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वाराणसी को 'स्मार्ट' बनाने पर पीएचडी चैंबर्स खर्च करेगा 500 करोड़
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 13 Oct 2017 12:03 PM IST
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गंगा-वरुणा में होगी जलक्रीड़ा, देश की पहली वाटर स्पोर्ट्स एजुकेशन एकेडमी बनाएंगे
- फोटो : अमर उजाला
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देश के प्रमुख उद्यमी औद्योगिक संस्था पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के जरिए काशी में विकास को गति देंगे। काशी को केंद्र में रखकर देश के शहरों को स्मार्ट बनाने, स्वच्छ गंगा मिशन और बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए 1500 करोड़ रुपए खर्च करने का फैसला लिया गया है।
काशी में दो चरणों में योजनाओं को मूर्त रूप दिया जाएगा जिस पर 500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह जानकारी गुरुवार को रथयात्रा स्थित कन्हैया लाल स्मृति भवन में कमेटी के प्रमुख एवं बनारस बीड्स के एमडी अशोक गुप्ता और क्लार्क समूह के अध्यक्ष विनय कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि इसके लिए पहले चरण में पांच सौ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि विकास के लिए देश भर के 16 हजार उद्यमी अपना योगदान करेंगे। इन योजनाओं को चैरिटी और पीपीपी मॉडल से भी मूर्त रूप दिया जाएगा। विकास के लिए सीएसआर और कॉमर्शियल दो तरह से धनराशि खर्च की जाएगी।
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काशी में विकास की इन योजनाओं को वर्ष 2019 तक दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में मार्च 2018 तक घाटों पर 144 छतरियां लगाई जाएंगी। साथ ही, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए लिफ्ट चेयर लगाई जाएंगी। केदार घाट पर एक सप्ताह के भीतर इसका प्रयोग शुरू किया जाएगा। पानी की बर्बादी रोकने के लिए वाटर एटीएम और बायो टॉयलेट की व्यवस्था की जाएगी।
उद्यमियों ने शहर में प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक कार चलवाने का प्रस्ताव भी सरकार को दिया है। इन ई-कारों के लिए चार्जिंग स्टेशन भी बनाया जाएगा। गंगा में सोलर नाव चलाने, तैरते हुए होटल (फ्लोटिंग होटल) बनाने और क्रूज चलाने की भी योजना है।
साथ ही, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गंगा और वरुणा में जल क्रीड़ा (वाटर स्पोर्ट्स) की भी योजना है। अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि गंगा में सी-प्लेन संचालन के लिए सरकार ने सर्वे करा लिया है।
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काशी में दो चरणों में योजनाओं को मूर्त रूप दिया जाएगा जिस पर 500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह जानकारी गुरुवार को रथयात्रा स्थित कन्हैया लाल स्मृति भवन में कमेटी के प्रमुख एवं बनारस बीड्स के एमडी अशोक गुप्ता और क्लार्क समूह के अध्यक्ष विनय कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि इसके लिए पहले चरण में पांच सौ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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उन्होंने बताया कि विकास के लिए देश भर के 16 हजार उद्यमी अपना योगदान करेंगे। इन योजनाओं को चैरिटी और पीपीपी मॉडल से भी मूर्त रूप दिया जाएगा। विकास के लिए सीएसआर और कॉमर्शियल दो तरह से धनराशि खर्च की जाएगी।
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काशी में विकास की इन योजनाओं को वर्ष 2019 तक दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में मार्च 2018 तक घाटों पर 144 छतरियां लगाई जाएंगी। साथ ही, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए लिफ्ट चेयर लगाई जाएंगी। केदार घाट पर एक सप्ताह के भीतर इसका प्रयोग शुरू किया जाएगा। पानी की बर्बादी रोकने के लिए वाटर एटीएम और बायो टॉयलेट की व्यवस्था की जाएगी।
उद्यमियों ने शहर में प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक कार चलवाने का प्रस्ताव भी सरकार को दिया है। इन ई-कारों के लिए चार्जिंग स्टेशन भी बनाया जाएगा। गंगा में सोलर नाव चलाने, तैरते हुए होटल (फ्लोटिंग होटल) बनाने और क्रूज चलाने की भी योजना है।
साथ ही, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गंगा और वरुणा में जल क्रीड़ा (वाटर स्पोर्ट्स) की भी योजना है। अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि गंगा में सी-प्लेन संचालन के लिए सरकार ने सर्वे करा लिया है।
गोदौलिया से दशाश्वमेध तक अब दौड़ेगी ई-बग्घी
विमानन मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद काम शुरू हो जाएगा। इसके अलावा काशी में देश के पहले जल क्रीड़ा शिक्षा संस्थान (वाटर स्पोर्ट्स एजूकेशन एकेडमी) की स्थापना भी की जाएगी।
पीएचडी चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल से मुलाकात कर विकास कार्यों की रूपरेखा उनके सामने रखी। बैठक में गोदौलिया चौराहे से दशाश्वमेध घाट तक ई-बग्घी चलाने, घाटों पर छतरियां, लिफ्ट चेयर, डिस्प्ले बोर्ड लगाने और बायो टॉयलेट बनवाने पर सहमति बनी। नगर आयुक्त ने प्रतिनिधिमंडल में शामिल उद्यमियों से प्रस्ताव बनाकर प्रस्तुत करने को कहा है।
नगर आयुक्त ने कहा कि विकास कार्य कराने के बाद इसके मेंटीनेंस एवं देखभाल की भी व्यवस्था करनी होगी। बुजुर्गों और दिव्यांगों को घाट तक जाने के लिए लिफ्ट चेयर लगवाई जाएगी। आकर्षक डिस्प्ले बोर्ड भी लगाए जाएंगे।
इसमें आने वाले बिजली के खर्च का प्रबंध विज्ञापनों और कार्यक्रमों के माध्यम से किया जाएगा। दशाश्वमेध घाट तक ई-बग्घी भी चलाने की योजना है। पीएचडी चैंबर्स ऑफ कामर्स सीएसआर के तहत इस पर धनराशि खर्च करेगा।
पीएचडी चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल से मुलाकात कर विकास कार्यों की रूपरेखा उनके सामने रखी। बैठक में गोदौलिया चौराहे से दशाश्वमेध घाट तक ई-बग्घी चलाने, घाटों पर छतरियां, लिफ्ट चेयर, डिस्प्ले बोर्ड लगाने और बायो टॉयलेट बनवाने पर सहमति बनी। नगर आयुक्त ने प्रतिनिधिमंडल में शामिल उद्यमियों से प्रस्ताव बनाकर प्रस्तुत करने को कहा है।
नगर आयुक्त ने कहा कि विकास कार्य कराने के बाद इसके मेंटीनेंस एवं देखभाल की भी व्यवस्था करनी होगी। बुजुर्गों और दिव्यांगों को घाट तक जाने के लिए लिफ्ट चेयर लगवाई जाएगी। आकर्षक डिस्प्ले बोर्ड भी लगाए जाएंगे।
इसमें आने वाले बिजली के खर्च का प्रबंध विज्ञापनों और कार्यक्रमों के माध्यम से किया जाएगा। दशाश्वमेध घाट तक ई-बग्घी भी चलाने की योजना है। पीएचडी चैंबर्स ऑफ कामर्स सीएसआर के तहत इस पर धनराशि खर्च करेगा।