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देखते-देखते खाक हो गए बुराई के पुतले
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 13 Oct 2016 01:59 AM IST
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जगह-जगह जलाए गए रावण के पुतले
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रावण के विशालकाय पुतले को जलाकर लोगों ने असत्य पर सत्य की जीत का संदेश दिया। विजय दशमी पर 75 फीट का सबसे विशालकाय रावण डीरेका स्टेडियम के मैदान पर जलाया गया। उधर, रामनगर के ऐतिहासिक लंका मैदान में रावण के पुतले के सुरंगनुमा पेट से घुसकर पार होने की होड़ मची रही। यूपी कालेज के पास, हुकुलगंज में रावण दहन का साक्षी बनने को हजारों लोग जुटे। मलदहिया पर प्रदेश के लोकनिर्माण राज्यमंत्री सुरेंद्र पटेल की मौजूदगी में रावण का पुतला दहन हुआ। इस दौरान मंत्री ने भी रावण के पुतले पर बाण चलाए।
दशहरे पर डीरेका के स्पोर्ट्स स्टेडियम में बुराई के प्रतीक रावण, कुंभकरण तथा मेघनाद का संहार तथा उनके विशालकाय पुतलों के दहन के दौरान आकर्षक आतिशबाजी देखने को मिली। रावण दहन के दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। इस मौके पर डीरेका परिवार के सदस्यों एवं बच्चों द्वारा रामचरित मानस के अंतर्गत रामवनगमन, सीता हरण, लंका दहन, मेघनाद द्वारा लक्ष्मण पर शक्ति प्रयोग के उपरांत राम का विलाप एवं सीता अग्नि परीक्षा इत्यादि विविध प्रसंगों को रूपक के रूप में जीवंत रूप से दर्शाया गया। इसके बाद कुंभकरण, मेघनाद और रावण वध के उपरांत उनके विशालकाय पुतलों के दहन हुए।
मेला के चलते डीरेका-ककरमत्ता और डीरेका सुंदरपुर मार्ग पर घंटों जाम की स्थिति रही। मेला में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए डीरेका परिसर में पहले ही दो पहिया और चार पहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहा। ऐहतियातन गैस सिलेंडर और गैस वाले गुब्बारों की बिक्री पर भी रोक लगी रही। सुरक्षा के लिहाज से भारी संख्या में पुलिस और पीएसी की तैनाती रही। समारोह में डीरेका के कई आलाधिकारी मौजूद रहे। धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम संयोजक महेश प्रताप सिंह ने किया।
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दूसरी ओर मलदहिया में रावण का 35 फीट का पुतला शाम छह बजे जलाया गया। इस मौके पर प्रदेश के लोकनिर्माण मंत्री सुरेंद्र पटेल के अलावा पूर्व सांसद डॉ. राजेश मिश्र समेत शहर के कई गण्यमान्य लोग मौजूद रहे। समाज सेवा संघ के अध्यक्ष मंगल सोनी ने अगले वर्ष से मलदहिया में 100 फीट का रावण जलाने का ऐलान किया। वहीं लंका पर देर शाम बुराई के प्रतीक रावण का पुतला दहन किया गया। जब तक पुतला जलता रहा भक्त जयश्री राम का जयघोष करते रहे।
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दशहरे पर डीरेका के स्पोर्ट्स स्टेडियम में बुराई के प्रतीक रावण, कुंभकरण तथा मेघनाद का संहार तथा उनके विशालकाय पुतलों के दहन के दौरान आकर्षक आतिशबाजी देखने को मिली। रावण दहन के दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। इस मौके पर डीरेका परिवार के सदस्यों एवं बच्चों द्वारा रामचरित मानस के अंतर्गत रामवनगमन, सीता हरण, लंका दहन, मेघनाद द्वारा लक्ष्मण पर शक्ति प्रयोग के उपरांत राम का विलाप एवं सीता अग्नि परीक्षा इत्यादि विविध प्रसंगों को रूपक के रूप में जीवंत रूप से दर्शाया गया। इसके बाद कुंभकरण, मेघनाद और रावण वध के उपरांत उनके विशालकाय पुतलों के दहन हुए।
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मेला के चलते डीरेका-ककरमत्ता और डीरेका सुंदरपुर मार्ग पर घंटों जाम की स्थिति रही। मेला में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए डीरेका परिसर में पहले ही दो पहिया और चार पहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहा। ऐहतियातन गैस सिलेंडर और गैस वाले गुब्बारों की बिक्री पर भी रोक लगी रही। सुरक्षा के लिहाज से भारी संख्या में पुलिस और पीएसी की तैनाती रही। समारोह में डीरेका के कई आलाधिकारी मौजूद रहे। धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम संयोजक महेश प्रताप सिंह ने किया।
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दूसरी ओर मलदहिया में रावण का 35 फीट का पुतला शाम छह बजे जलाया गया। इस मौके पर प्रदेश के लोकनिर्माण मंत्री सुरेंद्र पटेल के अलावा पूर्व सांसद डॉ. राजेश मिश्र समेत शहर के कई गण्यमान्य लोग मौजूद रहे। समाज सेवा संघ के अध्यक्ष मंगल सोनी ने अगले वर्ष से मलदहिया में 100 फीट का रावण जलाने का ऐलान किया। वहीं लंका पर देर शाम बुराई के प्रतीक रावण का पुतला दहन किया गया। जब तक पुतला जलता रहा भक्त जयश्री राम का जयघोष करते रहे।