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घर से ही मरीजों की सेवा का पूरा कर रहे सपना

Wed, 22 Apr 2020 12:45 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 22 Apr 2020 12:45 AM IST
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pro, nn khanna
वाराणसी। डाक्टर और मरीजों के बीच एक दोस्त का रिश्ता होता है। डाक्टर के लिए मरीज की सेवा ही सब कुछ होता है। इसके लिए चाहे कोई भी बंदिश हो, वह सेवा के संकल्प को पूरा करने में लगे रहते हैं। ऐसे में बीएचयू सर्जरी विभाग से सेवानिवृत्त प्रोफेसर और पद्मश्री प्रो. एनएन खन्ना मरीजों की सेवा के संकल्प को पूरा करने को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं हैं।
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कोरोना वायरस की वजह से चल रहे लॉकडाउन में भी प्रोफेसर खन्ना घर से ही मरीजों और डाक्टरों को रोजाना फोन पर परामर्श दे रहे हैं। उनका कहना है कि अब तो समय भी अधिक है और मरीजों की सेवा में जो सुकून मिलता है वो कही और नहीं। इसके अलावा परिवार को भी पूरा समय दे रहे हैं। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए चल रहे लॉकडाउन में लोग अपने घरों में हैं और यहीं से सेवा, समर्पण की मुहिम में लगे हैं। हर कोई अपने समय का सदुपयोग करने में लगा है। प्रोफेसर एनएन खन्ना भी जब से लॉकडाउन हुआ है, तभी से रोजाना मरीजों को फोन पर सुझाव देने में लगे हुए हैं। बीएचयू के सर्जरी विभाग में सेवा देने के बाद प्रोफेसर खन्ना माता आनंदमई आश्रम में भी मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं। लॉकडाउन से इन दिनों वह आश्रम तो नहीं जा पा रहे हैं, लेकिन मरीजों के इलाज से जुड़ी हर जानकारी साझा करने में लगे हैं।
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प्रोफेसर खन्ना बोले, लॉकडाउन बेहतर विकल्प
प्रोफेसर एनएन खन्ना कहते हैं कि कोरोना वायरस से संक्रमण की इस जंग को जीतने के लिए लॉकडाउन बेहतर विकल्प है। लोगों को घर में ही रहकर कोरोना को हराना चाहिए। उनका कहना है कि अगर कोई घर में है तो भी अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन कर सकता है। बताया कि आज भी रोजाना 10 से 15 मरीजों के फोन आने के बाद उन्हें ऑनलाइन परामर्श और रेजिडेंट को सर्जरी की विधि बताने के बाद बहुत संतुष्टि मिलती है।
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हर सुबह बागवानी में चिड़ियों को देते हैं दाना
प्रोफेसर खन्ना के बेटे और आईएमएस बीएचयू के सर्जरी विभाग में डाक्टर राहुल खन्ना का कहना है कि 84 साल की उम्र में भी पिताजी अपनी सेहत का पूरा ख्याल रखते हैं। घर के लॉन में बागवानी और पशु पक्षियों से प्रेम करने का उनका बहुत लगाव है। सुबह योगासन करने के बाद आधे घंटे तक बागवानी में भी पूरा काम करते हैं और घर के लॉन में आने वाली चिड़िया को भी दाना खिलाना नहीं भूलते। अगर सामने से कोई गाय, कुत्ता आदि जाता दिखाई दे तो उसे भी रोटी जरूर खिलाते हैं।

इसी साल जनवरी में मिला था पद्मश्री
प्रोफेसर खन्ना को सरकार ने इसी साल 26 जनवरी को सर्जरी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए पद्मश्री की उपाधि से नवाजा था। प्रोफेसर खन्ना के 100 से भी अधिक विद्यार्थी आज देश-विदेश के नामीगिरामी संस्थानों में अपनी सेवा दे रहे हैं।
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