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काशी से और गहरा हुआ पीएम मोदी का नाता, बनारस में कई बड़ी परियोजनाओं को लगे पंख
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 27 Dec 2017 02:24 PM IST
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इयर इंडर
- फोटो : file photo
2014 के लोकसभा चुनाव के बाद बातौर सासंद काशी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जो नाता जुड़ा, उसे गुजरते साल 2017 ने एक नई ऊंचाई दी। यह साल भाजपा की उपलब्धियों से कहीं अधिक इसलिए जाना जाएगा कि पीएम मोदी के भरोसे को काशी ने पूरी शिद्दत से कायम रखा। आगे की स्लाइड्स देखें...
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साल की शु्रुआत के साथ जिस धमाकेदार अंदाज में विधानसभा चुनाव में पीएम मोदी के आह्वान पर सभी आठों विधानसभा सीटें भाजपा की झोली में डाल दी, कुछ वैसा ही शानदार अंदाज काशीवाशियों ने दिखाया साल के अखिरी में हुए निकाय चुनाव में लगातर पांचवी बार नगर निगम की कमान भाजपा को सौंप दी। वहीं पीएम मोदी के प्रयासों से गुजरता साल काशीवासियों को कई बड़ी परियोजनाओं की सौगात दे गया।
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पीएम लगातार काशी के विकास की चिंता करते रहते हैं। अक्सर कहते थे कि केंद्र योजनाओं में राज्य सरकार अड़गे लगा रही है। जैसे ही विधानसभा चुनाव में जीत मिली वैसे ही काशी के विकास की गति को बढ़ाने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ से बातचीत की। लंबे समय से सामनेघाट और बलुआ पुल को चालू कराने की दिशा में सार्थक प्रयास हुआ। इस साल इन दोनों पुलों को चालू कराके न केवल रामनगर और लंका बल्कि चंदौली से बनारस की दूरी कम हुई।
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पीएम ने स्वदेशी को बढ़ावा दिया। इसके लिए आनुषांगिक संगठन स्वदेशी जागरण मंच को लगाया गया। भारत माता मंदिर से 28 जून को स्वदेशी संकल्प यात्रा के जरिए लोगों को स्वदेशी मे प्रति जागरूक किया गया। इसके बाद स्वदेशी मेला लगाकर लोगों को देशी और विदेशी सामान के बारे में जानकारी दी गई। मेड बाई इंडिया के लिए सेमिनार का आयोजन किया गया।
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पीएम ने पंडित दीनदयाल को राष्ट्रीय फलक पर पहुंचाने का काम किया। अपने संसदीय क्षेत्र में पूरे साल भर तक विभिन्न आयोजनों के जरिए पंडित दीनदयाल को याद किया गया। पहले जहां लोग दीनदयाल के नाम को नहीं जानते थे। आज बच्चा बच्चा पंडित दीनदयाल को जानने लगा है। 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म शताब्दी समारोह काशी के साथ पूरे देश में मनाया गया।