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उत्तरी भारत का प्रवेश द्वार बन रही काशी, आर्थिक केंद्र बनाने पर काम कर रही सरकारः राष्ट्रपति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 27 Mar 2018 10:18 AM IST
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
- फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि काशी से उत्तरी भारत को गंगा नदी के माध्यम से पूर्वी हिस्सों से जोड़ दिया गया है। सरकार शहर को एक आर्थिक केंद्र बनाने के लिए काम कर रही है। गंगा नदी के जरिए जलमार्ग से काशी को जोड़ा जा रहा है।
काशी उत्तरी भारत का प्रवेश द्वार बन रही है। काशी में पर्यटन के अवसर वढ़ रहे हैं। इससे रोजगार पैदा करेगा। कहा, आयोजन स्थल दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल से वाराणसी समेत पूर्वांचल में बुनकरों और अन्य विधाओं के कारीगरों को आय बढ़ाने और नौकरियां पैदा करने में मदद मिलेगी।
राष्ट्रपति ने कहा, काशी का सम्मान प्रतिभा से है। यहां वैदिक कर्मकांड और गंगा आरती देखी जा सकती है तो बीएचयू, आईआईटी और अन्य संस्थानों की आधुनिकतम प्रयोगशालाओं में शोध हो रहे हैं।
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प्राचीन परंपराओं के साथ-साथ आधुनिक बदलावों को अपनाने का समन्वय काशी की विशेषता है। कहा, पहली बार यहां के सांसद नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री का पद सुशोभित किया है। एक सांसद के रूप में पीएम मोदी काशी के विकास के लिए सतत प्रत्यनशील हैं। इसे विश्व के पटल पर लाकर खड़ा कर दिया। जल्दी ही काशी के निवासियों का जीवन सुविधाजनक हो जाएगा।
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काशी उत्तरी भारत का प्रवेश द्वार बन रही है। काशी में पर्यटन के अवसर वढ़ रहे हैं। इससे रोजगार पैदा करेगा। कहा, आयोजन स्थल दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल से वाराणसी समेत पूर्वांचल में बुनकरों और अन्य विधाओं के कारीगरों को आय बढ़ाने और नौकरियां पैदा करने में मदद मिलेगी।
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राष्ट्रपति ने कहा, काशी का सम्मान प्रतिभा से है। यहां वैदिक कर्मकांड और गंगा आरती देखी जा सकती है तो बीएचयू, आईआईटी और अन्य संस्थानों की आधुनिकतम प्रयोगशालाओं में शोध हो रहे हैं।
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प्राचीन परंपराओं के साथ-साथ आधुनिक बदलावों को अपनाने का समन्वय काशी की विशेषता है। कहा, पहली बार यहां के सांसद नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री का पद सुशोभित किया है। एक सांसद के रूप में पीएम मोदी काशी के विकास के लिए सतत प्रत्यनशील हैं। इसे विश्व के पटल पर लाकर खड़ा कर दिया। जल्दी ही काशी के निवासियों का जीवन सुविधाजनक हो जाएगा।
काशी को कई महापुरुषों ने किया प्रकाशित
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रपति ने कहा कि काशी को ज्ञान विवेक से कई महापुरुषों ने प्रकाशित किया है। महात्मा बुद्ध, आदि शंकराचार्य से गुरुनानक, संत कबीर, रविदास, तुलसीदास की तपस्थली है। काशी से पांच सपूतों ने भारतरत्न पाया। बताया, जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुयल मैक्रों को उन्होंने काशी से जुड़ी पुस्तक भेंट की थी।
अस्सी घाट से पीएम ने स्वच्छता का दिया संदेश
नमामि गंगे में एसटीपी पर काम शुरू है। घाटों की सुंदरता दिख रही है। पीएम मोदी ने अस्सी घाट से स्वच्छता का संदेश दिया। यहां से थोड़ी दूर विंध्यवासिनी मंदिर, बुद्धिस्ट सर्किट का हिस्सा है। हृदय और प्रसाद के तहत काम हो रहे हैं। पीएम आवास योजना के तहत गरीब परिवारों को आवास दिया जा रहा है।
सीएम से की आईपीडीएस की चर्चा की
राष्ट्रपति ने काशी में अंडरग्राउंड केबिल तारों की योजना पर सीएम योगी आदित्यनाथ से चर्चा की। कहा कि पहले जब बाबा विश्वनाथ मंदिर जाता था तो तार के जंजाल को देखकर डर लगता था। आईपीडीएस से बिजली चोरी और दुर्घटनाएं रुकेंगी। इस योजना की शुरुआत काशी से की गई है।
मंच पर इनकी मौजूदगी
