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कुप्रबंधन और अव्यवस्था पर भारी पड़ गई जनता की आस्था : अजय राय
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कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि आमजन का ईश्वर के प्रति तथा संगम के प्रति जो अगाध श्रद्धा और आस्था थी, वह सरकार की बदइंतजामी पर भारी पड़ी। मौनी अमावस्या के हादसे के बाद भी सरकार ने हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा करवाकर हजारों लोगों के आंसुओं का उपहास उड़ाया। इससे बड़ा उदाहरण और क्या दिया जा सकता है इनकी संवेदना का।
बृहस्पतिवार को लहुराबीर स्थित आवास पर प्रेसवार्ता में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कुंभ में जो कुछ हुआ उसका हमें दुख और अफसोस है। सबसे अधिक दुख सरकार के असंवेदनशील कार्यकलाप को लेकर है। कुंभ में जो हादसा हुआ उसके लिए सरकार की वीवीआईपी कल्चर नीति जिम्मेदार थी। जनता के लिए कोई इंतजाम नहीं था। खुद प्रदेश का बड़ा पुलिस अधिकारी अपनी पीठ थपथपा कर कह रहा है कि कुंभ के आयोजन को हमने सफल कर दिया। फिर हादसे में हताहत लोगों का क्या हुआ ?
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प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बनारस समेत पूरे प्रदेश में जिस तरह के हालात बना दिए गए हैं, उसे देखकर लगता है कि सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं रह गई है। शहर में कई विकास योजनाएं स्थानीय प्रशासन की देखरेख में होने के बाद भी सवालों के घेरे में हैं। बनारस में सिर्फ और सिर्फ घोटालों की योजना चल रही है। मैंने इन सभी योजनाओं के शुरू होते वक्त ही इनके औचित्य पर प्रश्नचिह्न लगाया था, जो आज सच साबित हो रही हैं। रोपवे जैसी योजनाएं बनारस जैसे प्राचीन घने आबादी वाले शहर के लिए कहीं से भी उपयुक्त नहीं है। अजय राय ने कहा कि सरकार नाम बदलकर इतिहास नहीं बदल सकती। अभी हाल ही में गाजीपुर में अमर शहीद अब्दुल हमीद के नाम पर स्कूल का नाम बदलने का षड्यंत्र हो या फिर बनारस में महान क्रांतिकारी पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. संपूर्णानंद के नाम पर बने स्टेडियम का नाम बदलने का या फिर कैंट स्टेशन के पास स्थित महान क्रांतिकारी पूर्व रेलमंत्री तथा पूर्व मुख्यमंत्री पंडित कमलापति त्रिपाठी की प्रतिमा स्थल के पास अवैध कब्जा करने का मामला हो। यह सब कार्य कर आप अपना इतिहास नहीं बदल सकते । इतिहास बदलने के लिए कुर्बानियां देनी पड़ती हैं। इस दौरान राजेश्वर सिंह पटेल, राघवेंद्र चौबे, प्रमोद पांडेय, गुलशन अली उपस्थित थे ।
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