सोनभद्र-छत्तीसगढ़ बॉर्डर के जंगलों में नक्सलियों की आहट से पुलिस सतर्क, फोर्स के साथ कर रही काबिंग
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सोनभद्र जिले से सटे छत्तीसगढ़ बार्डर पर नक्सलियों के डेरा डालने की सूचना के बाद जिले की पुलिस फोर्स ने सीमावर्ती इलाकों के जंगलों में सक्रियता बढ़ा दी है। रविवार को भी एसपी प्रभाकर चौधरी के निर्देश पर बभनी थाना क्षेत्र के रंपकुरमहुआ दोहर, सहित अन्य जंगलों में फोर्स कांबिग कर रही है।
कई थानों को फोर्स के साथ सीओ ओबरा, सीओ दुद्धी, एक प्लाटून सीआरपी और तीन सेक्शन पीएसी के जवानों के साथ काबिंग कर रहे हैं। बता दें कि शनिवार की रात बार्डर पर 10 से 12 नक्सलियों देखे जाने के बाद से खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट पर प्रशासन अलर्ट हो गया है।
सूत्रों की मानें तो वर्तमान में छत्तीसगढ़ में केंद्रीय फोर्स के साथ स्थानीय फोर्स नक्सलियों के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है। पुलिस से बचने के लिए पिछले माह आठ लाख का इनामी एवं नक्सलियों के कंपनी नंबर एक का प्लाटून कमांडर दिलीप उर्फ चिन्ना ने एके 47 के साथ, इनामी नक्सली मड़कम बंडी उर्फ बंडू, बड्डू उर्फ सुजाता, बुदरी उर्फ गुड्डी, महेश, विनोद ने भी खुद को पुलिस के हवाले कर दिया था।
पड़ोसी राज्य में लगातार पुलिस के बढ़ रहे दबाव को देखते हुए नक्सली खुद को बचाने के लिए जिले के सीमावर्ती इलाकों में पनाह लेने की फिराक में हैं। लेकिन यहां की पुलिस की सक्रियता से उनकी मंशा पूरी नहीं हो पा रही।
शुक्रवार की रात करीब दस बजे से जिले को स्पर्श करने वाले छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले रघुनाथ नगर, डिंडो, फूलीडोमर, गोबरा, चूनापाथर, केसारी जंगल में असलहों के साथ 10 से 12 नक्सली भ्रमण करते दिखे थे।
इसकी की भनक लगते की यहां की पुलिस अलर्ट हो गई थी। क्योंकि डेढ़ दशक पूर्व जिले के सटे गांव रंपाकूरर, आसनडीह, रंदह, मचबधवा, सांगोबाध, इकदीरी गांव के अधिकांश क्षेत्र जंगलों में नक्सलियों का आना-जाना रहा है।