमकर नृत्य करने लगे। श्रीराधाकृष्ण तथा श्रीधाम वृंदावन के संदर्भित भजनों पर बाल कलाकार यशविका ने अद्भुत प्रस्तुति दी।
श्रीधाम वृंदावन और श्री राधाकृष्ण की प्रशंसा-स्तुति गोपी, गुलाब, राघवेंद्र, प्रियंवदा, प्रियंका देवी, रति, रजनी देवी, पद्म, पदमिनी मंजरी, पूनम आदि ने की। सोसाइटी के अध्यक्ष कृष्ण प्रसाद दास ने बताया कि श्रीराधाष्टमी के दूसरे दिन शनिवार को सुबह 11 बजे से जन्मोत्सव मनाया जाएगा। दिन में ठीक 12 बजे महाआरती के साथ श्रीराधारानी के पावन चरण कमलों का दर्शन होगा। शाम छह बजे वैदिक सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा भजनों से श्रीराधा की स्तुति स्वरूप कृपा कटाक्ष का मातृशक्ति सामूहिक गान करेंगी। पूजन में अशोक, रोहिणी, अदिति, साक्षी, अवंतिका आदि रहीं।
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फोटो
कक्षा 2 व 3 तक पढ़ीं, सुना रही श्रीमद्भागवत के श्लोक
संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। प्रभु श्रीकृष्ण की भक्ति अपार है। जो उनकी भक्ति में मगन हुआ, उन पर उनकी कृपा बरसती है। यही वजह है कि 48 वर्ष की रीतु कक्षा दो और 75 वर्ष की ललिता किशोरी कक्षा तीन तक पढ़ीं। मगर, गीता के श्लोक और संस्कृत के कठिन श्लोकों को सस्वर पढ़ती हैं। आरती का भी लयबद्ध वाचन करती हैं। ऐसी 50 महिलाएं हैं।
वैष्णव परंपरा के वाहक हरे कृष्ण हरे राम संकीर्तन सोसाइटी से जुड़े पांच सौ से अधिक भक्तों में प्रभु भक्ति की ललक साफ झलकती है। ललिता किशोरी और रीतु नियमित श्रीमद्भागवत पढ़ती हैं। 50 वर्ष की लता कक्षा आठ तक और 60 वर्ष की नीलम कक्षा दो तक पढ़ी हैं। ये भी भगवद्गीता पढ़ने के साथ महाप्रभु पाद द्वारा रचित संस्कृत की रचनाओं और आरती का मधुर स्वरों में वाचन करती हैं। सोसाइटी के अध्यक्ष कृष्ण प्रसाद दास ने बताया कि लगातार 25 वर्षों से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव व राधाष्टमी उत्सव मनाया जाता है। इसके साथ हर रविवार को भक्त सामूहिक रूप से प्रभु का विशेष शृंगार कर मंत्रों से पूजन और आरती करते हैं। वे कम पढ़ी-लिखी होने के बावजूद भगवत्प्राप्ति को अपना लक्ष्य बनाए हुए हैं। वे अपने घर पर नित्य पढ़ती हैं। इसके चलते पढ़ने से ज्यादा सुनकर श्लोक याद हैं। उन्होंने संस्था से जुड़ने के साथ गीता के श्लोकों को भी पढ़ना शुरू किया। अब वे बिना किसी हिचकिचाहट के भावपूर्ण वाचन करती हैं। उन्होंने बताया कि प्रेम मंजरी, जो पहले बोल भी नहीं पाती थीं, अब अपनी माता वंदना विलास देवी के साथ गीता और भागवत नियमित पढ़ती हैं। उनकी माता उन्हें प्रोत्साहित करती हैं।
