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वाराणसी में टला बड़ा हादसा, निर्माणाधीन फ्लाईओवर की शटरिंग गिरी, मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 02 Jun 2018 02:13 PM IST
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फ्लाईओवर की शटरिंग गिरने के बाद राहत कार्य में लगे कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
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पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक बड़ा हादसा टल गया। बाबतपुर फोरलेन फ्लाईओवर के निर्माण कार्य के दौरान पेच मुड़ने से शटरिंग और कंक्रीट तेज आवाज के साथ गिर गई। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया।
शुक्रवार की भोर में तरना चमांव गेट के पास हुई घटना के बाद आसपास के लोग एकत्र हो गए। सुरक्षा मानकों के चलते किसी प्रकार की दुर्घटना नहीं हुई। मौके पर काम कर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियरों ने तत्काल मलबे को हटा दिया।
साथ ही अधिकारियों को सूचना दी गई। डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने इस मामले की मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश दिया। इसके लिए एडीएम सिटी वीरेंद्र पांडेय को जांच अधिकारी नामित किया है।
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तरना चमांव के पास भोर में चार बजे फ्लाईओवर के किनारे लोहे का क्लैंप लगाकर शटरिंग पर कंक्रीट की ढलाई का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक शटरिंग मुड़ने लगा और नीचे लगी जाली में फंसने लगा।
अधिक वजन पड़ने के बाद कुछ शटरिंग और कंक्रीट जमीन पर तेज आवाज के साथ गिर पड़ी। आनन फानन में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियरों ने लटके शटरिंग को उतारने का काम शुरू कर दिया।
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शुक्रवार की भोर में तरना चमांव गेट के पास हुई घटना के बाद आसपास के लोग एकत्र हो गए। सुरक्षा मानकों के चलते किसी प्रकार की दुर्घटना नहीं हुई। मौके पर काम कर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियरों ने तत्काल मलबे को हटा दिया।
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साथ ही अधिकारियों को सूचना दी गई। डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने इस मामले की मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश दिया। इसके लिए एडीएम सिटी वीरेंद्र पांडेय को जांच अधिकारी नामित किया है।
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तरना चमांव के पास भोर में चार बजे फ्लाईओवर के किनारे लोहे का क्लैंप लगाकर शटरिंग पर कंक्रीट की ढलाई का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक शटरिंग मुड़ने लगा और नीचे लगी जाली में फंसने लगा।
अधिक वजन पड़ने के बाद कुछ शटरिंग और कंक्रीट जमीन पर तेज आवाज के साथ गिर पड़ी। आनन फानन में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियरों ने लटके शटरिंग को उतारने का काम शुरू कर दिया।
रूट डायवर्ट के चलते नहीं हुई दुर्घटना
घटना स्थल पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
सूचना पाकर मौके पर पहुंचे एडीएम सिटी वीरेंद्र पांडेय ने इंजीनियरों से बातचीत की। कुछ देर में उत्तरी विधायक रवींद्र जायसवाल भी पहुंचे। उन्होंने भी प्राधिकरण के अधिकारियों से बातचीत कर अधिक सुरक्षा बरतने को कहा। संयोग अच्छा रहा कि वहां आवागमन पर प्रतिबंध लगा था। काम के दौरान कोई भी व्यक्ति निर्माण कार्य क्षेत्र के नीचे नहीं था।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना प्रबंधक पंकज सिंह का कहना है कि नट के मुड़ने या टूटने के कारण भोर में चार बजे 12 मीटर की शटरिंग प्लेट कंक्रीट के साथ खुलकर जाली में फंस गया।
इंजीनियरों ने तत्काल हाइड्रा मशीन से उसे नीचे उतारकर रख दिया। सुरक्षा मानकों के अनुरूप इस रास्ते को पहले से ही बंद करके रूट डायवर्ट किया गया था। इसके चलते किसी प्रकार की दुर्घटना नहीं हुई।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना प्रबंधक पंकज सिंह का कहना है कि नट के मुड़ने या टूटने के कारण भोर में चार बजे 12 मीटर की शटरिंग प्लेट कंक्रीट के साथ खुलकर जाली में फंस गया।
इंजीनियरों ने तत्काल हाइड्रा मशीन से उसे नीचे उतारकर रख दिया। सुरक्षा मानकों के अनुरूप इस रास्ते को पहले से ही बंद करके रूट डायवर्ट किया गया था। इसके चलते किसी प्रकार की दुर्घटना नहीं हुई।
फ्लाईवोर हादसे में गई थी 15 लोगों की जान
बीम के नीचे दबे वाहन
- फोटो : file photo
आपको बता दें कि 15 मई को भी वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन के पास बड़ा हादसा हुआ था। निर्माणाधीन फ्लाईओवर का स्लैब सड़क पर गिर गया था। इसकी चपेट में दर्जनों वाहन आ गए थे। हादसे में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। जबकि करीब 18 लोग गंभीर रुप से घायल हुए थे।
वाराणसी से सांसद पीएम मोदी और सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर दुख जताते हुए दोषियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की बात कही थी। वहीं फ़्लाईओवर बना रही एजेंसी सेतु निगम के चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया।
यह दुर्घटना वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के पास जीटी रोड पर कमलापति त्रिपाठी इंटर कॉलेज के सामने हुआ था। निर्माणाधीन फ्लाइओवर के नीचे चार कारें, पांच ऑटो, एक सिटी बस और कई मोटरसाइकिल दब गई थीं।
राज्य सरकार की ओर से हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए 5-5 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों के लिए 2-2 लाख रुपये के मुआवज़ा दिया गया था।
वाराणसी से सांसद पीएम मोदी और सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर दुख जताते हुए दोषियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की बात कही थी। वहीं फ़्लाईओवर बना रही एजेंसी सेतु निगम के चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया।
यह दुर्घटना वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के पास जीटी रोड पर कमलापति त्रिपाठी इंटर कॉलेज के सामने हुआ था। निर्माणाधीन फ्लाइओवर के नीचे चार कारें, पांच ऑटो, एक सिटी बस और कई मोटरसाइकिल दब गई थीं।
राज्य सरकार की ओर से हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए 5-5 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों के लिए 2-2 लाख रुपये के मुआवज़ा दिया गया था।