मजबूत होगी कनेक्टिविटी: वाराणसी से प्रयागराज के बीच रेल की बढ़ेगी रफ्तार, आम बजट में दोहरीकरण परियोजना के लिए राशि स्वीकृत
वाराणसी से प्रयागराज के बीच रेल की रफ्तार बढ़ाने के लिए आम बजट में धन आवंटित कर दिया गया है। मंडुवाडीह से प्रयागराज के रामबाग तक दोहरीकरण का काम अगले एक वर्ष में पूरा होने की उम्मीद है।
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इसके साथ ही लालगंज आजमगढ़ के बीच नई रेल लाइन के सर्वेक्षण काम को गति देने के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। दरअसल, वाराणसी से माधो सिंह तक दोहरीकरण और विद्युतीकरण का काम लगभग पूरा हो गया है। बजट में धन आवंटित होने के बाद अब मंडुवाडीह से प्रयागराज के रामबाग तक दोहरीकरण का काम अगले एक वर्ष में पूरा होने की उम्मीद है।
एक से डेढ़ घंटे में पूरा हो सकेगा सफर
इस परियोजना के पूरी होने से इस रूट पर जो ट्रेनें दो से तीन घंटे का वक्त लेती हैं, उस समय में काफी कटौती होगी। लॉकडाउन लगने से पहले तक इस रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस सहित करीब 20 जोड़ी यात्री और 10 जोड़ी मालगाड़ियों की आवाजाही हो रही थी।
कुल मिलाकर 118 किलोमीटर लंबे इस रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण काम पूरा होने के बाद सुपरफास्ट ट्रेनों से एक से डेढ़ घंटे में सफर पूरा हो सकेगा। वाराणसी और आसपास के क्षेत्र में मानव रहित रेलवे क्रासिंग नहीं है।
पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के पीआरओ अशोक कुमार ने कहा कि वाराणसी प्रयागराज रेल परियोजना को 150 करोड़ रुपये स्वीकृत किया गया है। इसके साथ ही घाघरा पर दो पुल और लालगंज आजमगढ़ रेल मार्ग के सर्वेक्षण के लिए बजट का प्रावधान किया गया है।
मऊ-गाजीपुर-ताड़ीघाट रेललाइन को मिला 350 करेाड़ रुपये
मऊ-गाजीपुर-ताड़ीघाट के बीच 51 किलोमीटर लंबी रेल लाइन परियोजना के लिए भी बजट में 350 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। 1060 करोड़ रुपये की इस परियोजना में अब तक 528 करोड़ रुपये खर्च हो गए हैं। वर्ष 2023 तक इस परियोजना को पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।