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बनारस का एयर क्वालिटी इंडेक्स पहुंचा 306
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बनारस की वायु गुणवत्ता में सुधार होने का नाम नहीं ले रहा है। केवल पानी के छिड़काव से एयर क्वालिटी इंडेक्स में सुधार नहीं किया जा सकता है। बृहस्पतिवार को हवा की गुणवत्ता देर रात 306 दर्ज की गई। हालांकि औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 296 दर्ज किया गया। शाम को मौसम में हल्की धुंध का असर भी देखने को मिला। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सलाह पर शहर भर में पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। हालांकि यह फौरी राहत तो दे रहा है लेकिन वायु प्रदूषण से इससे निजात नहीं मिलेगी।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक बृहस्पतिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक अधिकतम 296 रिकार्ड किया गया। हालांकि देर रात में यह बढ़कर करीब 306 तक पहुंचा था लेकिन कुछ ही देर बाद इसमें कमी दर्ज की गई। वहीं औसतन यह आंकड़ा 286 से 296 के बीच रहा। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कालिका सिंह ने बताया कि बनारस में प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण खोदाई के चलते उड़ती धूल है। इसके लिए सभी विभागों को अपनी जिम्मेदारियां निभानी होगी तभी इसका समाधान हो सकता है। निर्माण एजेंसियों को इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
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क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक बृहस्पतिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक अधिकतम 296 रिकार्ड किया गया। हालांकि देर रात में यह बढ़कर करीब 306 तक पहुंचा था लेकिन कुछ ही देर बाद इसमें कमी दर्ज की गई। वहीं औसतन यह आंकड़ा 286 से 296 के बीच रहा। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कालिका सिंह ने बताया कि बनारस में प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण खोदाई के चलते उड़ती धूल है। इसके लिए सभी विभागों को अपनी जिम्मेदारियां निभानी होगी तभी इसका समाधान हो सकता है। निर्माण एजेंसियों को इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
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