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सुबह मंगला आरती के बाद श्रीगुर्वाष्टक से गुरु पूजा हुई। विभावरी शेष आलोक प्रवेश, निद्रा छाड़ उठ जीव हरे कृष्ण महामंत्र का सामूहिक गान हुआ। मातृशक्ति सीमा श्याम, प्रियंका, पदमा, पूनम देवी, राजेश्वरी और राजरानी देवी ने भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति प्रदान करने वाली तुलसी देवी की मंत्रों से आराधना की। नव्या व अवंतिका ने नृसिंह वंदना की। शाम को राधा गोविंद देव के साथ भगवान श्री जगन्नाथ, बलदेव व सुभद्रा जी के विग्रहों का शृंगार हुआ। श्री राधाकृष्ण के युगलावतार श्री चैतन्य महाप्रभु जी की आरती हुई। हरे कृष्ण महामंत्र पर भक्तजन झूमकर नृत्य करने लगे। श्रीराधाकृष्ण तथा श्रीधाम वृंदावन के संदर्भित भजनों पर बाल कलाकार यशविका ने अद्भुत प्रस्तुति दी।
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श्रीधाम वृंदावन और श्री राधाकृष्ण की प्रशंसा-स्तुति गोपी, गुलाब, राघवेंद्र, प्रियंवदा, प्रियंका देवी, रति, रजनी देवी, पद्म, पदमिनी मंजरी, पूनम आदि ने की। सोसाइटी के अध्यक्ष कृष्ण प्रसाद दास ने बताया कि श्रीराधाष्टमी के दूसरे दिन शनिवार को सुबह 11 बजे से जन्मोत्सव मनाया जाएगा। दिन में ठीक 12 बजे महाआरती के साथ श्रीराधारानी के पावन चरण कमलों का दर्शन होगा। शाम छह बजे वैदिक सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा भजनों से श्रीराधा की स्तुति स्वरूप कृपा कटाक्ष का मातृशक्ति सामूहिक गान करेंगी। पूजन में अशोक, रोहिणी, अदिति, साक्षी, अवंतिका आदि रहीं।
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कक्षा 2 व 3 तक पढ़ीं, सुना रही श्रीमद्भागवत के श्लोक
संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। प्रभु श्रीकृष्ण की भक्ति अपार है। जो उनकी भक्ति में मगन हुआ, उन पर उनकी कृपा बरसती है। यही वजह है कि 48 वर्ष की रीतु कक्षा दो और 75 वर्ष की ललिता किशोरी कक्षा तीन तक पढ़ीं। मगर, गीता के श्लोक और संस्कृत के कठिन श्लोकों को सस्वर पढ़ती हैं। आरती का भी लयबद्ध वाचन करती हैं। ऐसी 50 महिलाएं हैं।
वैष्णव परंपरा के वाहक हरे कृष्ण हरे राम संकीर्तन सोसाइटी से जुड़े पांच सौ से अधिक भक्तों में प्रभु भक्ति की ललक साफ झलकती है। ललिता किशोरी और रीतु नियमित श्रीमद्भागवत पढ़ती हैं। 50 वर्ष की लता कक्षा आठ तक और 60 वर्ष की नीलम कक्षा दो तक पढ़ी हैं। ये भी भगवद्गीता पढ़ने के साथ महाप्रभु पाद द्वारा रचित संस्कृत की रचनाओं और आरती का मधुर स्वरों में वाचन करती हैं। सोसाइटी के अध्यक्ष कृष्ण प्रसाद दास ने बताया कि लगातार 25 वर्षों से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव व राधाष्टमी उत्सव मनाया जाता है। इसके साथ हर रविवार को भक्त सामूहिक रूप से प्रभु का विशेष शृंगार कर मंत्रों से पूजन और आरती करते हैं। वे कम पढ़ी-लिखी होने के बावजूद भगवत्प्राप्ति को अपना लक्ष्य बनाए हुए हैं। वे अपने घर पर नित्य पढ़ती हैं। इसके चलते पढ़ने से ज्यादा सुनकर श्लोक याद हैं। उन्होंने संस्था से जुड़ने के साथ गीता के श्लोकों को भी पढ़ना शुरू किया। अब वे बिना किसी हिचकिचाहट के भावपूर्ण वाचन करती हैं। उन्होंने बताया कि प्रेम मंजरी, जो पहले बोल भी नहीं पाती थीं, अब अपनी माता वंदना विलास देवी के साथ गीता और भागवत नियमित पढ़ती हैं। उनकी माता उन्हें प्रोत्साहित करती हैं।