मंच पर केंद्रीय सड़क परिवहन राज्यमंत्री मनसुख एल मांडविया, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल, प्रदेश के खेल मंत्री चेतन चौहान, सूचना राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, भाजपा प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, हरिद्वार समन्वय सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वामीअवधेशानंद गिरी, एनएचएआई के चेयरमैन दीपक कुमार, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष बलदेव भाई शर्मा के अलावा जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
अस्सी घाट से पीएम ने स्वच्छता का दिया संदेश
नमामि गंगे में एसटीपी पर काम शुरू है। घाटों की सुंदरता दिख रही है। पीएम मोदी ने अस्सी घाट से स्वच्छता का संदेश दिया। यहां से थोड़ी दूर विंध्यवासिनी मंदिर, बुद्धिस्ट सर्किट का हिस्सा है। हृदय और प्रसाद के तहत काम हो रहे हैं। पीएम आवास योजना के तहत गरीब परिवारों को आवास दिया जा रहा है।
सीएम से की आईपीडीएस की चर्चा की
राष्ट्रपति ने काशी में अंडरग्राउंड केबिल तारों की योजना पर सीएम योगी आदित्यनाथ से चर्चा की। कहा कि पहले जब बाबा विश्वनाथ मंदिर जाता था तो तार के जंजाल को देखकर डर लगता था। आईपीडीएस से बिजली चोरी और दुर्घटनाएं रुकेंगी। इस योजना की शुरुआत काशी से की गई है।
मंच पर इनकी मौजूदगी
मंच पर केंद्रीय सड़क परिवहन राज्यमंत्री मनसुख एल मांडविया, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल, प्रदेश के खेल मंत्री चेतन चौहान, सूचना राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, भाजपा प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, हरिद्वार समन्वय सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वामीअवधेशानंद गिरी, एनएचएआई के चेयरमैन दीपक कुमार, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष बलदेव भाई शर्मा के अलावा जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
काशी में 7:20 घंटे रहे राष्ट्रपति
बाबतपुर एयरपोर्ट पर सीएम योगी व राज्यपाल ने की आगवानी
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद वायुसेना के विशेष विमान से सुबह 11:09 बजे लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचे। काशी में 7:20 घंटे के प्रवास के दौरान हस्तकला संकुल में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद शाम 6:02 बजे राष्ट्रपति दिल्ली रवाना हो गए।
एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति का स्वागत राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मछलीशहर के सांसद रामचरित्र निषाद ने किया। जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर, महापौर मृदुला जायसवाल राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य और क्षेत्रीय विधायक डॉ. अवधेश सिंह मौजूद रहे। इससे पहले राज्यपाल 10:42 बजे और मुख्यमंत्री 10:30 बजे एयरपोर्ट पहुंचे थे।
उधर, इस दौरान वीवीआईपी के कार्यक्रम स्थलों की ओर जाने वाले मार्गों को छोड़कर शहर के अन्य हिस्सों में यातायात व्यवस्था के इंतजाम ध्वस्त हो गए। राष्ट्रपति की फ्लीट जब बड़ा लालपुर से सर्किट हाउस आई और लौटी तो उसके आगे बढ़ते ही पीछे के चौराहों-तिराहों पर जाम लग रहा था। कारण, सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मी फ्लीट के आगे बढ़ते ही ड्यूटी प्वाइंट से गायब हो गए थे।
एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति का स्वागत राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मछलीशहर के सांसद रामचरित्र निषाद ने किया। जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर, महापौर मृदुला जायसवाल राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य और क्षेत्रीय विधायक डॉ. अवधेश सिंह मौजूद रहे। इससे पहले राज्यपाल 10:42 बजे और मुख्यमंत्री 10:30 बजे एयरपोर्ट पहुंचे थे।
उधर, इस दौरान वीवीआईपी के कार्यक्रम स्थलों की ओर जाने वाले मार्गों को छोड़कर शहर के अन्य हिस्सों में यातायात व्यवस्था के इंतजाम ध्वस्त हो गए। राष्ट्रपति की फ्लीट जब बड़ा लालपुर से सर्किट हाउस आई और लौटी तो उसके आगे बढ़ते ही पीछे के चौराहों-तिराहों पर जाम लग रहा था। कारण, सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मी फ्लीट के आगे बढ़ते ही ड्यूटी प्वाइंट से गायब हो गए थे।