तीर्थ पुरोहित दंपती हत्याकांड: 20 गवाह, 92 साक्ष्य, 170 पेज का फैसला, चार को मिली उम्रकैद; जानें- पूरा मामला
Varanasi News: अदालत ने तीर्थ पुरोहित दंपती हत्याकांड में फैसला सुनाया। इस दौरान चार आरोपियों को उम्रकैद की सजा मिली। जबकि दो को पांच- पांच साल की सजा हुई।
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फास्ट ट्रैक (द्वितीय) सुनील कुमार की अदालत ने पिशाचमोचन के तीर्थ पुरोहित कृष्ण कुमार उपाध्याय व ममता उपाध्याय की संपत्ति विवाद और जजमानी के लालच में करीब छह साल पहले की गई हत्या के मामले में बुधवार को फैसला सुनाया।
अदालत ने तीर्थ पुरोहित के छोटे भाई राजेंद्र उपाध्याय, भयोहू पूजा उपाध्याय, भतीजे रजत उपाध्याय और कर्मचारी रामविचार उपाध्याय को उम्रकैद की सजा सुनाई। दो दोषियों महेंद्र प्रताप राय व अच्छे उर्फ नजमुल हसन को पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई। अदालत ने कुल 170 पेज का फैसला सुनाया है। इस मामले में अभियोजन की तरफ से 20 गवाह और 92 तरह के साक्ष्य पेश किए।
तीर्थ पुरोहित के बेटे सुमित उपाध्याय की गवाही महत्वपूर्ण साबित हुई। अभियोजन की तरफ से अपराध को दुर्लभतम से दुर्लभतम बताकर दोषियों को फांसी की सजा देने की अपील की थी लेकिन अदालत ने दुर्लभतम नहीं माना और चार दोषियों को उम्रकैद, दो को पांच-पांच साल की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद एक दूसरे को देख पति-पत्नी और बेटा फूट-फूटकर रोने लगे। तीन अन्य दोषियों की आंखें भी डबडबा गईं।
अदालत ने सात जुलाई को सुनवाई पूरी की और हत्या में शामिल छह लोगों को दोषी करार दिया था। साथ ही फैसले के लिए नौ जुलाई (बुधवार) की तिथि तय की थी। बुधवार की दोपहर मामले की सुनवाई हुई और अदालत चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।
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अभियोजन के मुताबिक, अदालत ने दोषी राजेंद्र उपाध्याय को उम्रकैद व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। उसकी पत्नी पूजा उपाध्याय को उम्रकैद के साथ ही 21 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। बेटे रजत उपाध्याय को उम्रकैद के साथ ही 28 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
राम विचार को उम्रकैद मिली। 18500 रुपये जुर्माना भी लगा है। अदा करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। साक्ष्य छिपाने और उसे नष्ट करने के प्रयास में अच्छे हसन को पांच साल की कठोर कारावास व सात हजार रुपये जुर्माने और महेंद्र प्रताप राय को पांच साल की कठोर कारावास व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।