UP : बांग्लादेश पर मौन हैं राजनीतिक दल, इस शंकराचार्य ने राजनीतिक दलों और मुसलमानों को लेकर कही बड़ी बात
Varanasi News : शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने देश समसामयिक मुद्दों पर बहुत कुछ कहा। इस दाैरान उन्होंने उन राजनीतिक दलों को भी आड़े हाथ लिया जो मुसलमानों की तरफदारी करते हैं। कहा कि बांग्लादेश मामले पर सभी को एकजुट होना चाहिए।
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ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि भारत में हर राजनीतिक दल को मुसलमानों की चिंता है क्योंकि उनके पास वोट की ताकत है। बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ कोई खड़ा होने के लिए तैयार नहीं है।
भारत में कोई राजनैतिक दल बांग्लादेश के हिंदुओं की दुर्दशा पर बोलने के लिए तैयार नहीं है जबकि फलस्तीन और यूक्रेन पर सभी काफी मुखर हैं। उन्हें पश्चिम एशिया और यूरोप की चिंता है पर पड़ोस में 80 साल पहले तक भारत का अंग रहे बांग्लादेशी हिंदुओं की फिक्र करने में भय लगता है। इसका कारण सबको पता है।
शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में प्रेसवार्ता के दौरान शंकराचार्य ने कहा कि बांग्लादेश के हिंदू अपनी मेहनत का खाते हैं पर किसी के सामने हाथ नहीं फैलाते।
मुझसे भी उन हिंदुओं ने पैसे की मदद जुटाने के लिए मदद की गुहार नहीं की बल्कि कहा कि वह अपने हितों और सम्मान के लिए लड़ते हुए मरना पसंद करेंगे किंतु किसी के सामने अपमानित होना और हाथ फैलाना पसंद नहीं करेंगे। धर्मांतरण के लिए उन पर भारी दबाव है और मना करने पर जान से मारे जाने का खतरा भी है। उनकी बातों में दर्द के साथ हिंदू होने का गौरव भी झलक रहा था।
यह स्थिति अनायास ही एक दिन में नहीं बनी, वर्षों से हिंदुओं के साथ बांग्लादेश में यह सब चल रहा है। हम उत्पीड़ित बांग्लादेशी हिंदुओं के साथ हैं। उनकी पीड़ा सुनना भयावह था। हिंदुओं को जो बांग्लादेश के बराबर के हकदार और वहां के नागरिक हैं उन्हें काफिर कहकर अपमानित किया जाता है।
हिंदुओं के लिए बांग्लादेश में बने अलग राष्ट्र
श्रीविद्यामठ में बांग्लादेश से आए हिंदुओं के प्रतिनिधिमंडल से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात की। उन्होंने शंकराचार्य से कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के लिए एक अलग राष्ट्र या स्वायत्त सेफ जोन बनाया जाए, जहां उन्हें सुरक्षा और स्वतंत्रता मिल सके।