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कटु यथार्थ दिखा गया प्रेमचंद का नाटक ‘कफन’
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डीरेका गोकुल नगर कालोनी में रंगशील संस्था की ओर से आयोजित नाटक कफन का मंचन करते कलाकार । जावेद
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कटुतम यथार्थ दर्शा गया ‘कफन’
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। नाट्य संस्था रंगशीर्ष की ओर से मुक्ताकाशी रंगस्थल पर आयोजित कार्यक्रम में कलाकारों ने दो कहानियों का मंचन कर उनके भावों को दिखाया। इसमें कहानी बड़े भाई साहब और कफन पर नाटक का मंचन कर कलाकारों ने सभी को प्रेमचंद की याद दिलाई।
प्रेमचंद की 139वीं जयंती पर डीएल डब्ल्यू स्थित गोकुलनगर में आयोजित बहू-पत्नी के कफन के लिए मिले पैसे से शराब पीने वाले कटुतम यथार्थ पर आधारित मुंशी प्रेमचंद की कहानी कफन को द लिटिल मून अकादमी बसनी के कलाकारों ने बड़े ही रोचक भाव में मंचित किया। बालमुकुंद त्रिपाठी ने पिता घीसू की भूमिका निभाई तो बेटे माधव की भूमिका में निशांत सिंह ने सुंदर अभिनय किया। इसके अलावा सुरभि चौबे (बुधिया), अगस्त कुमार (ठाकुर) सहित अन्य कलाकारों ने मंचन किया। संगीत अर्णव राज का और प्रकाश-योजना अनिल तिवारी का रहा।
इससे पहले नाटक बड़े भाई साहब में प्रतिभा संपन्न छोटे भाई और पढ़ाई में कमजोर बड़े भाई के परिश्रम और अनुभव का दृश्य मंचित किया। रंगकर्मी गुंजन शुक्ला द्वारा संचालित और लकी सिंह के निर्देशन में मंचित नाटक में रंगकर्मी सुमित श्रीवास्तव ने छोटे भाई की भूमिका को दर्शाया। नाटक में संगीत निर्देशन आयुष सिंह और मंच से पर्दे तक अपनी अभिनय-प्रतिभा का लोहा उमेश भाटिया ने मनवाया।
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कटुतम यथार्थ दर्शा गया ‘कफन’
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। नाट्य संस्था रंगशीर्ष की ओर से मुक्ताकाशी रंगस्थल पर आयोजित कार्यक्रम में कलाकारों ने दो कहानियों का मंचन कर उनके भावों को दिखाया। इसमें कहानी बड़े भाई साहब और कफन पर नाटक का मंचन कर कलाकारों ने सभी को प्रेमचंद की याद दिलाई।
प्रेमचंद की 139वीं जयंती पर डीएल डब्ल्यू स्थित गोकुलनगर में आयोजित बहू-पत्नी के कफन के लिए मिले पैसे से शराब पीने वाले कटुतम यथार्थ पर आधारित मुंशी प्रेमचंद की कहानी कफन को द लिटिल मून अकादमी बसनी के कलाकारों ने बड़े ही रोचक भाव में मंचित किया। बालमुकुंद त्रिपाठी ने पिता घीसू की भूमिका निभाई तो बेटे माधव की भूमिका में निशांत सिंह ने सुंदर अभिनय किया। इसके अलावा सुरभि चौबे (बुधिया), अगस्त कुमार (ठाकुर) सहित अन्य कलाकारों ने मंचन किया। संगीत अर्णव राज का और प्रकाश-योजना अनिल तिवारी का रहा।
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इससे पहले नाटक बड़े भाई साहब में प्रतिभा संपन्न छोटे भाई और पढ़ाई में कमजोर बड़े भाई के परिश्रम और अनुभव का दृश्य मंचित किया। रंगकर्मी गुंजन शुक्ला द्वारा संचालित और लकी सिंह के निर्देशन में मंचित नाटक में रंगकर्मी सुमित श्रीवास्तव ने छोटे भाई की भूमिका को दर्शाया। नाटक में संगीत निर्देशन आयुष सिंह और मंच से पर्दे तक अपनी अभिनय-प्रतिभा का लोहा उमेश भाटिया ने मनवाया।
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