पीएम आवास योजना में धांधली: बलिया में सरकारी धन के गबन के आरोप में सचिव निलंबित, जांच हुई तो 58 लाभार्थियों में 34 मिले अपात्र
पंचायत भवन बना नहीं और मरम्मत के नाम पर 2.40 लाख रुपये का भुगतान करा लिया। डीडीओ ने आरोप पत्र के आधार पर ग्राम पंचायत अधिकारी मनोज कुमार गुप्ता को निलंबित करते हुए मुरली छपरा से संबद्ध कर दिया है।
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बलिया में प्रधानमंत्री आवास योजना में धांधली और बिना पंचायत भवन बने ही मरम्मत के नाम पर 2.40 लाख का भुगतान कराने के आरोप में जिला विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत अधिकारी मनोज कुमार गुप्ता को निलंबित कर दिया है। डीडीओ ने इस प्रकरण की जांच खंड विकास अधिकारी नगरा को सौंपी है।
हनुमानगंज ब्लॉक के खोरीपाकड़ गांव की नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान कमला राय ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर गबन का आरोप लगाया। आरोप है कि ग्राम प्रधान मद से पूर्व में कराए गए कार्यों की समीक्षा और कैशबुक के ऑनलाइन रिकॉर्ड से मिलान में कई कार्यों में अनियमितता व सरकारी धन के गबन का मामला सामने आया है। प्रधान ने बताया था कि ग्राम सभा खोरीपाकड़ में कोई पंचायत भवन बना ही नहीं है, लेकिन 16 दिसंबर 2020 को पंचायत भवन की मरम्मत व टाइल्स लगाने के एवज में सामग्री के नाम पर 190852 रुपये, इसी कार्य की मजदूरी के लिए 49776 रुपये का भुगतान किया गया है। जबकि कोई भी कार्य नहीं हुआ है।
जांच में कई शिकायतें मिलीं सही
इसी तरह 20 अगस्त 2020 को जगदीश राम, छोटू राम की जमीन से सटे कुएं की जगत के मरम्मत में सामग्री हेतु 124061 रुपये तथा इसी कार्य की मजदूरी में 17 जनवरी 2020 को 26052 रुपये का भुगतान किया गया है, जबकि मौके पर कार्य भुगतान के सापेक्ष 10 फीसदी के बराबर भी नहीं है। प्रधान ने गांव में पूर्व में कराए गए कई अन्य विकास कार्यों की जांच कराने की मांग की थी।
डीएम के निर्देश पर हुई जांच में कई शिकायतें सही मिलीं। इसके बाद हनुमानगंज ब्लॉक के बीडीओ ने जांच रिपोर्ट के साथ कार्रवाई के लिए डीडीओ राजित राम मिश्रा को आरोप पत्र भेजा था। उल्लेख किया था कि गांव में पीएम आवास के लिए कुल 58 लाभार्थियों में 34 लाभार्थी अपात्र मिले हैं। डीडीओ ने आरोप पत्र के आधार पर ग्राम पंचायत अधिकारी मनोज कुमार गुप्ता को निलंबित करते हुए मुरली छपरा से संबद्ध कर दिया है।
इस संदर्भ में डीडीओ राजित राम मिश्रा का कहना है कि खोरीपाकड़ गांव के ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ भेजे गए आरोप पत्र में कई अनियमितताओं की पुष्टि हुई है। इस आधार पर सचिव को निलंबित किया गया है।