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पूर्वांचल विश्वविद्यालय में छेड़खानी की घटना के बाद कुलपति ने दिया यह बड़ा बयान
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Sun, 15 Oct 2017 02:29 PM IST
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प्रदर्शन करते छात्र।
- फोटो : अमर उजाला
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जौनपुर के पूर्वांचल विश्वविद्यालय में छात्रा से हुई छेड़खानी की घटना के बाद कुलपति ने बड़ा बयान दिया है। वहीं छात्रों ने दूसरे दिन भी घटना के विरोध में हंगामा किया।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में छात्राएं नकाब पहनकर कक्षाओं में बैठेंगी। उन्हें केवल सिर से पर्दा हटाना होगा। कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने कहा कि छात्राओं को कक्षा में नकाब उतारने की जरूरत नहीं है।
वहीं आईबीएम भवन के छात्र-छात्राओं का समूह शनिवार सुबह करीब 10 बजे विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते बाहर निकला और इंजीनियरिंग, फार्मेसी समेत सभी संकाय में जाकर कक्षाएं बंद करा दी।
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विभिन्न संकायों के करीब तीन सौ से अधिक छात्र विश्वविद्यालय मुख्य द्वार पहुंचे और गेट में ताला लगा दिया। परिसर में पहले से मौजूद सरायख्वाजा थाने की जीप अंदर फंस गई। छात्रों के विरोध के आगे पुलिसकर्मी चुप रहे।
छात्रों का रुख भांपकर सरायख्वाजा थाने के अलावा बक्शा और खेतासराय थाने की पुलिस तथा पीएसी भी बुला ली गई। पुलिसकर्मी विश्वविद्यालय के बाहर रहे।
कुलपति कार्यालय पर धरना दे रहे छात्र-छात्राओं ने वार्ता के बाद कुलपति ने परिसर में जरूरत के सभी स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाने के आदेश दिए। उन्होंने कहा सुरक्षा के लिहाज से सभी संकायों के मुख्य द्वार पर दो-दो सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएंगे।
सुरक्षा गार्ड के पास बाकायदा रजिस्टर होगा। जब कोई बाहरी व्यक्ति किसी से मिलना चाहेगा तो उसका नाम, पता, मोबाइल नंबर और वह किससे मिलना चाहता है आदि रजिस्टर में दर्ज करने के बाद ही उसे प्रवेश दिया जाएगा।
इसके अलावा जो कैमरे खराब हैं, उनको तत्काल ठीक कराने को कहा। कुलपति ने छात्रों से बात की और सुरक्षा संबंधी उनकी सभी मांगे स्वीकार कर लीं। डेढ़ घंटे तक चली वार्ता के बाद छात्रों ने धरना समाप्त कर दिया।
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वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में छात्राएं नकाब पहनकर कक्षाओं में बैठेंगी। उन्हें केवल सिर से पर्दा हटाना होगा। कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने कहा कि छात्राओं को कक्षा में नकाब उतारने की जरूरत नहीं है।
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वहीं आईबीएम भवन के छात्र-छात्राओं का समूह शनिवार सुबह करीब 10 बजे विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते बाहर निकला और इंजीनियरिंग, फार्मेसी समेत सभी संकाय में जाकर कक्षाएं बंद करा दी।
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विभिन्न संकायों के करीब तीन सौ से अधिक छात्र विश्वविद्यालय मुख्य द्वार पहुंचे और गेट में ताला लगा दिया। परिसर में पहले से मौजूद सरायख्वाजा थाने की जीप अंदर फंस गई। छात्रों के विरोध के आगे पुलिसकर्मी चुप रहे।
छात्रों का रुख भांपकर सरायख्वाजा थाने के अलावा बक्शा और खेतासराय थाने की पुलिस तथा पीएसी भी बुला ली गई। पुलिसकर्मी विश्वविद्यालय के बाहर रहे।
कुलपति कार्यालय पर धरना दे रहे छात्र-छात्राओं ने वार्ता के बाद कुलपति ने परिसर में जरूरत के सभी स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाने के आदेश दिए। उन्होंने कहा सुरक्षा के लिहाज से सभी संकायों के मुख्य द्वार पर दो-दो सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएंगे।
सुरक्षा गार्ड के पास बाकायदा रजिस्टर होगा। जब कोई बाहरी व्यक्ति किसी से मिलना चाहेगा तो उसका नाम, पता, मोबाइल नंबर और वह किससे मिलना चाहता है आदि रजिस्टर में दर्ज करने के बाद ही उसे प्रवेश दिया जाएगा।
इसके अलावा जो कैमरे खराब हैं, उनको तत्काल ठीक कराने को कहा। कुलपति ने छात्रों से बात की और सुरक्षा संबंधी उनकी सभी मांगे स्वीकार कर लीं। डेढ़ घंटे तक चली वार्ता के बाद छात्रों ने धरना समाप्त कर दिया।
केस नहीं दर्ज कराना चाहती पीड़ित छात्रा
गेट का ताला बंद कर हंगामा करते छात्र।
- फोटो : अमर उजाला
छेड़खानी की पीड़ित छात्रा केस दर्ज नहीं कराना चाहती है। छात्रा की दलील है कि अगर उसने केस दर्ज कराया तो ये बात परिवार वालों को पता चलेगी और उसकी पढ़ाई पर पाबंदी लग सकती है।
इसलिए वह ऐसा जोखिम नहीं उठाना चाहती। छेड़खानी मामले में दूसरे दिन भी आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न होने के सवाल पर कुलपति ने भी यही कहा कि छात्रा रिपोर्ट नहीं लिखाना चाहती।
लिहाजा पुलिस थाने में कोई तहरीर नहीं दी गई है। कुलपति प्रो. राजाराम यादव का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन आंतरिक सुरक्षा प्रबंध को और मजबूत कर रहा है।
कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने शनिवार को धरने पर बैठे विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं से वार्ता के दौरान कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में बाहरी तत्वों की ओर से विश्वविद्यालय की छवि खराब करने की कोशिश की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है।
विश्वविद्यालय के प्राक्टोरियल बोर्ड, सुरक्षाकर्मी, शिक्षक एवं अधिकारी इसे लेकर चौकस हैं। ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए ठोस पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस घटना के पीछे विश्वविद्यालय का माहौल बिगाड़ने की कोशिश से इनकार नहीं किया जा सकता।
इसलिए वह ऐसा जोखिम नहीं उठाना चाहती। छेड़खानी मामले में दूसरे दिन भी आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न होने के सवाल पर कुलपति ने भी यही कहा कि छात्रा रिपोर्ट नहीं लिखाना चाहती।
लिहाजा पुलिस थाने में कोई तहरीर नहीं दी गई है। कुलपति प्रो. राजाराम यादव का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन आंतरिक सुरक्षा प्रबंध को और मजबूत कर रहा है।
कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने शनिवार को धरने पर बैठे विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं से वार्ता के दौरान कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में बाहरी तत्वों की ओर से विश्वविद्यालय की छवि खराब करने की कोशिश की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है।
विश्वविद्यालय के प्राक्टोरियल बोर्ड, सुरक्षाकर्मी, शिक्षक एवं अधिकारी इसे लेकर चौकस हैं। ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए ठोस पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस घटना के पीछे विश्वविद्यालय का माहौल बिगाड़ने की कोशिश से इनकार नहीं किया जा सकता।