काशी को स्मार्ट सिटी बनाने तैयारी शुरू, 2022 में जनता को मिलेगी 1000 करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात
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बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी को स्मार्ट सिटी में तब्दील करने की योजना के तहत काम शुरू हो गया है। दिसंबर 2021 तक इन योजनाओं का काम पूरा होगा। 2022 में शहरवासियों को इनकी सौगात मिलेगी। इन योजनाओं पर 1000 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
पुराने शहर को सुरम्य, संयोजित, निर्मल व एकीकृत बनाया जाएगा। स्मार्ट सिटी योजना के लिए बनारस के नौ क्षेत्रों में काम चल रहा है। बाबा विश्वनाथ मंदिर के आसपास के क्षेत्रों को ही लोगों ने प्राथमिकता दी, जिसके आधार पर इस क्षेत्र का चयन किया गया है। समूचे बनारस में ई-गवर्नेंस और इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट को प्राथमिकता के तौर पर लागू किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी का हिस्सा समूचे शहर को नई सुविधाओं से लैस करेगा।
घाटों व मंदिरों के पुनरुद्धार, पेयजल व बिजली की निर्बाध आपूर्ति, कूड़ा प्रबंधन और नदी मार्ग को विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। क्षेत्र के चिह्नित पार्क, कम जगह में मल्टी लेवल पार्किंग, कल्चर कम कन्वेंशन सेंटर, और टाऊन हाल को स्मार्ट बनाया जाएगा। क्षेत्र में शिल्पी हाट, सेंटर आफ एक्सलेंस विद हाल ऑफ फेम, लाइट एंड साउंड शो, नाइट बाजार के साथ पुराने जलाशयों व पोखरों का पुनरुद्धार कर उन्हें नया रूप दिया जाएगा।
योजनाएं-
गौदौलिया चौराहे पर पार्किंग :
21.17 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे पार्किंग का 60 प्रतिशत काम हो गया है। इसके बनने से वाहनों के पार्किंग की समस्या का समाधान होगा।
मछोदरी स्कूल निर्माण :
14.21 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे स्मार्ट स्कूल का काम 40 प्रतिशत से अधिक हो गया है। इसके बनने से आसपास के आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को कांवेंट शिक्षा मिलेगी।
पांच तालाबों का कायाकल्प :
15.40 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे तालाबों का सुंदरीकरण का कार्य कराया जा रहा है। 50 प्रतिशत तक काम पूरा हो गया है। उसके बाद तालाबों का सुंदरीकरण होगा।
टाउनहॉल पार्किंग :
23.31 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे पार्किंग का 20 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। इसके बनने से मणिकर्णिका घाट पर आने वाले शवदाह यात्रियों के वाहनों की पार्किंग की सुविधा होगी।
बेनियाबाग पार्किंग :
90.41 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे पार्किंग का 15 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। इसके बनने से गोदौलिया आने वाले लोगों को वाहनों की पार्किंग में सुविधा मिलेगी।
पांच पार्कों का सुंदरीकरण :
4.45 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे पार्क का 15 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। इसके बनने से आसपास के लोगों को हरियाली के साथ सुंदर पार्क मिलेंगे।
छह वार्डों का कायाकल्प :
85.33 करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे गार्डों को माडल के रूप में विकसित किया जाएगा अब तक 20 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। उसी के आधार पर अन्य वार्डों का कायाकल्प होगा।
घाटों की मरम्मत :
11.88 करोड़ रुपये की लागत से घाटों को सुंदर बनाया जा रहा है। अब तक 20 प्रतिशत काम हो गया है। इसके बन जाने से पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा।
हेरिटेज साइनेज :
5.08 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे हेरिटेज साइनेज का 15 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। इसके बन जाने से यहां की जानकारी लोगों को होगी।
चौराहे पर जेब्रा क्रासिंग :
66 लाख रुपये की लागत से यातायात के लिए काम चल रहा है। अब तक 15 प्रतिशत काम पूरा हो गया है इसके बनने से यातायात में सुधार की उम्मीद है।
घाटों पर आडियो-वीडियो सिस्टम :
8.87 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे साउंड सिस्टम से बाहर से आने वाले पर्यटकों को मदद मिलेगी। अब तक 20 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।
सभी चौराहे पर एडवांस कैमरे :
128.04 करोड़ रुपये की लागत से एडवांस कैमरे लगाए जाएंगे। इससे दूर से ही नंबर प्लेट और व्यक्ति की पहचान करने में आसानी होगी। अब तक 25 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।
दशाश्वमेध पर पार्किंग :
26.58 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे पार्किंग का 15 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। इससे घाट की सुंदरता भी बढ़ेगी और बाहर से आने वाले पर्यटकों को मदद मिलेगी।
संपूर्णानंद स्टेडियम निर्माण :
133 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे स्टेडियम का 10 प्रतिशत काम हुआ है। इसके बनने से खिलाड़ियों को काफी मदद मिलेगी। यहां के युवाओं को भी फायदा होगा।
बिजली व्यवस्था की मानीटरिंग :
72 करोड़ रुपये से शहर की बिजली व्यवस्था की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी। कहीं भी बिजली जाएगी, इसकी सूचना तत्काल कंट्रोल को होगी। अब तक 10 प्रतिशत काम हुआ है।
चार्जिंग स्टेशन :
21.64 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे चार्जिंग स्टेशन के लिए जमीन का चिह्नीकरण हो गया है। 10 प्रतिशत काम हो गया है। इससे पर्यावरण को काफी फायदा होगा।