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राष्ट्रपति ने किया NHAI की पांच परियोजनाओं का शिलान्यास, कम होगी काशी से कन्याकुमारी की दूरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 27 Mar 2018 12:40 AM IST
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हस्तकला संकुल में राष्ट्रपति
- फोटो : अमर उजाला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को कन्याकुमारी से जोड़ने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने एनएचएआई की पांच परियोजनाओं का शिलान्यास किया। सोमवार को बड़ा लालपुर स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने कहा कि काशी को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए परियोजनाएं कारगर सिद्ध होंगी।
इस मौके पर एनएचएआई की ओर से एक फिल्म राष्ट्रपति को दिखाई गई। उधर, रिंग रोड के पहले चरण में गाजीपुर के संदहा से जौनपुर के हरहुआ तक काम लगभग पूरा हो चुका है। सोमवार को दूसरे चरण के कार्य का शिलान्यास राष्ट्रपति ने किया।
वाराणसी-हनुमना राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच सेवन) के फोरलेन होने के बाद काशी से कन्याकुमारी की दूरी लगभग ढाई घंटे कम हो जाएगी। इससे दक्षिण भारत से आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय शिल्प के कारोबार में चार चांद लग सकते हैं।
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को एनएच-7 को फोरलेन करने के कार्य का शिलान्यास किया। दक्षिण भारत के विभिन्न हिस्सों से मध्य प्रदेश तक की सड़कें फोरलेन हैं।
उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने पर दो लेन की संकरी और गड्ढायुक्त सड़कों के कारण श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ जाती है। वाराणसी से हनुमना तक 140 कलोमीटर का रास्ता तय करने में पांच घंटे से ज्यादा लगता है।
राष्ट्रीय राजमार्ग सात: वाराणसी, चुनार, मिर्जापुर, लालगंज, हनुमना, मऊगंज, रीवा, अमरपाटन, मैहर, जुकेही, कटनी, सिहोरा, जबलपुर, बर्गी, हुल्की होते हुए नागपुर, अदीलाबाद, हैदराबाद, बंगलुरु, मदुरै, तिरुमंगलम से कन्याकुमारी।
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इस मौके पर एनएचएआई की ओर से एक फिल्म राष्ट्रपति को दिखाई गई। उधर, रिंग रोड के पहले चरण में गाजीपुर के संदहा से जौनपुर के हरहुआ तक काम लगभग पूरा हो चुका है। सोमवार को दूसरे चरण के कार्य का शिलान्यास राष्ट्रपति ने किया।
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वाराणसी-हनुमना राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच सेवन) के फोरलेन होने के बाद काशी से कन्याकुमारी की दूरी लगभग ढाई घंटे कम हो जाएगी। इससे दक्षिण भारत से आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय शिल्प के कारोबार में चार चांद लग सकते हैं।
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को एनएच-7 को फोरलेन करने के कार्य का शिलान्यास किया। दक्षिण भारत के विभिन्न हिस्सों से मध्य प्रदेश तक की सड़कें फोरलेन हैं।
उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने पर दो लेन की संकरी और गड्ढायुक्त सड़कों के कारण श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ जाती है। वाराणसी से हनुमना तक 140 कलोमीटर का रास्ता तय करने में पांच घंटे से ज्यादा लगता है।
राष्ट्रीय राजमार्ग सात: वाराणसी, चुनार, मिर्जापुर, लालगंज, हनुमना, मऊगंज, रीवा, अमरपाटन, मैहर, जुकेही, कटनी, सिहोरा, जबलपुर, बर्गी, हुल्की होते हुए नागपुर, अदीलाबाद, हैदराबाद, बंगलुरु, मदुरै, तिरुमंगलम से कन्याकुमारी।
प्रतिदिन 28 किमी बन रहा नेशनल हाईवे
