बीएचयू: प्रधानमंत्री को भेजा पत्र, हिंदी भाषियों से भेदभाव के आरोप में कुलपति से इस्तीफे की मांग
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बीएचयू में शिक्षकों की नियुक्ति में हिंदी भाषी अभ्यर्थियों से भेदभाव के आरोप को लेकर छात्रों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को छात्रों ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर कुलपति की शिकायत की है।
कुलपति के विरोध में छात्र पीएम मोदी के संसदीय कार्यालय पहुंचे। बीएचयू परिसर से निकलकर छात्र जैसे ही पहुंचे, यहां पुलिस ने कार्यालय के बाहर ही रोक लिया। इसको लेकर पुलिस से उनकी नोकझोंक भी हुई।
कुछ देर बाद पुलिस के अधिकारी ने पत्र लिया। छात्रों ने अपने पत्र के माध्यम से कुलपति पर हिंदी भाषा का अपमान करने का आरोप लगाते हुए इस्तीफे की भी मांग की है। हाल ही में रविवार को बीएचयू कुलपित के विरोध में घर-घर पंफलेट बंटवाए गए। पंफलेट में कुलपति पर हिंदी भाषा के अपमान के साथ ही नियुक्तियों में अनियमितता और एक विशेष विश्वविद्यालय के प्रति लगाव का जिक्र किया गया।
पंफलेट में बने एक चित्र में एक हाथ में कुलपति को इंग्लिश मीडियम के स्टूडेंट को पकडे़ दिखाया गया है तो दूसरे में इंग्लिश वनली लिखा गया है। वहीं गुरुवार देर रात भी सैकड़ों पोस्टर बीएचयू सिंह द्वार के सामने लंका चौराहे से भगवानपुर, मंडुवाडीह, सामनेघाट, दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट, रविंद्रपुरी आदि इलाकों में पोस्टर चस्पा किए गए थे। इसमें कुलपति को हिंदी विरोधी बताते हुए इस्तीफे की मांग की गई थी।
ज्ञापन देने वालों में अभिषेक सिंह उत्कर्ष द्विवेदी, दुष्यंत चंद्रवंशी मृत्युंजय तिवारी आजाद, विवेक, अवनींद्र आदि शामिल रहे।