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पीएम के गांव में अब ‘बापू पंचायत’
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 06 Feb 2016 02:15 AM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदर्श गांव जयापुर के लोगों ने मिलकर तय किया है वे अब आपसी विवादों को निबटारा विधिसम्मत तरीके से अपने स्तर पर ही करेंगे। यदि कोई विवाद होता है तो वे थाने या कोर्ट-कचहरी न जाकर आपसी समन्वय से उसका हल निकालेंगे। इसके लिए गांव के लोगों ने बापू पंचायत का गठन किया है। शुक्रवार को गांव में बापू पंचायत की पहली बैठक हुई।
पंचायत ने मवेशी खरीद में पैसे के लेन-देन के विवाद का निबटारा किया।
जयापुर गांव के प्रधान नारायण पटेल और गांव के बुजुर्गों ने पंचायत का नाम बापू पंचायत रखने के साथ ही इसकी शुरुआत भी कर दी। पहले दिन इस अवसर पर दो लोगों के बीच हुए मवेशी विवाद को सुलझाया गया। बापू पंचायत में समाज के सभी वर्गों के पुरुषों और महिलाओं की भागीदारी होगी। पंचायत का प्रमुख ग्राम प्रधान होंगे। उनका निर्णय सर्वमान्य होगा।
खुद जयापुर के लोगों का मानना है कि बापू पंचायत के जरिये अधिकतर विवाद आसानी से हल हो जाएंगे। पीएम के गोद लिए गांव से इस अभियान की शुरुआत हो रही है। आने वाले समय में इसका असर दूसरे गांवों में भी जरूर दिखेगा। बापू पंचायत में मौजूद लोगों ने मिल्लत से रहने और कोई विवाद न करने का संकल्प भी लिया। ग्राम प्रधान नारायण पटेल ने कहा कि किसी वजह से विवाद हुआ तो उसका निबटारा गांव की पंचायत में ही आपसी समन्वय से किया जाएगा।
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पूरी कोशिश होगी कि अब कोई भी व्यक्ति थाने या कचहरी न जाए। उसे यहीं न्याय दिलाया जाए। बताया कि प्रत्येक रविवार को बापू पंचायत लगेगी। इसमें गांव का जो भी विवाद होगा उसे सुलझाया जाएगा। जरूरत पड़ी तो गांव में विधिक राय के लिए अधिवक्ता बुलाए जाएंगे। ग्राम प्रधान ने बताया कि शुक्रवार को पहली बापू पंचायत मेंगांव के बिरजू पटेल और विश्वनाथ पटेल के बीच मवेशी खरीद में पैसे के लेनदेन का विवाद था। इस विवाद को पंचायत के माध्यम से सुलझा दिया गया।
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पंचायत ने मवेशी खरीद में पैसे के लेन-देन के विवाद का निबटारा किया।
जयापुर गांव के प्रधान नारायण पटेल और गांव के बुजुर्गों ने पंचायत का नाम बापू पंचायत रखने के साथ ही इसकी शुरुआत भी कर दी। पहले दिन इस अवसर पर दो लोगों के बीच हुए मवेशी विवाद को सुलझाया गया। बापू पंचायत में समाज के सभी वर्गों के पुरुषों और महिलाओं की भागीदारी होगी। पंचायत का प्रमुख ग्राम प्रधान होंगे। उनका निर्णय सर्वमान्य होगा।
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खुद जयापुर के लोगों का मानना है कि बापू पंचायत के जरिये अधिकतर विवाद आसानी से हल हो जाएंगे। पीएम के गोद लिए गांव से इस अभियान की शुरुआत हो रही है। आने वाले समय में इसका असर दूसरे गांवों में भी जरूर दिखेगा। बापू पंचायत में मौजूद लोगों ने मिल्लत से रहने और कोई विवाद न करने का संकल्प भी लिया। ग्राम प्रधान नारायण पटेल ने कहा कि किसी वजह से विवाद हुआ तो उसका निबटारा गांव की पंचायत में ही आपसी समन्वय से किया जाएगा।
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पूरी कोशिश होगी कि अब कोई भी व्यक्ति थाने या कचहरी न जाए। उसे यहीं न्याय दिलाया जाए। बताया कि प्रत्येक रविवार को बापू पंचायत लगेगी। इसमें गांव का जो भी विवाद होगा उसे सुलझाया जाएगा। जरूरत पड़ी तो गांव में विधिक राय के लिए अधिवक्ता बुलाए जाएंगे। ग्राम प्रधान ने बताया कि शुक्रवार को पहली बापू पंचायत मेंगांव के बिरजू पटेल और विश्वनाथ पटेल के बीच मवेशी खरीद में पैसे के लेनदेन का विवाद था। इस विवाद को पंचायत के माध्यम से सुलझा दिया गया।