प्री-मानसून की एंट्री: काशी में बंगाल की काल वैशाखी और मानसूनी चौमासा जैसी आंधी-बारिश, गरजते बादलों ने डराया
Varanasi Weather: वाराणसी में मौसम का मिजाज बदल गया है। 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और 45 मिनट में 30 मिमी बारिश होने से मौसम सुहाना बना हुआ है।
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काशी में बंगाल की काल वैशाखी और मानसूनी चौमासा जैसी आंधी-बारिश हुई। शुक्रवार के ब्रह्म मुहूर्त में 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली, जबकि 45 मिनट में 30 मिलीमीटर बारिश हो गई। इसके चलते काशी शुक्रवार को प्रदेश का दूसरा सबसे कम गर्म जिला बन गया। हरदोई के 19.5 डिग्री सेल्सियस के बाद काशी का न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह धर्मशाला के 20.8 डिग्री और जम्मू के 24.7 डिग्री से भी काफी कम रहा।
शुक्रवार को भोर में चार बजे के बाद तेज हवा की डरावनी आवाज, बादलों की गर्जना और कड़कती बिजली ने दहशत में डाल दिया। हर कोई घरों में दुबककर बैठा रहा। मंदिरों से उठने वाले घंट-घड़ियाल की आवाज भी काफी देर बाद सुनाई दी। इस साल मई में तीसरी बार मौसम ने अपना तेवर बदला है।
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शुरुआत में सिहरन से हुई, बीच में आंच वाली गर्मी रही और अब बारिश के तेवर ने मई का मिजाज ठंडा कर दिया है। पिछले साल नौतपा की शुरुआत बारिश से हुई थी, मगर इस बार नौतपा का समापन बारिश से हो रहा है। वहीं 2025 में नौतपा का अंत प्रचंड गर्मी से हुआ था, ठीक उसी तरह इस बार नौतपा की शुरुआत हुई थी।
डेढ़ घंटे में 10 डिग्री और 24 घंटे में 8.1 डिग्री गिरा पारा
बृहस्पतिवार के मुकाबले काशी का न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री तक नीचे गिर गया। वहीं अधिकतम तापमान 6.1 डिग्री नीचे लुढ़क गया। शुक्रवार को भोर में चार बजे तक तापमान 29 डिग्री था, मगर आंधी और बारिश शुरू होने के डेढ़ घंटे में तापमान 10 डिग्री नीचे चला गया। दिन में 10 बजे तक तापमान सिर्फ 25 डिग्री ही पहुंचा, जबकि बाकी दिनों में इतने समय तक यह 41 डिग्री को पार कर जाता था। धूप तो निकली, मगर दोपहर एक बजे तक तापमान सिर्फ 29 डिग्री ही दर्ज किया गया। वहीं पूरे दिन पारा 31 डिग्री के आसपास बना रहा। पहली बार ऐसा हुआ कि सुबह की धूप तो काफी चमकदार थी, मगर गर्मी का नामोनिशान नहीं था। शाम छह बजे के बाद फिर पारा 28 डिग्री तक आ गया। इस बीच हवा में नमी भी 60 से 70 फीसदी के बीच रही।
दिन भर फोन और लैपटॉप पर आते रहे अलर्ट
बारिश के बाद काशीवासियों के मोबाइल और लैपटॉप पर मौसम विभाग के अलर्ट संदेश घनघनाते रहे। काफी देर तक मोबाइल से इमरजेंसी साउंड और वाइब्रेशन होता रहा।