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वाराणसी पहुंचे पीएम मोदी ने छठ पूजा की शुभकामनाएं देकर पूरब से और प्रगाढ़ किया नाता
पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 13 Nov 2018 11:05 AM IST
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केदारनाथ के दर्शन के बाद बाबा की नगरी आना सौभाग्य की बात: प्रधानमंत्री
- फोटो : अमर उजाला
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छठ पर्व की पूर्व संध्या पर सोमवार को विकास परियोजनाओं की सौगात लेकर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी पहुंचे। यहां जनसंबोधन की शुरुआत चिर-परिचित अंदाज में हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ की और साथ ही छठ पूजा की शुभकामनाएं देकर पूरब से अपना नाता प्रगाढ़ किया।
भोजपुरी में पीएम मोदी ने कहा कि आस्था, पवित्रता से भरे सूर्य उपासना के महान पर्व छठ का आप सब माता-भगिनी लोगन के बहुत-बहुत बधाई बा...। चार दिन के ई पर्व से हर घर-परिवार में सुख-समृद्धि की कामना हौ...। आप सब लोग दिवाली मनवलन...भाईदूज अउर गोवर्धन पूजा...फिर देव दीपावली की तैयारी करत हउअन... सब पर्व का एक साथ बधाई...।
प्रधानमंत्री की ओर से छठ पूजा की शुभकामनाओं की जनसमूह ने हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ अपनी खुशी जाहिर की। छठ पूजा के प्रति आस्था भाव जाहिर कर और शुभकामनाएं देकर प्रधानमंत्री ने काशी और पूर्वांचल ही नहीं, बल्कि बिहार, झारखंड और कोलकाता में रहने वाले पूरब के लोगों से अपने रिश्तों की प्रगाढ़ता बताई।
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अपना संबोधन समाप्त करने से पहले प्रधानमंत्री ने छठ पूजा की शुभकामनाएं फिर से दीं और हर-हर महादेव का उद्घोष किया। इससे पहले उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य रहा कि दीपावली के दिन बाबा केदारनाथ का दर्शन करने का अवसर मिला। इसके एक हफ्ते के भीतर ही बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में आप सबसे आशीर्वाद लेने का मौका मिला। उत्तराखंड में मैं माता भागीरथी की पूजा करके धन्य हुआ तो आज कुछ देर पहले ही मां गंगा की अर्चना करने का सौभाग्य मिला।
महामना को दी श्रद्धांजलि
सभा के दौरान प्रधानमंत्री ने भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया। कहा, महामना के महान पुण्य कार्यों को याद करते हुए मैं उन्हें सादर नमन करता हूं। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सहित अन्य राजनेताओं ने ट्वीट कर महामना को श्रद्धांजलि दी।
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भोजपुरी में पीएम मोदी ने कहा कि आस्था, पवित्रता से भरे सूर्य उपासना के महान पर्व छठ का आप सब माता-भगिनी लोगन के बहुत-बहुत बधाई बा...। चार दिन के ई पर्व से हर घर-परिवार में सुख-समृद्धि की कामना हौ...। आप सब लोग दिवाली मनवलन...भाईदूज अउर गोवर्धन पूजा...फिर देव दीपावली की तैयारी करत हउअन... सब पर्व का एक साथ बधाई...।
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प्रधानमंत्री की ओर से छठ पूजा की शुभकामनाओं की जनसमूह ने हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ अपनी खुशी जाहिर की। छठ पूजा के प्रति आस्था भाव जाहिर कर और शुभकामनाएं देकर प्रधानमंत्री ने काशी और पूर्वांचल ही नहीं, बल्कि बिहार, झारखंड और कोलकाता में रहने वाले पूरब के लोगों से अपने रिश्तों की प्रगाढ़ता बताई।
