{"_id":"5aa978c14f1c1bc3758b5708","slug":"phulpur-by-election-results-varanasi-defeat-in-set-one-mp","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"लोकसभा उपचुनाव: एक और सांसद देने से वंचित रह गई काशी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोकसभा उपचुनाव: एक और सांसद देने से वंचित रह गई काशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 15 Mar 2018 02:09 PM IST
विज्ञापन
किस्मत से मिला मौका कौशलेंद्र के काम नहीं आया
- फोटो : facebook
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काशी एक और सांसद का गौरव देने से वंचित रह गई। कहां तो भाजपाजनों ने तैयारी कर रखी थी कि फूलपुर लोकसभा क्षेत्र के उपचुनाव के नतीजे आने पर दोपहर बाद मिठाई बांटी जाएगी और ढोल-नगाड़े की थाप पर आतिशबाजी कर जश्न मनाया जाएगा लेकिन सब कुछ धरा रह गया।
मतगणना का रुझान उम्मीद के मुताबिक न होने पर दोपहर बाद ही गुलाब बाग स्थित भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय और चितईपुर क्षेत्र की ओम नगर कॉलोनी स्थित कौशलेंद्र सिंह पटेल के घर पर सन्नाटा छा गया।
कौशलेंद्र सिंह 2007 में वाराणसी के मेयर चुने गए थे। इसके बाद से वह राजनीति की मुख्यधारा में नहीं दिखे। 2014 के लोकसभा चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनाव में कौशलेंद्र ने मिर्जापुर से टिकट के लिए दावेदारी की लेकिन सफलता नहीं मिली।
विज्ञापन
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का करीबी होने के कारण पार्टी ने कौशलेंद्र को फूलपुर से प्रत्याशी बनाया, मगर किस्मत से मिला यह मौका कौशलेंद्र के काम नहीं आया।
इस बारे में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य ने कहा कि बेमेल गठबंधन और लगातार जीत से अति उत्साहित कार्यकर्ताओं की वजह से फूलपुर और गोरखपुर में पार्टी की हार हुई है। भाजपा जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि कम मतदान प्रतिशत ने खेल बिगाड़ दिया।
विज्ञापन
मतगणना का रुझान उम्मीद के मुताबिक न होने पर दोपहर बाद ही गुलाब बाग स्थित भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय और चितईपुर क्षेत्र की ओम नगर कॉलोनी स्थित कौशलेंद्र सिंह पटेल के घर पर सन्नाटा छा गया।
विज्ञापन
कौशलेंद्र सिंह 2007 में वाराणसी के मेयर चुने गए थे। इसके बाद से वह राजनीति की मुख्यधारा में नहीं दिखे। 2014 के लोकसभा चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनाव में कौशलेंद्र ने मिर्जापुर से टिकट के लिए दावेदारी की लेकिन सफलता नहीं मिली।
विज्ञापन
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का करीबी होने के कारण पार्टी ने कौशलेंद्र को फूलपुर से प्रत्याशी बनाया, मगर किस्मत से मिला यह मौका कौशलेंद्र के काम नहीं आया।
इस बारे में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य ने कहा कि बेमेल गठबंधन और लगातार जीत से अति उत्साहित कार्यकर्ताओं की वजह से फूलपुर और गोरखपुर में पार्टी की हार हुई है। भाजपा जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि कम मतदान प्रतिशत ने खेल बिगाड़ दिया।
चुनाव परिणाम ने फूंका सपा में जान
पार्टी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को जीत का जश्न मनाया
- फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर और फूलपुर के परिणाम ने सपा में जान फूंक दी है। विधानसभा और नगर निकाय चुनाव हारने के बाद से सुस्त पार्टी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को जीत का जश्न मनाया। सपा जिलाध्यक्ष डॉ. पीयूष यादव, महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल, पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल समेत वरिष्ठ नेताओं को फूलपुर विधानसभा में जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
बुधवार को जीत के रुझान आने पक्ष में आने के संकेत मिलते ही कार्यकर्ता खुशी से झूमने लगे। शाम को पार्टी नेता अर्दली बाजार स्थित कार्यालय पर जुटे और परिणाम घोषित होने के बाद ढोल-नगाड़े बजने शुरू हो गए।
इसके बद कचहरी अंबेडकर चौराहे पर सपा और बसपा कार्यकर्ता एक साथ पहुंचे। राजकुमार जायसवाल, बसपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मण राम, महानगर अध्यक्ष हर्ष राजभर,कोआर्डिनेटर विनोद कुमार गौतम ने एक-दूसरे को बधाई दी।
अंबेडकर पार्क में सपा और बसपा के झंडे लहराए गए। लहुराबीर चौराहे, नदेसर और मैदागिन समेत कई जगह सपा कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। वहीं बहुजन छात्र मोर्चा का एक दल बीएचयू से साइकिल यात्रा कर अंबेडकर पार्क पहुंचा।
उधर, बसपा जिला उपाध्यक्ष मेराज फारुकी जुग्गन के आवास पर हुई बैठक में मेराज ने कार्यकर्ताओं से कहा कि लोकसभा की दो सीटों पर मिली जीत बसपा के संस्थापक कांशीराम की सोच और उनकी कार्यशैली का परिणाम है। 15 मार्च को उनका 84वां जन्मदिन है। इसके साथ ही उन्होने कहा कि हमारा प्रयास होगा कि 2019 में दोनों दल सभी सीटों को जीतकर देश में इतिहास रच दें।
बुधवार को जीत के रुझान आने पक्ष में आने के संकेत मिलते ही कार्यकर्ता खुशी से झूमने लगे। शाम को पार्टी नेता अर्दली बाजार स्थित कार्यालय पर जुटे और परिणाम घोषित होने के बाद ढोल-नगाड़े बजने शुरू हो गए।
इसके बद कचहरी अंबेडकर चौराहे पर सपा और बसपा कार्यकर्ता एक साथ पहुंचे। राजकुमार जायसवाल, बसपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मण राम, महानगर अध्यक्ष हर्ष राजभर,कोआर्डिनेटर विनोद कुमार गौतम ने एक-दूसरे को बधाई दी।
अंबेडकर पार्क में सपा और बसपा के झंडे लहराए गए। लहुराबीर चौराहे, नदेसर और मैदागिन समेत कई जगह सपा कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। वहीं बहुजन छात्र मोर्चा का एक दल बीएचयू से साइकिल यात्रा कर अंबेडकर पार्क पहुंचा।
उधर, बसपा जिला उपाध्यक्ष मेराज फारुकी जुग्गन के आवास पर हुई बैठक में मेराज ने कार्यकर्ताओं से कहा कि लोकसभा की दो सीटों पर मिली जीत बसपा के संस्थापक कांशीराम की सोच और उनकी कार्यशैली का परिणाम है। 15 मार्च को उनका 84वां जन्मदिन है। इसके साथ ही उन्होने कहा कि हमारा प्रयास होगा कि 2019 में दोनों दल सभी सीटों को जीतकर देश में इतिहास रच दें।
मेयर रहले के बाद कहां से सांसद हो जइतन...
इलेक्शन
- फोटो : self
बुधवार की शाम अस्सी, चौक सहित शहर की अन्य प्रमुख अड़ियों पर देर रात तक चुनावी चकल्लस का दौर चला। इस दौरान कांग्रेसियों-सपाइयों ने भाजपाई दोस्तों पर जमकर निशाने साधे। कहना था कि देखा ई बनारस के इतिहास हौ कि जे इहां मेयर हो गईल ऊ फेर कौनो अउर चुनाव न लड़ी। कौशलेंद्र ई परंपरा के तोड़े के प्रयास कइलन लेकिन सफलता नाही मिलल...।