Varanasi: मां और बेटी को बदमाशों से बचाने वाली पुलिस टीम सम्मानित, 10 लाख फिरौती के लिए बनाया गया था बंधक
वाराणसी के बड़ालालपुर की वीडीए कॉलोनी फेज-1 में रविवार को शिक्षिका सोनी और उनकी बेटी मैत्री को 10 लाख रुपये की फिरौत के लिए दो बदमाशों ने बंधक बना लिया था। छह थानों की पुलिस ने ढाई घंटे की मशक्कत के बाद बंधकों को मुक्त कराया था।
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वाराणसी का बड़ालालपुर के वीडीए कॉलोनी में रविवार को मां और बेटी को बदमाशों के चंगुल से बचाने वाली पुलिस टीम को मंगलवार को काशी नटिनियादाई व्यापार मंडल ने सम्मानित किया। शिवपुर के नटिनियादाई स्थित लॉन में एसीपी कैंट डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी समेत टीम को व्यापार मंडल के अध्यक्ष शरद वर्मा ने अंगवस्त्रम व स्मृति चिह्न भेंट किया।
इस दौरान एसीपी डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने व्यापारियों से कहा कि सुरक्षा के लिए सीसी कैमरे जरूर लगवाएं। इससे पहले सोमवार को एसीपी कैंट डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी और एसओजी प्रभारी सुनील कुमार सिंह का व्यापारियों ने सम्मान किया था।
मां-बेटी को बंधक बनाने के आरोपियों को भेजा जेल
बड़ालालपुर की वीडीए कॉलोनी फेज-1 में शिक्षिका सोनी और उनकी बेटी मैत्री को बंधक बनाने के आरोपियों विश्वजीत गौड़ और मनीष पासवान को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी विश्वजीत पहले भी चोरी के आरोप में जेल जा चुका है। शिवपुर थाने की पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज किए हैं। एनटीपीसी के सेवानिवृत्त इंजीनियर रविवार को घर में पोती के साथ सो रहे थे। घर का दरवाजा खुला था। इसी बीच दो बदमाश घर में दाखिल हो गए। पहले पोती मैत्री, फिर उसकी मां सोनी को बंधक बना लिया। छह थानों की पुलिस ने ढाई घंटे की मशक्कत के बाद बंधकों को मुक्त कराया और आरोपियों को गिरफ्तार किया।
ताउम्र नहीं भूलेंगे खौफ के ढाई घंटे
भाईलाल के घर सोमवार को लोगों की भीड़ लगी रही। सब पूछते रहे कि क्या हुआ था? भाईलाल बता रहे थे कि खौफ के ढाई घंटे कभी नहीं भूलेंगे। बहू व पोती की जान खतरे में थी। बदमाश चाकू के साथ घर में थे। पोती के गले से चाकू सटाकर रखा गया था। रविवार की पूरी रात नींद नहीं आई। घटना को याद करके दिल दहल जाता था। पूरा परिवार पुलिस का आभारी है। पुलिस ने संयम के साथ परिवार की रक्षा की है।
जल्द कमाकर बनना चाहते थे अमीर
पुलिस की पूछताछ में आरोपी विश्वजीत ने बताया कि वह जल्द रुपये कमाकर अमीर बनना चाहता था। दस लाख की फिरौती की रकम लेने के बाद शहर छोड़ने वाला था। दूसरे शहर जाकर व्यापार करने का इरादा था। मनीष पासवान उर्फ प्रिंस के आपराधिक इतिहास के बारे में बिहार पुलिस की मदद से जानकारी जुटाई जा रही है। मनीष ने बताया कि लालच देकर विश्वजीत साथ ले गया था।
बदमाशों को मिले कड़ी सजा
एनटीपीसी से रिटायर्ड भाईलाल के भाई बच्चा लाल भी वीडीए कॉलोनी स्थित घर पहुंचे। वह अयोध्या जिला आबकारी कार्यालय में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि दुस्साहसिक घटना से सब डरे हैं। बदमाशों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
हिम्मती बहू की हर तरफ प्रशंसा
कॉलोनी की महिलाओं रेखा निगम, सुदामा, गौतमी और रमा आनंद ने कहा कि शिक्षिका सोनी ने हिम्मत दिखाई। अमूमन महिलाएं डर और सहम जाती हैं, लेकिन बेटी की रक्षा के लिए मां ने अपनी जान दांव पर लगा दी। मासूम को खरोंच तक नहीं आने दी।