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गोली मारकर लूट का मामला: आभूषण फर्म के कर्मचारी के छह परिचितों से पुलिस ने की पूछताछ, जारी है बदमाशों की तलाश
Tue, 24 Dec 2024 03:02 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Tue, 24 Dec 2024 03:02 PM IST
सार
वाराणसी में कमच्छा तिराहे के पास पिता-पुत्र को गोली मार कर 131 ग्राम सोने का हार लूटने के मामले में पुलिस जांच कर रही है। इसी क्रम में पुलिस ने आभूषण फर्म के कर्मचारी के छह परिचितों से पूछताछ की।
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जांच में जुटी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
वाराणसी जिले के कमच्छा तिराहे के समीप गोली मार कर 131 ग्राम सोने का हार लूटने के मामले में आभूषण फर्म के कर्मचारी दीपक सोनी के पांच परिचितों को हिरासत में लिया है। खोजवां, अर्दली बाजार, टकटकपुर और चौक क्षेत्र के यह सभी छह लोग वह हैं जो दीपक सोनी की गतिविधियों के बारे में अच्छे से जानकारी रखते थे। सभी से पुलिस पूछताछ कर वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
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यह है मामला
नई बाजार, खोजवां निवासी दीपक सोनी मुंबई स्थित राजकपूर गुप्ता की आभूषण की फर्म के लिए काम करते हैं। दीपक बनारस के आभूषण व्यापारियों के ऑर्डर पर उनकी मनपसंद डिजाइन के आभूषण राजकपूर की फर्म से लाकर देते थे। रविवार की सुबह 3:45 बजे दीपक महानगरी एक्सप्रेस ट्रेन से कैंट स्टेशन पर उतरे और बेटे आर्यन के साथ स्कूटी से घर के लिए निकले।
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कमच्छा तिराहे के पास सफेद रंग की कार सवार बदमाशों ने पिता-पुत्र को गोली मार कर 131 ग्राम सोने का हार लूट लिया। उधर, बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती दीपक को सोमवार को डॉक्टरों ने डिस्चार्ज कर दिया। उनका बेटा आर्यन फिलहाल ट्रॉमा सेंटर में ही भर्ती है।
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क्या बोले अधिकारी
यह तो तय है कि खास करीबी की सटीक मुखबिरी की मदद से ही वारदात को अंजाम दिया गया है। मुखबिरी करने वाला कौन है, उसके संबंध में पता लगाने के लिए सर्विलांस और सीसी फुटेज खंगालने के साथ ही कुछ लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। - गौरव बंसवाल, डीसीपी काशी जोन
ज्यादा मात्रा में सोना लेकर आते थे, इस बार था कम
दीपक हफ्ते में औसतन दो बार मुंबई का चक्कर लगाते थे। हर बार उनके पास सोने के जेवर ज्यादा मात्रा में होते थे। इस बार 131 ग्राम का ही हार था। मुंबई से उनकी वापसी अमूमन महानगरी एक्सप्रेस ट्रेन से ही होती थी। कैंट स्टेशन से वह सामान्य तरीके से अपने बेटे के साथ स्कूटी से घर आ जाते थे। इसे लेकर पुलिस का मानना है कि जिसने भी वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई है, वह दीपक का बहुत ही खास था। उसे दीपक और उनके बेटे की प्रत्येक गतिविधि के बारे में अच्छे से पता था।
बदमाशों के लिए कोहरा बना मददगार
कमच्छा तिराहे के समीप गोली मार कर सोने का हार लूटने के बाद बदमाश भेलूपुर, लंका से रामनगर होते हुए टेंगरा मोड़ से हाईवे की ओर बढ़े। टेंगरा मोड़ के बाद घने कोहरे के कारण पुलिस को सीसी कैमरों की फुटेज से मदद नहीं मिल पाई। पुलिस को यह नहीं पता चल सका कि बदमाश आखिरकार मिर्जापुर या सोनभद्र या फिर प्रयागराज में से कहां की ओर गए। कार का नंबर फर्जी होने के कारण मुश्किल और भी बढ़ गई है।
ज्यादा मात्रा में सोना लेकर आते थे, इस बार था कम
दीपक हफ्ते में औसतन दो बार मुंबई का चक्कर लगाते थे। हर बार उनके पास सोने के जेवर ज्यादा मात्रा में होते थे। इस बार 131 ग्राम का ही हार था। मुंबई से उनकी वापसी अमूमन महानगरी एक्सप्रेस ट्रेन से ही होती थी। कैंट स्टेशन से वह सामान्य तरीके से अपने बेटे के साथ स्कूटी से घर आ जाते थे। इसे लेकर पुलिस का मानना है कि जिसने भी वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई है, वह दीपक का बहुत ही खास था। उसे दीपक और उनके बेटे की प्रत्येक गतिविधि के बारे में अच्छे से पता था।
बदमाशों के लिए कोहरा बना मददगार
कमच्छा तिराहे के समीप गोली मार कर सोने का हार लूटने के बाद बदमाश भेलूपुर, लंका से रामनगर होते हुए टेंगरा मोड़ से हाईवे की ओर बढ़े। टेंगरा मोड़ के बाद घने कोहरे के कारण पुलिस को सीसी कैमरों की फुटेज से मदद नहीं मिल पाई। पुलिस को यह नहीं पता चल सका कि बदमाश आखिरकार मिर्जापुर या सोनभद्र या फिर प्रयागराज में से कहां की ओर गए। कार का नंबर फर्जी होने के कारण मुश्किल और भी बढ़ गई है।