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Varanasi : कैशियर की मौत के मामले में बैंक मैनेजर व अस्पताल के प्रबंधक के खिलाफ FIR, 14 साल पुराना है मामला
Wed, 22 May 2024 04:05 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Wed, 22 May 2024 04:05 PM IST
सार
वाराणसी पुलिस ने 14 साल पुराने मामले में बैंक मैनेजर व अस्पताल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। बैंक कैशियर की पत्नी की तहरीर पर कार्ट के आदेश के बाद मुकदमे की कार्रवाई की गई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वाराणसी जिले के मंडुवाडीह स्थित हनुमान मंदिर के बगल में रहने वाली मुन्नी देवी की शिकायत पर कोर्ट के आदेश पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की सेवापुरी शाखा के तत्कालीन मैनेजर अमृतेंद्र कुमार प्रभाकर और एपेक्स हॉस्पिटल के प्रबंधक डॉ. संतोष कुमार सिंह के खिलाफ चितईपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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मुन्नी देवी के अनुसार, पति श्यामलाल 18 अक्तूबर 2010 को ड्यूटी पर जाने के लिए घर से निकले थे। रात में वह घर नहीं आए। उन्होंने बैंक मैनेजर को फोन कर पति के घर नहीं आने के बारे में पूछा। बैंक मैनेजर ने मुन्नी देवी को बताया कि श्यामलाल का एक्सीडेंट हो गया है। मुन्नी देवी बेटे और दामाद के साथ सेवापुरी गईं।
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मुन्नी ने बताया कि उनके पति बैंक के सामने रोड के किनारे बेहोशी की हालत में पड़े थे। जबकि, बैंक मैनेजर तीन लोगों के साथ खड़े होकर वहां चाय पी रहे थे। बैंक के भीतर जाकर देखने पर केबिन में खून गिरा था। दुर्घटना स्थल के बारे में पूछने पर भी मैनेजर ने नहीं बताया। श्यामलाल को पत्नी परिजनों की मदद से घर ले आईं।
इलाज के लिए परिजन 19 अक्तूबर को उन्हें डॉक्टर के पास ले गए। वहां पर बैंक के असिस्टेंट जनरल मैनेजर टीपी भटनागर मैनेजर के साथ पहुंचे। श्यामलाल को एपेक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। दो दिन बाद होश आने पर श्यामलाल ने बताया कि बैंक मैनेजर और तीन अन्य लोगों ने उन्हें बैंक में बुरी तरह से मार कर अधमरा कर दिया था। इलाज के दौरान 29 अक्तूबर 2010 को श्यामलाल को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। श्यामलाल की मौत के संबंध में जानकारी मांगे जाने पर अस्पताल प्रशासन द्वारा सही जवाब नहीं दिया गया। मौत कैसे हुई उसका कारण स्पष्ट नहीं हो पाया।
इलाज के लिए परिजन 19 अक्तूबर को उन्हें डॉक्टर के पास ले गए। वहां पर बैंक के असिस्टेंट जनरल मैनेजर टीपी भटनागर मैनेजर के साथ पहुंचे। श्यामलाल को एपेक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। दो दिन बाद होश आने पर श्यामलाल ने बताया कि बैंक मैनेजर और तीन अन्य लोगों ने उन्हें बैंक में बुरी तरह से मार कर अधमरा कर दिया था। इलाज के दौरान 29 अक्तूबर 2010 को श्यामलाल को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। श्यामलाल की मौत के संबंध में जानकारी मांगे जाने पर अस्पताल प्रशासन द्वारा सही जवाब नहीं दिया गया। मौत कैसे हुई उसका कारण स्पष्ट नहीं हो पाया।