प्रधानमंत्री मोदी ने भू-संपत्ति मालिकों को वितरित किया संपत्ति कार्ड, बोले-गांवों में बसती है भारत की आत्मा
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गांव में रहने वाले लोगों को अब सभी जरूरी सुविधाएं मिल रही है। इसमें स्वामित्व योजना के माध्यम से गांव की तस्वीर बदलने की दिशा में कार्य शुरू हो गया है। रविवार को भू-संपत्ति मालिकों को स्वामित्व योजना के तहत छह राज्यों के 763 गांव में संपत्ति कार्ड वितरण योजना का शुभारंभ किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुए आयोजन में स्वामित्व योजना के तहत तैयार हुए प्रॉपर्टी कार्ड का लोगों में वितरण किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाभार्थियों से बातचीत भी की। स्वामित्व योजना में अब तक 1.31 करोड़ लोग पंजीकृत हो चुके हैं। वाराणसी कमिश्नरी सभागार में जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के साथ इस कार्यक्रम को देखा।
जिलाधिकारी ने सेवापुरी के ग्राम मड़ैया की सरस्वती, चंद्रावती, बीरमपुर से प्रशांत सिंह, राजेश सिंह, रसुलहा से विजय बहादुर,सरोजा देवी, हिततापुर के कमलेश, उमाशंकर, रामजी, राम उजागिर,बृजेश और जवाहिर सहित 18 लोगों को डिजिटल घरौनी का प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया। उधर, जिलाधिकारी के हाथों घरौनी के रूप में अपना संपत्ति प्रमाण पत्र पाकर लाभार्थियों के चेहरे भी खिल उठे।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि इस योजना के तहत नौ राजस्व ग्रामों के पंचायत भवन, सामुदायिक केंद्र, प्राथमिक विद्यालय में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में 591 गृह स्वामियों को घरौनी का वितरण किया गया। 760 ग्रामो में योजना लागू हो गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है लेकिन भारत के गांव को उनके नसीब पर छोड़ दिया गया था। अब ऐसा नहीं होगा गांव के विकास के लिए हर संभव प्रयास होगा। लाभार्थियों से कहा कि अभाव से मुक्ति का अभियान चलाया है। उन्होंने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं, का मंत्र देते हुए लोगों को सचेत किया।
विवादों को समाप्त करने का माध्यम बनेगी योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाभार्थियों से बातचीत के क्रम में कहा कि स्वामित्व योजना गांव में अनेक विवादों को समाप्त करने का माध्यम बनेगी। साथ ही शोषित, वंचित, गरीब और अनपढ़ सभी के लिए यह एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि प्रॉपर्टी का स्वामित्व अभिलेख मिलने से बैंकों से लोन प्राप्त कर सकेंगे।
छह राज्यों के 763 गांवों को मिलेगा लाभ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वामित्व योजना के तहत एक लाख संपत्ति मालिक अपने मोबाइल से संपत्ति कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। इसके तहत छह राज्यों के 763 गांव के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। उत्तर प्रदेश के 346, हरियाणा में 221, महाराष्ट्र में 100, मध्य प्रदेश में 44 उत्तराखंड 50 और कर्नाटक में दो गांव शामिल हैं।
चार साल में पूरा होगा काम
स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन का काम 4 साल में चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। 24 अप्रैल 2020 को इसकी घोषणा के बाद से ही 2024 तक 6.62 लाख गांव को कवर किया जाना है। जिसमें पहले चरण में एक लाख गांव को कवर किया गया है। इसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और कर्नाटक के गांव के साथ पंजाब और राजस्थान के गांव भी शामिल होंगे।