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अपना संबोधन समाप्त करने से पहले प्रधानमंत्री ने छठ पूजा की शुभकामनाएं फिर से दीं और हर-हर महादेव का उद्घोष किया। इससे पहले उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य रहा कि दीपावली के दिन बाबा केदारनाथ का दर्शन करने का अवसर मिला। इसके एक हफ्ते के भीतर ही बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में आप सबसे आशीर्वाद लेने का मौका मिला। उत्तराखंड में मैं माता भागीरथी की पूजा करके धन्य हुआ तो आज कुछ देर पहले ही मां गंगा की अर्चना करने का सौभाग्य मिला।
महामना को दी श्रद्धांजलि
सभा के दौरान प्रधानमंत्री ने भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया। कहा, महामना के महान पुण्य कार्यों को याद करते हुए मैं उन्हें सादर नमन करता हूं। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सहित अन्य राजनेताओं ने ट्वीट कर महामना को श्रद्धांजलि दी।
बोले- नेचर, कल्चर और एडवेंचर का संगम बनेगी काशी
जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि काशी नेचर, कल्चर और एडवेंचर का संगम बनने जा रही है। वर्षों पहले देश ने विकास का जो सपना देखा था, वह काशी की धरती पर आज साकार हो गया है। सभा में परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के बाद प्रधानमंत्री ने कहा, बदलते बनारस की तस्वीर काशी को भव्य और दिव्य बनाएगी। इस दिन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा, लोकार्पण वाली परियोजनाओं से काशी नभ, थल के साथ-साथ जल से भी जुड़ गया है।
देश में जल परिवहन के मार्ग को काशी की जनता को समर्पित करने के बाद प्रधानमंत्री ने इसे न्यू इंडिया के न्यू विजन का जीता-जागता सबूत बताया। कहा, परियोजना से बनारस सहित पूरा पूर्वी भारत और बंगाल की खाड़ी से जुड़ गया है। वाराणसी और देश उस विकास का गवाह बन गया है, जो देश में पहले जरूरी था। प्रधानमंत्री ने गंगा की सफाई पर बिना नाम लिए कांग्रेस पर निशाना साधा। कहा कि हमारी सरकार गंगा को निर्मल बनाने के लिए पैसा बहा रही है, जबकि पूर्व की सरकारों ने गंगा को निर्मल करने के नाम पर करोड़ों रुपये पानी में बहा दिए।
वाराणसी के विकास को उन्होंने देश के संसाधन व सामर्थ्य पर भरोसे का प्रतीक बताया। कहा, आजादी से पहले भी नदियों में जहाज चलते थे। मगर, पिछली सरकारों ने गुनाही तरीके से इन मार्गो की उपेक्षा की और देश का नुकसान किया। जलमार्ग से बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से पूर्वी भारत का जुड़ाव होगा। पूर्वी भारत के तीर्थों को पूर्वी एशियाई देशों से जोड़ने वाला होगा। पौराणिक काशी का विकास आधुनिक नक्शे के हिसाब से किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा, कनेक्टविटी से रोजगार, पर्यटन तो बढ़ता है मगर देश के प्रति विश्वास और तंत्र के प्रति भरोसा भी आता है। पुरातन काशी की नई तस्वीर दुनिया के सामने आ रही है, उसे सुरक्षित व संरक्षित रखना है, ताकि दुनिया काशी के महात्म्य को नए संदर्भ में जाने-समझे। प्रवासी भारतीय सम्मेलन में काशी आतिथ्य की चर्चा कर उन्होंने कहा कि सम्मेलन में आने वाले मेहमानों के सामने काशी की गरिमा और सुविधा का संगम हो, ताकि वे बार-बार काशी आएं।
देश में जल परिवहन के मार्ग को काशी की जनता को समर्पित करने के बाद प्रधानमंत्री ने इसे न्यू इंडिया के न्यू विजन का जीता-जागता सबूत बताया। कहा, परियोजना से बनारस सहित पूरा पूर्वी भारत और बंगाल की खाड़ी से जुड़ गया है। वाराणसी और देश उस विकास का गवाह बन गया है, जो देश में पहले जरूरी था। प्रधानमंत्री ने गंगा की सफाई पर बिना नाम लिए कांग्रेस पर निशाना साधा। कहा कि हमारी सरकार गंगा को निर्मल बनाने के लिए पैसा बहा रही है, जबकि पूर्व की सरकारों ने गंगा को निर्मल करने के नाम पर करोड़ों रुपये पानी में बहा दिए।
