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निलंबन के खिलाफ विद्युत अभियंता लामबंद
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 26 Aug 2015 02:12 AM IST
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खराब ट्रांसफार्मर 72 घंटे बाद भी नहीं बदलने पर रविवार को पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने सात उप खंड अधिकारियों को निलंबित कर दिया था।
इसके खिलाफ अभियंता संघ लामबंद हो गया है। संघ ने मंगलवार को भिखारीपुर प्रबंध निदेशक कार्यालय के सामने विरोध सभा कर निलंबन वापस लेने की मांग की। उन्होंने एमडी की कार्रवाई की एकतरफा बताते हुए निलंबन वापस नहीं लेने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी।
संघ के महासचिव दिनेश चंद्र दीक्षित ने कहा कि एमडी ने सभी अभियंताओं को ग्रामीण क्षेत्र के प्राइवेट ट्यूबवेल सहित क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर को 72 घंटे के अंदर न बदले जाने पर कार्रवाई की है।
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कहा कि कई बार ट्रांसफार्मरों उपलब्ध नहीं होने के कारण बदलना संभव नहीं हो पाता है। जिन एसडीओ को निलंबित किया गया और एक्सईएन एवं एसई को निंदा टिप्पणी दी गई है, उन्हें चेतावनी तक नहीं दी गई। उनको अपना पक्ष रखने का मौका तक नहीं दिया गया। ऐसे में यह कार्रवाई अनुचित है और उसे वापस लिया जाना चाहिए।
विरोध सभा में कार्रवाई वापस नहीं लेने पर 28 अगस्त तक पूरे पूर्वांचल भर में जोन स्तर पर रोजाना विरोध सभाएं और 30 अगस्त के बाद आंदोलन की चेतावनी दी गई। विरोध सभा में इंजीनियर आरके सिंह, अंकुर भारद्वाज, राजीव सिंह, आरआर प्रसाद, जयशंकर राय, राम कुमार, मनीष झा, अविनाश पटेल आदि शामिल रहे।
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इसके खिलाफ अभियंता संघ लामबंद हो गया है। संघ ने मंगलवार को भिखारीपुर प्रबंध निदेशक कार्यालय के सामने विरोध सभा कर निलंबन वापस लेने की मांग की। उन्होंने एमडी की कार्रवाई की एकतरफा बताते हुए निलंबन वापस नहीं लेने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी।
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संघ के महासचिव दिनेश चंद्र दीक्षित ने कहा कि एमडी ने सभी अभियंताओं को ग्रामीण क्षेत्र के प्राइवेट ट्यूबवेल सहित क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर को 72 घंटे के अंदर न बदले जाने पर कार्रवाई की है।
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कहा कि कई बार ट्रांसफार्मरों उपलब्ध नहीं होने के कारण बदलना संभव नहीं हो पाता है। जिन एसडीओ को निलंबित किया गया और एक्सईएन एवं एसई को निंदा टिप्पणी दी गई है, उन्हें चेतावनी तक नहीं दी गई। उनको अपना पक्ष रखने का मौका तक नहीं दिया गया। ऐसे में यह कार्रवाई अनुचित है और उसे वापस लिया जाना चाहिए।
विरोध सभा में कार्रवाई वापस नहीं लेने पर 28 अगस्त तक पूरे पूर्वांचल भर में जोन स्तर पर रोजाना विरोध सभाएं और 30 अगस्त के बाद आंदोलन की चेतावनी दी गई। विरोध सभा में इंजीनियर आरके सिंह, अंकुर भारद्वाज, राजीव सिंह, आरआर प्रसाद, जयशंकर राय, राम कुमार, मनीष झा, अविनाश पटेल आदि शामिल रहे।