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Varanasi: 15 ऊंटों को पुलिस ने स्थानीय लोगों को देखरेख के लिए सौंपा, गौ ज्ञान फाउंडेशन ने क्यों जताई नाराजगी ?
Sun, 21 Aug 2022 07:29 AM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: किरन रौतेला
Updated Sun, 21 Aug 2022 07:29 AM IST
सार
वाराणसी में तस्करों से बचाए गए 15 ऊंटों को देखरेख के लिए स्थानीय लोगों को सौंपा गया है। पुलिस के इस फैसले पर गौ ज्ञान फाउंडेशन ने नाराजगी जताई है।
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बरामद किए गए ऊंट
- फोटो : amar ujala
विस्तार
वाराणसी के रामनगर स्थित भीटी में तस्करों से बचाए गए 15 ऊंटों को पुलिस ने स्थानीय लोगों को देखरेख के लिए सौंपा है। हालांकि इस पर गौ ज्ञान फाउंडेशन के अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने नाराजगी जताई और शनिवार की शाम जिला जज से मुलाकात कर प्रकरण की जानकारी दी। अधिवक्ता के अनुसार स्थानीय प्रशासन व पुलिस ने कानून व कोर्ट के आदेश के विरुद्ध जाकर ऊंटों को स्थानीय लोगों को सौंपा, जो स्पष्ट तौर पर न्यायालय की अवमानना है।
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अधिवक्ता सौरभ तिवारी यह बेहद गंभीर मामला है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद ऊंटों की अंतरिम कस्टडी गौ ज्ञान फाउंडेशन को नहीं दी गई। जबकि संस्था खुद ऊंटों को सिरोही राजस्थान ले जाने के लिए तैयार है। वहीं, रामनगर इंस्पेक्टर की ओर से केवल एफिडेविट लेकर बगैर कोर्ट आदेश के ऊंटों की कस्टडी रामनगर के स्थानीय लोगों को सौंप दिया।
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जबकि जिला जज ने सरकार की तरफ से अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम (एसीजेएम-प्रथम) के फैसले के विरुद्ध दायर निगरानी याचिका को सुनने योग्य पाते हुए सुनवाई की अगली तिथि 25 अगस्त निर्धारित किया है। हाईकोर्ट अधिवक्ता सौरभ तिवारी के अनुसार इस मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में सोमवार को जनहित याचिका संस्था द्वारा दायर की जाएगी। रामनगर इंस्पेक्टर अश्वनी पांडेय के अनुसार उच्चाधिकारियों की जानकारी में ऊंटों को स्थानीय लोगों को देखरेख के लिए सौंपा गया। स्थानीय लोगों ने एफिडेविट देकर इसकी मांग की थी। वहीं, ऊंटों की देखरेख करने वाली संस्था के लोग भाग खड़े हुए हैं।
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