फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   question arises in process of teachers joining in bhu

बीएचयू में शिक्षकों की नियुक्तियों पर उठे सवाल, सीडी जारी कर जांच की मांग

Thu, 17 Aug 2017 10:27 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Thu, 17 Aug 2017 10:27 AM IST
विज्ञापन
question arises in process of teachers joining in bhu
एससी-एसटी, पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति ने की जांच की मांग - फोटो : अमर उजाला
अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति के सदस्यों ने बीएचयू में चल रही शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने एक सीडी तैयार की है, जिसमें सामाजिक विज्ञान संकाय की एक महिला प्रोफेसर के साथ कुछ आवेदकों और शोध छात्रों द्वारा आवेदन पत्रों की जांच करने की कथित वीडियो रिकार्डिंग है।
विज्ञापन


बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस कर यह सीडी मीडिया को दी गई। इस दौरान रविंद्र भारती, अजय कुमार, सुनील यादव, बालगोविंद सरोज आदि ने मामले की जांच की मांग उठाई। उधर, कुलपति ने इसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना बताया है। 
विज्ञापन


समिति के सदस्यों का कहना है कि बीएचयू में असंवैधानिक और गैरकानूनी ढंग से नियुक्तियां की जा रही हैं। इस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। वर्तमान कुलपति के कार्यकाल में हुई सभी नियुक्तियों की संसदीय समिति से जांच कराने के साथ ही अस्थायी रोस्टर की जगह स्थायी रिजर्वेशन रोस्टर बनाकर उसका प्रकाशन कराने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कहा कि जो भी नियुक्तियां हो रही है, उसमें आरक्षण के नियमों का पालन नहीं हो रहा है। चेतावनी दी कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो मानव संसाधन मंत्री से शिकायत की जाएगी।  

सीडी में जो कथित वीडियो क्लीपिंग हैं, उसमें सामाजिक विज्ञान संकाय के संबोधि सभागार में एक महिला प्रोफेसर पर समाजशास्त्र विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए आवेदकों के दस्तावेजों की जांच कराने का जिक्र हैं।

इसमें उनका आरोप है कि इस कार्य में प्रोफेसर ने अपने शोध छात्रों के साथ ही कुछ आवेदकों को ही लगाया है। मामले में विश्वविद्यालय के कुलपति  प्रो. जीसी त्रिपाठी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक और पारदर्शिता के साथ नियुक्तियां की जा रही हैं।


आज सवाल उठाने वालों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने इनकी बात नहीं मानी। ऐसे में प्रेस कांफ्रेंस कर आरोप लगाना कोर्ट के आदेश की अवमानना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed