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काशी विश्वनाथ धाम: तीन साल पहले और अब, तस्वीरों में देखें कैसे भव्य बना बाबा का दरबार, पीएम मोदी ने भी किया जिक्र

Tue, 14 Dec 2021 12:01 AM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Tue, 14 Dec 2021 12:01 AM IST
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PM Modi dedicated Kashi Vishwanath Corridor to people of india by inauguration see pictures of grand Dham
पीएम मोदी ने काशी विश्वनाथ धाम का किया लोकार्पण। - फोटो : अमर उजाला।

इंतजार खत्म हुआ। बनारस सहित पूरे देश की समृद्ध विरासत में सोमवार को एक नया नगीना जुड़ गया। बनारस के सासंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी विश्वनाथ धाम को राष्ट्र को समर्पित किया। करीब 33 माह में बनकर तैयार काशी विश्वनाथ धाम अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है।



लोकार्पण के बाद बाबा का दर्शन करने आए शिव भक्तों में काफी उत्साह दिखा। श्रद्धालुओं ने बताया कि पहले बाबा के दर्शन करने में तंग गलियों से होकर जाने में काफी परेशानी होती थी। लेकिन अब काफी बदलाव हुआ है जिससे लोगों को बाबा के दर्शन पूजन के दौरान परेशानी कम होगी और सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

लोकार्पण के बाद अपने संबोधन में विरोधियों पर निशाना साधा। बिना किसी का नाम लिए कहा कि जब मैं बनारस आया तो एक विश्वास लेकर आया था। विश्वास अपने से ज्यादा बनारस के लोगों का था। तब कुछ लोग जो बनारस के लोगों पर संदेह करते थे। वह लोग कहते थे कि कैसे होगा? होगा ही नहीं। कहते थे कि यहां तो ऐसा ही चलता है। मोदी जैसे बहुत आकर चले गए। मुझे आश्चर्य होता था कि बनारस के लिए कैसे इस तरह की धारणाएं बना दी गई थीं।

PM Modi dedicated Kashi Vishwanath Corridor to people of india by inauguration see pictures of grand Dham
काशी विश्वनाथ धाम (पुराना और नया)। - फोटो : अमर उजाला।

पीएम मोदी ने कहा कि मुझे पता था कि ये जड़ता बनारस की नहीं थी। हो भी नहीं सकती थी। इसमें थोड़ा बहुत राजनीति और थोड़ा निजी स्वार्थ था। बनारस पर आरोप लगाए जा रहे थे लेकिन काशी तो काशी है। काशी तो अविनाशी है। काशी में एक ही सरकार है, जिनके हाथों में डमरू है। यहां महादेव की सरकार है। पीएम मोदी ने इस दौरान केन्द्र तथा राज्य सरकारों के काम के साथ ही साथ इतिहास की गर्त में समा चुके आतताइयों का भी जिक्र किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 मार्च 2019 को काशी विश्वनाथ धाम का शिलान्यास किया था। धाम के लिए जमीन खरीदने में लगभग 400 करोड़ रुपये खर्च हुए, निर्माण कार्य में अब तक लगभग 339 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। बाबा विश्वनाथ का धाम 50,200 वर्ग मीटर जमीन में बन रहा है। अभी दूसरे चरण का काम जारी है।

PM Modi dedicated Kashi Vishwanath Corridor to people of india by inauguration see pictures of grand Dham
काशी विश्वनाथ धाम। - फोटो : twitter @BJP

गंगा छोर पर होगा गेटवे ऑफ कॉरिडोर
काशी विश्वनाथ धाम के गंगा छोर पर गेटवे ऑफ कॉरिडोर बना है। सड़क से गंगा तट मणिकर्णिका घाट जलासेन और ललिता घाट तक 50,200 वर्ग मीटर में विस्तारित कॉरिडोर बना है। काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन से पहले गंगा स्नान या आचमन की मान्यता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए जलासेन घाट पर बनाए जा रहे गेट को खास रूप दिया जा रहा है। इसका निर्माण कार्य जारी है। नक्काशीदार पत्थर और लकड़ियों से द्वार का निर्माण हो रहा है। इसकी ऊंचाई 32 फीट व चौड़ाई 90 फीट होगी। मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए चार द्वार बनाए गए हैं।

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PM Modi dedicated Kashi Vishwanath Corridor to people of india by inauguration see pictures of grand Dham
काशी विश्वनाथ धाम। - फोटो : अमर उजाला।

धाम में खास मणिमाला भी तैयार 
काशी विश्वनाथ धाम में 27 मंदिरों की एक खास मणिमाला भी तैयार की गई है। यह वे मंदिर हैं, जिनमें कुछ काशी विश्वनाथ के साथ ही स्थापित किए गए थे और बाकी समय-समय पर काशीपुराधिपति के विग्रहों के रूप में यहां बसाए गए थे। गंगा स्नान के बाद जल लेकर चलने वाले भक्त इस मणिमाला को साक्षी मानकर ही गर्भगृह तक जाएंगे और यहां से दर्शन के बाद इन विग्रहों की परिक्रमा कर धर्मलाभ लिया जा सकेगा। दूसरे चरण में 97 विग्रह व प्रतिमाओं की स्थापना और तीसरे चरण में 145 शिवलिंगों को स्थापित किया जाएगा।

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PM Modi dedicated Kashi Vishwanath Corridor to people of india by inauguration see pictures of grand Dham

शिलान्यास के बाद से लगातार काशी विश्वनाथ धाम में अनवरत काम चल रहा है। हालांकि कोरोना की पहली व दूसरी लहर में जरूर कुछ समय के लिए काम अवरूद्ध हुआ था, मगर इसके अलावा धाम परिसर में काम नहीं रुका। यही कारण है कि इतना विशाल व भव्य दरबार नियत समय में ही बनकर तैयार हो गया ।

सात तरह के पत्थर और सैकड़ों मजदूर लगे
धाम में बालेश्वर, मकराना, कोटा, ग्रेनाइट, चुनार, मैडोना स्टोन, मार्बल सात तरह के पत्थर इस्तेमाल हो रहे हैं। निर्माण कार्य में करीब 2500 मजदूर लगे हुए हैं।

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