केंद्रीय सड़क परिवहन राज्यमंत्री मनसुख एल मांडविया ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है। 2014 में जब सरकार बनी थी तो 68 साल में नेशनल हाईवे 91 हजार किलोमीटर था। 2022 तक एक लाख किमी और बनाने का लक्ष्य है।
अब तक 31 हजार किमी नेशनल हाईवे बन चुका है। 57 हजार किमी नेशनल हाईवे का एप्रूवल दिया गया है। पहले प्रतिदिन आठ किमी नेशनल हाईवे बनते थे। अब रोजाना 28 किमी नेशनल हाईवे बन रहा है।
कहा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी बदल रहा है। यूपी में पहले 7600 किमी नेशनल हाईवे था। चार साल में यूपी में 111 किलोमीटर नेशनल हाईवे बनाए गए हैं। यूपी में इस समय नेशनल हाईवे की लंबाई 13340 किलोमीटर है।
एनएच 7 में वाराणसी-हनुमना खंड: वाराणसी से 15.100 किमी से हनुमना (मध्य प्रदेश) सीमा तक 140.265 किमी फोरलेन और उन्नयन।
पैकेज एक: किमी 15.100 से किमी 49.100
पैकेज दो: किमी 49.100 से किमी 96.800
पैकेज तीन: किमी 96.800 से किमी 140.265
कुल लंबाई 125.165 किमी
लागत: 2118 करोड़ रुपये
मुख्य सेतु: 9
लघु सेतु: 40
बाईपास: 7
आरओबी: 1
अंडरपास: 41
सर्विस रोड: 4.6 किमी
टोल प्लाजा: 2
----
वाराणसी रिंग रोड फेज टू: फोरलेन सड़क का निर्माण
पैकेज वन: किमी 0 से किमी 16.400
पैकेज टू: किमी 30.600 से किमी 57.320 तक
कुल लंबाई: 44.25 किमी
लागत: 1355 करोड़ रुपये
मुख्य सेतु: 2
आरओबी: 3
फ्लाईओवर: 4
अंडरपास: 19
सर्विस रोड: 34.93 किमी
अब तक 31 हजार किमी नेशनल हाईवे बन चुका है। 57 हजार किमी नेशनल हाईवे का एप्रूवल दिया गया है। पहले प्रतिदिन आठ किमी नेशनल हाईवे बनते थे। अब रोजाना 28 किमी नेशनल हाईवे बन रहा है।
कहा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी बदल रहा है। यूपी में पहले 7600 किमी नेशनल हाईवे था। चार साल में यूपी में 111 किलोमीटर नेशनल हाईवे बनाए गए हैं। यूपी में इस समय नेशनल हाईवे की लंबाई 13340 किलोमीटर है।
एनएच 7 में वाराणसी-हनुमना खंड: वाराणसी से 15.100 किमी से हनुमना (मध्य प्रदेश) सीमा तक 140.265 किमी फोरलेन और उन्नयन।
पैकेज एक: किमी 15.100 से किमी 49.100
पैकेज दो: किमी 49.100 से किमी 96.800
पैकेज तीन: किमी 96.800 से किमी 140.265
कुल लंबाई 125.165 किमी
लागत: 2118 करोड़ रुपये
मुख्य सेतु: 9
लघु सेतु: 40
बाईपास: 7
आरओबी: 1
अंडरपास: 41
सर्विस रोड: 4.6 किमी
टोल प्लाजा: 2
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वाराणसी रिंग रोड फेज टू: फोरलेन सड़क का निर्माण
पैकेज वन: किमी 0 से किमी 16.400
पैकेज टू: किमी 30.600 से किमी 57.320 तक
कुल लंबाई: 44.25 किमी
लागत: 1355 करोड़ रुपये
मुख्य सेतु: 2
आरओबी: 3
फ्लाईओवर: 4
अंडरपास: 19
सर्विस रोड: 34.93 किमी
छाछ और टमाटर के शोरबे से हुआ राष्ट्रपति का स्वागत
बाबतपुर एयरपोर्ट पर सीएम योगी व राज्यपाल ने की आगवानी
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार दोपहर सर्किट हाउस में बनारसी व्यंजनों का लुत्फ उठाया। तीनों वीवीआईपी और उनके साथ आए 60 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत मसाला छाछ और टमाटर के शोरबे से किया गया। इसके साथ ही भोजन के बाद अंत में लांचा, रसमलाई और मौसमी फल परोसे गए।
खानपान की जिम्मेदारी ताज होटल के एक्जीक्यूटिव अनूप गुप्ता ने बताया कि भोजन में हरे चने की घुघरी, बनारसी कढ़ी-पकौड़ी, पनीर टकाटक, आलू दम बनारसी, परवल की भुजिया, दाल, गोभी-मटर की तहरी, दहीबड़ा, मल्टी ग्रेन रोटी और मिस्सी रोटी परोसी गई।
खानपान की जिम्मेदारी ताज होटल के एक्जीक्यूटिव अनूप गुप्ता ने बताया कि भोजन में हरे चने की घुघरी, बनारसी कढ़ी-पकौड़ी, पनीर टकाटक, आलू दम बनारसी, परवल की भुजिया, दाल, गोभी-मटर की तहरी, दहीबड़ा, मल्टी ग्रेन रोटी और मिस्सी रोटी परोसी गई।