वाराणसी: घंटों धूप में खड़े रहे समर्थक, नहीं पहुंचीं प्रियंका, आचार्य प्रमोद कृष्णन, मोहन प्रकाश और पूर्व सांसद ने निकाला रोड शो
मालवीय प्रतिमा से गोदौलिया तक रोड शो शुरू होने पर जगह-जगह समर्थकों ने पुष्प वर्षा की। हालांकि प्रियंका के न आने से समर्थकों में मायूसी हुई।
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वाराणसी कैंट विधानसभा क्षेत्र में दमखम दिखाने के लिए शनिवार को लंका स्थित मालवीय प्रतिमा से गोदौलिया तक कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का रोड शो होना था। घंटों कड़ी धूप में इंतजार करने के बाद जब प्रियंका नहीं आईं तो समर्थक निराश हो उठे।
सुबह से तैयारियों में जुटे कांग्रेसियों और समर्थकों की निराशा को दूर करने के लिए आचार्य प्रमोद कृष्णन, कांग्रेस प्रवक्ता मोहन प्रकाश और पूर्व सांसद डॉ. राजेश मिश्र ने रोड शो की शुरुआत की। कांग्रेस के रोड शो की शुरुआत 3.50 बजे महामना की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई।
लंका, अस्सी, सोनारपुरा, मदनपुरा के रास्ते गोदौलिया तक रोड शो में समर्थकों ने फूल बरसाए। इस दौरान प्रियंका के नहीं आने की चर्चाएं भी चलती रहीं। रोड शो में महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, जितेंद्र सेठ, विश्वविजय सिंह मौजूद रहे।
भाजपा कार्यकर्ता की गाड़ी पर लगे झंडे को तोड़ा
बीएचयू सिंहद्वार पर कांग्रेसी और भाजपा कार्यकर्ता आमने सामने आ गए। पार्टी का झंडा टूटने पर दोनों के बीच कहासुनी होने लगी। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने बीचबचाव कर मामले को शांत कराया।
भाजपा के दबाव में नहीं उतरने दिया प्रियंका का हेलीकॉप्टर : चौबे
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के रोड शो में नहीं आने पर राजनीति शुरू हो गई है। महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन से कांग्रेस महासचिव के रोड शो के लिए तीन से पांच बजे तक की अनुमति मांगी गई थी।
दरअसल, जौनपुर में एक बजे का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था। भाजपा के दबाव में प्रियंका गांधी के रोड शो का समय बदला गया और हेलीकॉप्टर नहीं उतरने दिया गया। इसका जवाब जनता जरूर देगी।
जिलाधिकारी बोले, न उड़ाएं अफवाह
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के आगमन को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म रहा। कुछ लोगों ने यह अफवाह उड़ाई कि जिला प्रशासन द्वारा कांग्रेस नेता के हेलीकाप्टर को उतरने की अनुमति नहीं दी, जिसकी वजह से वह नहीं आ सकीं। जिस पर डीएम ने अफवाह नहीं उड़ाने की सलाह दी।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि हेलीकाप्टर की अनुमति पीएसी रामनगर ग्राउंड हेतु आज सुबह 10 बजे एप्लीकेशन द्वारा मांगी गई थी। न्यूनतम समय में रिपोर्ट प्राप्त कर दोपहर 12 बजे कैंट विधानसभा के एआरओ द्वारा ऑनलाइन जारी कर दी गई थी।
हेलीकाप्टर को एक बजे उतरना था जो वहां अनुमति के बावजूद आया ही नहीं। नियम के अनुसार अनुमति के लिए 24 घंटे पहले आवेदन करना होता है। बावजूद इसे समय से जारी कर दिया गया था। पूरे प्रचार के दौरान एक भी हेलीकाप्टर की अनुमति को निरस्त नहीं किया गया।