काशी में पीएम मोदी: ग्राउंड रिपोर्ट्स से लेकर लाइव अपडेट्स तक अमर उजाला का पूरा कवरेज देखें एक क्लिक पर
तीनों लोकों से न्यारी काशी की धरा पर मां गंगा को साक्षी मानकर आज पीएम मोदी ने देश को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर को समर्पित कर दिया। 700 करोड़ की लागत से 33 महीने में तैयार हुआ श्री काशी विश्वनाथ धाम अब आम जनता के लिए खुल जाएगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पीएम मोदी ने कोतवाल बाबा कालभैरव से अनुमति के बाद इसका लोकार्पण किया। इस दौरान अमर उजाला ने भी वहां के हर अपडेट और उनके विश्लेषण अपने पाठकों तक पहुंचाने की काशिश की। हमने आपकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन रिपोर्ट को एक जगह एकत्र किया है...
संकल्प से सिद्धि का संदेश, भविष्य के समीकरण साध गए पीएम मोदी
काशी विश्वनाथ के लोकार्पण के जरिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिंदुत्व के सांस्कृतिक सरोकारों पर अपनी सरकार के समर्पण और आस्था से संकल्पों को सिद्धि तक पहुंचाने का भी संदेश दिया। प्रतीकों के सहारे राजनीतिक मुद्दों को परवान चढ़ाकर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने के माहिर मोदी इस काम के जरिये भी भविष्य के समीकरण को साध गए। साथ ही सभी को एहसास कराने की कोशिश भी की कि कोई उनपर कितना भी कड़ा और बड़ा हमला करे लेकिन वे भारतीय संस्कृति पर हुए आक्रमण से हुए बदलावों को बदलने के लिए कृत संकल्पित हैं। और पढ़ें...
तस्वीरों में भव्यता: गले में रुद्राक्ष और हाथ में गंगाजल, भक्ति में डूबे पीएम मोदी का अंदाज
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद यजमान बने। इससे पहले उन्होंने लाल वस्त्र में गंगा स्नान किया। फिर डमडम करते डमरू के थाप पर बाबा विश्वनाथ पर गंगाजल चढ़ाने पहुंचे। गंगा स्नान के बाद गले में रूद्राक्ष और हाथ में गंगाजल लेकर जब प्रधानमंत्री धाम परिसर की ओर बढ़े तो हर-हर महादेव के उद्घोष से आकाश गुंजायमान हो गया। और पढ़ें...
काशी विश्वनाथ धाम में स्थापित है इंदौर की देवी अहिल्या की मूर्ति
इस परिसर में इंदौर की देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा भी स्थापित की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देवी अहिल्याबाई का जिक्र प्रमुखता से किया, जिन्होंने करीब 250 साल पहले काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्निर्माण कराया था। ऑडियो विजुअल प्रेजेंटेशन में भी देवी अहिल्याबाई का जिक्र प्रमुखता से किया गया। दरअसल, इंदौर की देवी अहिल्याबाई का काशी से खास नाता रहा है। उन्होंने बनारस में भव्य काशी विश्वनाथ मंदिर का निर्माण करवाया था। और पढ़ें...
क्या पूर्वांचल का रास्ता भाजपा के लिए काशी विश्वनाथ कॉरिडोर से होकर जाता है, भोजपुरी से पीएम ने क्या दिया संदेश
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का उद्घाटन किया है। पांच अगस्त 2020 में अयोध्या में राम मंदिर के लिए भूमि पूजन करने और इस साल नवंबर में केदारनाथ मंदिर में आदि शंकराचार्य की 12 फुट की प्रतिमा का उद्घाटन करने के बाद पीएम मोदी के बनारस को 700 करोड़ रुपये की काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का उद्घाटन करने से भारतीय जनता पार्टी को यूपी चुनाव में बड़ा सियासी फायदा मिलने की उम्मीद है। और पढ़ें...
बाबा विश्वनाथ मंदिर के विकास का BJP को कितना होगा लाभ?
भारतीय जनता पार्टी के नेता अक्सर ये कहते हैं कि उनकी सरकार आने के बाद हिंदुओं के धार्मिक स्थलों का विकास किया गया है, जबकि इसके पहले इनकी उपेक्षा हो रही थी। अयोध्या और काशी विश्वनाथ मंदिर का कायाकल्प करके और पूरे इलाके को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करके भाजपा अपना यह दावा पूरा करती हुई भी दिखाई पड़ रही है। माना जा रहा है कि उसे इसका उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में लाभ भी मिल सकता है। और पढ़ें...
सात दशक में पहली बार बाबा के दरबार का कायाकल्प
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में ड्रीम प्रोजेक्ट श्रीकाशी विश्वनाथ धाम अब पूर्णता की तरफ है। प्रधानमंत्री मोदी धाम का लोकार्पण करने के लिए काशी पहुंचे हैं। इसके लोकार्पण को अलौकिक, अद्भुत और अकल्पनीय बनाने में योगी आदित्यनाथ सरकार जुटी है ताकि बदलते भारत की नई तस्वीर पूरी दुनिया देख सके। आजादी के बाद सात दशक में पहली बार पीएम मोदी ने आठ मार्च 2019 को काशी विश्वनाथ मंदिर के कायाकल्प का शिलान्यास किया था। और पढ़ें...
काशी, अयोध्या से विदेश तक: सात साल में मंदिर पुनर्निर्माण पर रहा मोदी का फोकस, मुस्लिम देशों में भी रखी मंदिरों की नींव
इन तस्वीरों को देख आप बोल पड़ेंगे- अद्भुत, अविश्वसनीय, अकल्पनीय... देखिए यहां की रौनक
वाराणसी के धार्मिक और ऐतिहासिक संदर्भों का जीवंत दस्तावेज लिखने जा रहा काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण कर पीएम मोदी ने ये तोहफा जनता के समर्पित कर दिया है। दिन के वक्त इस धाम की आभा तो अद्भुत दिखती ही है, लेकिन रात में ऐसा लगता है जैसे आसमान से तारे जमीन पर उतर आए हों। कहीं नीली, कहीं सुनहरी तो कहीं सतरंगी रोशनी बिखेरती एलईडी लाइट मंदिर परिसर की भव्यता को चार चांद लगा रही है। दो-तीन साल पहले काशी विश्वनाथ मंदिर का नजारा कुछ और था। और पढ़ें...
इतिहास के पन्नों से मोदी ने पांच नामों का जिक्र किया, पढ़िए क्या हैं इसके सियासी मायने
श्री काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 50 मिनट तक भाषण दिया। उनका पूरा संबोधन पौराणिक कथाओं और मान्यताओं, बाबा विश्वनाथ, मां गंगा, श्रीराम मंदिर, राष्ट्र, सनातन, संस्कृति, प्राचीनता और देश के विकास पर केंद्रित था। इस बीच प्रधानमंत्री ने इतिहास के पन्नों में दर्ज पांच ऐसे नामों का जिक्र किया जिसे बड़ा सियासी दांव बताया जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अपने इस संबोधन के जरिए इशारों ही इशारों में प्रधानमंत्री ने हिंदुओं को एकजुट होने का संदेश दिया है। और पढ़ें...
तीन साल पहले और अब, तस्वीरों में देखें कैसे भव्य बना बाबा का दरबार
इंतजार खत्म हुआ। बनारस सहित पूरे देश की समृद्ध विरासत में सोमवार को एक नया नगीना जुड़ गया। बनारस के सासंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी विश्वनाथ धाम को राष्ट्र को समर्पित किया। करीब 33 माह में बनकर तैयार काशी विश्वनाथ धाम अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। और पढ़ें...