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Varanasi News: मानसिक अस्पताल से दोपहर में भागा बंदी, किसी को भनक तक नहीं लगी, भाई को फोन किया तो शाम में पकड़ाया
Mon, 20 Jun 2022 12:12 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Mon, 20 Jun 2022 12:12 PM IST
सार
वाराणसी जिला जेल में बंद हत्या के आरोप में बंद संतोष मौर्य को मानसिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार की दोपहर वह अस्पताल के मुख्य द्वार से बाहर निकल गया और किसी को भनक तक नहीं लगी।
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वाराणसी के पांडेयपुर स्थित मानसिक चिकित्सालय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वाराणसी के पांडेयपुर स्थित मानसिक चिकित्सालय से रविवार की दोपहर में एक बंदी के फरार होने से अफरातफरी मच गई। वह हत्या के आरोप में चार साल से जेल में बंद है। उसे 11 जून से ही उसे मानसिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घंटों तलाश के बाद बंदी शाम को मिला तो उसे अस्पताल पहुंचाया गया। तब जाकर अस्पताल कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।
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चंदौली जिले के सैयदराजा नौबतपुर तेजोपुर निवासी संतोष मौर्य पिछले चार साल से दहेज हत्या के मुकदमे में वाराणसी जिला जेल में बंद है। उस पर पत्नी को जलाकर मारने का आरोप है। उसे 11 जून 22 को ही मानसिक चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। रविवार की दोपहर वह अस्पताल के मुख्य द्वार से बाहर निकल गया और किसी को भनक तक नहीं लगी।
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अस्पताल से निकलने के बाद फुलवरिया जाकर किसी के मोबाइल से अपने भाई विनोद मौर्या के मोबाइल नंबर पर फोन कर अस्पताल से वापस ले जाने की बात कही। संतोष ने भाई से बातचीत में अस्पताल में मारने-पीटने की शिकायत भी की। सूचना पर भाई विनोद मौर्या सैयदराजा से अपने फूफा सीताराम मौर्या को लेकर फुलवरिया पहुंचे और संतोष को वापस मानसिक चिकित्सालय में लाकर भर्ती करा दिया।
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