उर्दू विभाग के वेबिनार के पोस्टर पर महामना की जगह अल्लामा इकबाल की फोटो पर विवाद, बीएचयू ने मांगी माफी
छात्रों ने कला संकाय प्रमुख से इसकी शिकायत की है, उन्होंने कार्रवाई की मांग भी की है। इसके बाद उर्दू विभागाध्यक्ष ने वेबिनार का संशोधित पोस्टर जारी किया। मामले की जांच के लिए बीएचयू प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी भी गठित कर दी गई है।
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बीएचयू उर्दू विभाग में उर्दू दिवस पर होने वाले वेबिनार के लिए बने पोस्टर पर महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की तस्वीर की जगह अल्लामा इकबाल की फोटो लगाने के मामले में विश्वविद्यालय ने गलती स्वीकार कर माफी मांग ली है। सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी होने के बाद बीएचयू प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी भी गठित कर दी है।
इससे पहले सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने के बाद छात्रों ने हंगामा करते हुए मंगलवार को कला संकाय प्रमुख से कार्रवाई की मांग की है। दरअसल, विभाग की ओर से मंगलवार को उर्दू दिवस पर वेबिनार का आयोजन किया गया। इसके लिए जो पोस्टर जारी किया गया उस पर अल्लामा इकबाल की तस्वीर लगी थी।
पोस्टर पर कहीं भी महामना की तस्वीर न देख छात्रों ने आपत्ति जताई। मंगलवार को कला संकाय प्रमुख से छात्रों ने आपत्ति जताते हुए बताया कि पोस्टर पर महामना को जगह न देकर पाकिस्तानी बौद्धिक निर्माता अल्लामा इकबाल का महिमा मंडन किया गया है। इसके अलावा कार्यक्रम में शामिल वक्ता द्वारा घोर आपत्तिजनक, सांप्रदायिक भाषा का प्रयोग किया गया।
साथ ही कार्यक्रम की सूचना विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी नहीं जारी की गई। उधर, बीएचयू प्रशासन की ओर से ट्विटर पर माफी मांगते हुए भूल सुधार का पोस्टर भी जारी किया गया। बीएचयू प्रशासन ने ट्विटर पर लिखा कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए पहले के पोस्टर में अनजाने में हुई गलती के लिए ईमानदारी से माफी।
विभाग के वेबिनार का जो पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है, वह भूलवश तैयार हो गया था। इसकी जगह दूसरा पोस्टर तैयार करा लिया गया था। इसमें केवल महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की तस्वीर लगाई गई है। -प्रो. आफताब अहमद आफाकी, विभागाध्यक्ष, उर्दू विभाग