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सिपाही भर्ती परीक्षाः फुफेरा भाई बना मुन्ना भाई, पुलिस ने चार को किया गिरफ्तार
Tue, 29 Jan 2019 10:23 AM IST
Sayali Maurya
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Published by: Sayali Maurya
Updated Tue, 29 Jan 2019 10:23 AM IST
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उत्तर प्रदेश सिपाही भर्ती परीक्षा रविवार को संपन्न हो गई। लेकिन इस दौरान सोमवार को कैंट, मंडुवाडीह और रोहनिया थाना क्षेत्र के तीन केंद्रों से पुलिस ने तीन मुन्ना भाई सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों की शिनाख्त मऊ जिले के कोपागंज थाना के बसारतपुर के संजय कुमार यादव, बिहार के नालंदा के दीपक कुमार, पटना के अरविंद कुमार मिस्त्री और मुंगेर के मुकेश कुमार के तौर पर हुई है। चारों के खिलाफ कैंट, मंडुवाडीह और रोहनिया थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
गिरफ्त में आए आरोपियों के अनुसार परीक्षा पास कराने का सौदा एक लाख से सवा लाख रुपये में तय हुआ था। एडवांस के तौर पर दस-दस हजार रुपये और आने-जाने के रेल टिकट के साथ ही ठहरने का भी बंदोबस्त कर के आए थे।
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कैंट थाना अंतर्गत सुधाकर महिला पीजी कॉलेज में सिपाही भर्ती की दूसरी पाली की परीक्षा में गाजीपुर जिले के करंडा थाना के मानिकपुर कला कोट निवासी घनश्याम की जगह उसका फुफेरा भाई बिहार के मुंगेर का मुकेश कुमार शामिल होने जा रहा था। गेट पर प्रवेश पत्र की जांच के दौरान मुकेश पकड़ा गया तो उसे कैंट पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस घनश्याम की तलाश कर रही है।
मंडुवाडीह थाना अंतर्गत महेशपुर स्थित सिल्वर ग्रोव स्कूल में संजय कुमार यादव की जगह दीपक कुमार परीक्षा देने जा रहा था। प्रवेश पत्र के सत्यापन के दौरान पकड़े गए संजय से पुलिस ने दीपक को बुलवा कर उसे भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों की तलाशी में चार आधार कार्ड, दो मोबाइल और पांच हजार सत्तर रुपये बरामद हुए।
इसी तरह रोहनिया थाना अंतर्गत करसड़ा स्थित एमपी मेमोरियल स्कूल में बलिया के भीमपुरा निवासी अखिलेश कुमार की जगह पटना का अरविंद कुमार मिस्त्री परीक्षा दे रहा था। प्रवेश पत्र के सत्यापन के दौरान अरविंद पकड़ा गया और उसे पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस अखिलेश की तलाश कर रही है।
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आरोपियों की शिनाख्त मऊ जिले के कोपागंज थाना के बसारतपुर के संजय कुमार यादव, बिहार के नालंदा के दीपक कुमार, पटना के अरविंद कुमार मिस्त्री और मुंगेर के मुकेश कुमार के तौर पर हुई है। चारों के खिलाफ कैंट, मंडुवाडीह और रोहनिया थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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गिरफ्त में आए आरोपियों के अनुसार परीक्षा पास कराने का सौदा एक लाख से सवा लाख रुपये में तय हुआ था। एडवांस के तौर पर दस-दस हजार रुपये और आने-जाने के रेल टिकट के साथ ही ठहरने का भी बंदोबस्त कर के आए थे।
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कैंट थाना अंतर्गत सुधाकर महिला पीजी कॉलेज में सिपाही भर्ती की दूसरी पाली की परीक्षा में गाजीपुर जिले के करंडा थाना के मानिकपुर कला कोट निवासी घनश्याम की जगह उसका फुफेरा भाई बिहार के मुंगेर का मुकेश कुमार शामिल होने जा रहा था। गेट पर प्रवेश पत्र की जांच के दौरान मुकेश पकड़ा गया तो उसे कैंट पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस घनश्याम की तलाश कर रही है।
मंडुवाडीह थाना अंतर्गत महेशपुर स्थित सिल्वर ग्रोव स्कूल में संजय कुमार यादव की जगह दीपक कुमार परीक्षा देने जा रहा था। प्रवेश पत्र के सत्यापन के दौरान पकड़े गए संजय से पुलिस ने दीपक को बुलवा कर उसे भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों की तलाशी में चार आधार कार्ड, दो मोबाइल और पांच हजार सत्तर रुपये बरामद हुए।
इसी तरह रोहनिया थाना अंतर्गत करसड़ा स्थित एमपी मेमोरियल स्कूल में बलिया के भीमपुरा निवासी अखिलेश कुमार की जगह पटना का अरविंद कुमार मिस्त्री परीक्षा दे रहा था। प्रवेश पत्र के सत्यापन के दौरान अरविंद पकड़ा गया और उसे पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस अखिलेश की तलाश कर रही है।
फर्जीवाड़े में बिहार के कोचिंग सेंटर की अहम भूमिका
जिले में दो दिन आयोजित हुई सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान छह मुन्ना भाई सहित नौ आरोपी गिरफ्तार किए गए। पुलिस की पूछताछ में यह सामने आया कि सभी अभ्यर्थी पटना सहित बिहार के अन्य स्थानों पर पुलिस भर्ती की तैयारी करते थे। तैयारी के दौरान ही उनकी मुलाकात साल्वर गिरोह के सदस्यों से हुई और उन्हें परीक्षा पास कराने का झांसा दिया गया। साथ ही, आश्वस्त किया गया था कि परीक्षा में सफल होने के बाद ही रुपये देने होंगे।