वाराणसी के विकास को उन्होंने देश के संसाधन व सामर्थ्य पर भरोसे का प्रतीक बताया। कहा, आजादी से पहले भी नदियों में जहाज चलते थे। मगर, पिछली सरकारों ने गुनाही तरीके से इन मार्गो की उपेक्षा की और देश का नुकसान किया। जलमार्ग से बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से पूर्वी भारत का जुड़ाव होगा। पूर्वी भारत के तीर्थों को पूर्वी एशियाई देशों से जोड़ने वाला होगा। पौराणिक काशी का विकास आधुनिक नक्शे के हिसाब से किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा, कनेक्टविटी से रोजगार, पर्यटन तो बढ़ता है मगर देश के प्रति विश्वास और तंत्र के प्रति भरोसा भी आता है। पुरातन काशी की नई तस्वीर दुनिया के सामने आ रही है, उसे सुरक्षित व संरक्षित रखना है, ताकि दुनिया काशी के महात्म्य को नए संदर्भ में जाने-समझे। प्रवासी भारतीय सम्मेलन में काशी आतिथ्य की चर्चा कर उन्होंने कहा कि सम्मेलन में आने वाले मेहमानों के सामने काशी की गरिमा और सुविधा का संगम हो, ताकि वे बार-बार काशी आएं।
बाबतपुर से वाजिदपुर तक मेले जैसा माहौल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बनारस आगमन को लेकर लोगों का उत्साह देखने लायक था। सुबह 11 बजे से शाम 5:30 बजे तक बाबतपुर से वाजिदपुर तक 6 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग पर मेले जैसा माहौल रहा। सभा स्थल की ओर आने वालों की कतार लगी रही। इस भीड़ में बड़ी संख्या में बच्चे और महिलाएं भी शामिल थी। हाथों में भाजपा का झंडा था।
बाबतपुर एयरपोर्ट से वाजिदपुर चौराहे तक सोमवार को ऐसा ही नजारा था। हरहुआ बाईपास से वाजिदपुर, कोईराजपुर तक सड़क के दोनों कि नारों पर प्रधानमंत्री मोदी की झलक पाने के लिए लोग उत्साहित थे। छतों पर भी लोग परिवार संग बैठकर प्रधानमंत्री के काफिले के आने का इंतजार करते रहे। परियोजनाओं की जानकारी देने वाले होर्डिग्सि़ जगह-जगह लगे थे। भाजपा के झंडे और रंगबिरंगी बत्तियों से सजावट की गई थी। जुलूस की शक्ल में मोटरसाइकिल पर सवार भाजपा कार्यकर्ता हर हर मोदी, घर घर मोदी के नारे लगाते हुए सभास्थल की ओर जा रहे थे।
एयरपोर्ट से 4:20 बजे जैसे ही पीएम मोदी का काफिला निकला। 4:30 बजे वाजिदपुर चौराहे पर काफिला पहुंचा। मोदी ने गाड़ी में बैठे ही हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन किया तो भीड़ मोदी-मोदी के नारे लगाने लगी।
बाबतपुर एयरपोर्ट से वाजिदपुर चौराहे तक सोमवार को ऐसा ही नजारा था। हरहुआ बाईपास से वाजिदपुर, कोईराजपुर तक सड़क के दोनों कि नारों पर प्रधानमंत्री मोदी की झलक पाने के लिए लोग उत्साहित थे। छतों पर भी लोग परिवार संग बैठकर प्रधानमंत्री के काफिले के आने का इंतजार करते रहे। परियोजनाओं की जानकारी देने वाले होर्डिग्सि़ जगह-जगह लगे थे। भाजपा के झंडे और रंगबिरंगी बत्तियों से सजावट की गई थी। जुलूस की शक्ल में मोटरसाइकिल पर सवार भाजपा कार्यकर्ता हर हर मोदी, घर घर मोदी के नारे लगाते हुए सभास्थल की ओर जा रहे थे।
एयरपोर्ट से 4:20 बजे जैसे ही पीएम मोदी का काफिला निकला। 4:30 बजे वाजिदपुर चौराहे पर काफिला पहुंचा। मोदी ने गाड़ी में बैठे ही हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन किया तो भीड़ मोदी-मोदी के नारे लगाने लगी।