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इसलिए मनाया जाता है प्रवासी भारतीय दिवस, जानिए इसका उद्देश्य
Wed, 09 Jan 2019 06:17 PM IST
shashikant misra
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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Published by: shashikant misra
Updated Wed, 09 Jan 2019 06:17 PM IST
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हर वर्ष नौ जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस के रूप में मनाया जाता है। 15वें प्रवासी दिवस का आयोजन इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में किया जा रहा है। इसको लेकर पूरे शहर में उत्साह का माहौल है। दुनिया भर में बसे प्रवासियों से नाता जोड़ने के लिए प्रवासी भारतीय दिवस की शुरुआत 2003 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने की थी।
बताते चलें कि नौ जनवरी को महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से स्वदेश लौटे थे, इसीलिए प्रवासी भारतीय दिवस नौ जनवरी को मनाया जाता है। वाराणसी में 21 से 23 जनवरी तक आयोजित होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन में दुनिया भर से प्रवासी काशी की धर्म, कला और संस्कृति को जानने आ रहे हैं।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि इस दिवस को मनाने के पीछे अप्रवासी भारतीयों की भारत के प्रति सोच, उनकी भावनाओं की अभिव्यक्ति के साथ ही उनकी अपने देशवासियों के साथ सकारात्मक बातचीत के लिए एक मंच उपलब्ध कराना है। इसके अलावा यह भारत के लोगों की उपलब्धि और देश की उनसे अपेक्षा, 110 देशों में अप्रवासी भारतीयों का एक नेटवर्क बनाना सहित अन्य विषयों पर केंद्रीय होता है।
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बताते चलें कि नौ जनवरी को महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से स्वदेश लौटे थे, इसीलिए प्रवासी भारतीय दिवस नौ जनवरी को मनाया जाता है। वाराणसी में 21 से 23 जनवरी तक आयोजित होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन में दुनिया भर से प्रवासी काशी की धर्म, कला और संस्कृति को जानने आ रहे हैं।
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मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि इस दिवस को मनाने के पीछे अप्रवासी भारतीयों की भारत के प्रति सोच, उनकी भावनाओं की अभिव्यक्ति के साथ ही उनकी अपने देशवासियों के साथ सकारात्मक बातचीत के लिए एक मंच उपलब्ध कराना है। इसके अलावा यह भारत के लोगों की उपलब्धि और देश की उनसे अपेक्षा, 110 देशों में अप्रवासी भारतीयों का एक नेटवर्क बनाना सहित अन्य विषयों पर केंद्रीय होता है।
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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की संघर्ष गाथा जानेंगे प्रवासी
महात्मा गांधी
सम्मेलन में आने वाले प्रवासी भारतीयों को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के संघर्ष से भी रूबरू कराया जाएगा। इसके लिए भारत कला भवन में 75 पेंटिंग, दो मूर्तिकला की कृतियां लगाई जाएंगी। इसमें बापू के जीवन और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को चित्रित किया गया है।
‘गांधी’ शीर्षक से होने वाली इस विशेष प्रदर्शनी में जाने माने चित्रकार एमएफ हुसैन, अकबर पदमति, नंदलाल सहित कई कलाकारों की कृतियां शामिल हैं। प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए बीएचयू में भी जोरदार तैयारी चल रही है। स्वतंत्रता भवन में युवा प्रवासियों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इसके साथ ही उन्हें भारत कला भवन में संग्रहित ऐतिहासिक कलाकृतियों को भी दिखाया जाएगा। भारत कला भवन में बनी बारह अलग-अलग वीथिका में संग्रहित एक लाख से अधिक कलाकृतियां से भी रूबरू कराने की तैयारी है। इनमें प्रस्तर मूर्तियां, सिक्के, चित्र, मृण्मूर्ति, अलंकरण कला, अस्त्र-शस्त्र आदि शामिल हैं। इसके साथ महात्मा गांधी के जीवन पर आधारित कलाकृतियां भी लगाई जा रही हैं।
‘गांधी’ शीर्षक से होने वाली इस विशेष प्रदर्शनी में जाने माने चित्रकार एमएफ हुसैन, अकबर पदमति, नंदलाल सहित कई कलाकारों की कृतियां शामिल हैं। प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए बीएचयू में भी जोरदार तैयारी चल रही है। स्वतंत्रता भवन में युवा प्रवासियों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इसके साथ ही उन्हें भारत कला भवन में संग्रहित ऐतिहासिक कलाकृतियों को भी दिखाया जाएगा। भारत कला भवन में बनी बारह अलग-अलग वीथिका में संग्रहित एक लाख से अधिक कलाकृतियां से भी रूबरू कराने की तैयारी है। इनमें प्रस्तर मूर्तियां, सिक्के, चित्र, मृण्मूर्ति, अलंकरण कला, अस्त्र-शस्त्र आदि शामिल हैं। इसके साथ महात्मा गांधी के जीवन पर आधारित कलाकृतियां भी लगाई जा रही हैं।