{"_id":"5b6952174f1c1bcb2e8b4e92","slug":"people-will-see-live-journy-of-ganga-at-varanasi-from-gangotri-to-ganga-sagar","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गंगोत्री से गंगा सागर तक कैसी होती हैं गंगा की लहरें, बनारस में देख सकेंगे जीवंत नजारा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगोत्री से गंगा सागर तक कैसी होती हैं गंगा की लहरें, बनारस में देख सकेंगे जीवंत नजारा
आलोक कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 08 Aug 2018 10:11 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : ganga
गंगोत्री से गंगा सागर तक गंगा की यात्रा जल्द ही लहरों पर जीवंत होने वाली है। काशी में वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूआईआई) सितंबर से बजड़े पर गंगा प्रदर्शनी लगाने की तैयारी कर रहा है। नमामि गंगे परियोजना के तहत रामनगर से राजघाट तक गंगा की लहरों पर सजने वाली यह विश्व की पहली प्रदर्शनी होगी।
ऑडियो-वीडियो एवं चित्रों जरिए प्रदर्शनी में गंगा की पौराणिकता और ऐतिहासिकता के साथ ही उसकी वर्तमान दशा को श्रद्धालुओं और पर्यटकों के सामने उजागर किया जाएगा। प्रदर्शनी में गंगा के उद्गम स्थलों, गंगा में मिलने वाली सहायक नदियों और समूचे गंगा बेसिन के साथ नदियों में बढ़ रहे प्रदूषण को भी मॉडलों के जरिए दर्शाया जाएगा। वन संपदा और जंगली जीवों के संरक्षण से संबंधित ऑडियो-वीडियो, चित्रों को आकर्षक तरीके से तैयार किया जा रहा है।
गंगोत्री से गंगासागर का जल भी होगा आकर्षण का केंद्र
प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण विभिन्न नदियों से संकलित जल है। गंगोत्री से लेकर कोलकाता तक गंगा का जल विभिन्न स्थानों से संकलित कर उसमें प्रदूषण के स्तर को दर्शाया जाएगा। प्रदर्शनी को इस प्रकार से तैयार किया जा रहा है कि यहां आने वाले किसी भी व्यक्ति को एक नजर में ही नदियों की भौगोलिक स्थिति, इसमें बढ़ रहे प्रदूषण की वजह और जैव पारिस्थितिकी को उत्पन्न हो रहे खतरे की जानकारी हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
ऑडियो-वीडियो एवं चित्रों जरिए प्रदर्शनी में गंगा की पौराणिकता और ऐतिहासिकता के साथ ही उसकी वर्तमान दशा को श्रद्धालुओं और पर्यटकों के सामने उजागर किया जाएगा। प्रदर्शनी में गंगा के उद्गम स्थलों, गंगा में मिलने वाली सहायक नदियों और समूचे गंगा बेसिन के साथ नदियों में बढ़ रहे प्रदूषण को भी मॉडलों के जरिए दर्शाया जाएगा। वन संपदा और जंगली जीवों के संरक्षण से संबंधित ऑडियो-वीडियो, चित्रों को आकर्षक तरीके से तैयार किया जा रहा है।
विज्ञापन
गंगोत्री से गंगासागर का जल भी होगा आकर्षण का केंद्र
प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण विभिन्न नदियों से संकलित जल है। गंगोत्री से लेकर कोलकाता तक गंगा का जल विभिन्न स्थानों से संकलित कर उसमें प्रदूषण के स्तर को दर्शाया जाएगा। प्रदर्शनी को इस प्रकार से तैयार किया जा रहा है कि यहां आने वाले किसी भी व्यक्ति को एक नजर में ही नदियों की भौगोलिक स्थिति, इसमें बढ़ रहे प्रदूषण की वजह और जैव पारिस्थितिकी को उत्पन्न हो रहे खतरे की जानकारी हो सके।
विज्ञापन
प्रदर्शनी में यह होगा खास
छतरी के नीचे बैठे साधु
- फोटो : अमर उजाला
डब्ल्यूआईआई के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रुचि वडेला ने कहा कि नेचर इंटरप्रटेशन एंड एजुकेशन फॉर बॉयोडायवर्सिटी कंजरवेशन ऑफ गंगा रिवर योजना के तहत तैयार प्रदर्शनी का उद्देश्य गंगा के प्रति संवेदनशील बनाना और जागरूकता बढ़ाना है।
यह होगा खास
- गंगा अवतरण, भगीरथ की कोशिशों का चित्रांकन
- बनारस के घाटों की आधुनिक चित्रकारी
- राष्ट्रीय संग्रहालय में उपलब्ध गंगा की मृण्मूर्ति का चित्र
- गंगा का मगरमच्छ पर सवार होना
- एलोरा की गुफाओं में गंगा का इतिहास
यह होगा खास
- गंगा अवतरण, भगीरथ की कोशिशों का चित्रांकन
- बनारस के घाटों की आधुनिक चित्रकारी
- राष्ट्रीय संग्रहालय में उपलब्ध गंगा की मृण्मूर्ति का चित्र
- गंगा का मगरमच्छ पर सवार होना
- एलोरा की गुफाओं में गंगा का इतिहास