{"_id":"5b6d52d64f1c1bf6548b7a3e","slug":"prisoner-commit-suicide-in-district-jail-in-bhadohi","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"भदोही जेल के शौचालय में लटका मिला बंदी का शव, इस जुर्म में चार दिन पूर्व भेजा गया था जेल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भदोही जेल के शौचालय में लटका मिला बंदी का शव, इस जुर्म में चार दिन पूर्व भेजा गया था जेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भदोही
Updated Sat, 11 Aug 2018 10:03 AM IST
विज्ञापन
भदोही का जिला कारागार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आबकारी एक्ट में निरुद्ध एक विचाराधीन बंदी का शव शुक्रवार को भदोही जिला कारागार के शौचालय में गमछे से लटकता मिला। चार दिन पूर्व उसे जेल भेजा गया था। एसडीएम की निगरानी में शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। डीएम, एसपी ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। फिलहाल प्रशासनिक अधिकारी इसे आत्महत्या मानकर जांच कर रहे हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें...
bhadohi jail
- फोटो : अमर उजाला
औराई के बाबूसराय निवासी फिरोज हाशमी (22) वाराणसी के चोलापुर थानाक्षेत्र के भगतुआ गांव का निवासी था। करीब दो दशक से पूरा परिवार उसके ननिहाल बाबूसराय में रहता है। औराई पुलिस ने 10 दिन पूर्व उसे अवैध शराब और साइकिल चोरी के आरोप में पकड़ा था। उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करने के बाद चार दिन पहले जेल भेजा गया था। उसे बैरक नंबर छह में रखा गया था। शुक्रवार की दोपहर करीब साढ़े 12 बजे उसका शव शौचालय में लटकता मिला।
bhadohi jail
- फोटो : अमर उजाला
डीएम राजेंद्र प्रसाद, एसपी राजेश एस, एएसपी डॉ. संजय कुमार ने जेल परिसर का मुआयना किया। एसडीएम अमृता सिंह की देखरेख में शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। एसडीएम ने कहा कि मामले की रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है। फिरोज ने आत्महत्या की है या मामला कुछ और है, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा, लेकिन प्रशासन इसे आत्महत्या मान कर चल रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का दिख रहा है। फिर भी जांच कराई जाएगी। अगर कोई दोषी मिला, तो कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
suicide demo
जिला कारागार में बंदी फिरोज हाशमी की मौत पर उसके मामा मुख्तार हाशमी ने सवाल उठाया है। कहा कि 10 दिन पूर्व औराई थाने की पुलिस ने मारपीट के मामूली विवाद में उसे साजिश के तहत शराब में फंसा दिया। प्रशासन की ओर से जेल परिसर में परिवार वालों को घुसने नहीं दिया गया। घटना से परिवार वाले सदमे में हैं।
मुख्तार हाशमी का कहना है कि फिरोज अबतक न तो कभी वह जेल गया और न ही वह आपराधिक प्रवृत्ति का था।
विज्ञापन
suicide
दस दिन पूर्व मौर्य बस्ती से हुए विवाद के बाद पुलिस उसे उठा ले गई और आबकारी एक्ट में फर्जी तरीके से फंसा दिया। वह काफी हिम्मती था। उसके फांसी लगाने की बात गले नहीं उतर रही है। चार साल पूर्व वाराणसी के बजरडीहा में उसकी आसमीन के साथ शादी हुई थी। पखवारे भर पूर्व उसकी पत्नी मायके चली गई थी। मुख्तार ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।