नागरिकता संशोधन कानूनः बनारस का माहौल खराब करने के लिए पूर्वांचल और बिहार से बुलाए गए थे लोग
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नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के बहाने बनारस का माहौल खराब करने की साजिश रची गई। इसके लिए पूर्वांचल के अन्य जिलों, बिहार और झारखंड से लोगों को बुलाया गया। इतना ही नहीं, तैयारी की गई थी कि विरोध-प्रदर्शन को सुनियोजित तरीके से हिंसक रूप दे देना है।
सर्विंलांस की मदद से ऐसे 14 लोगों को चिह्नित कर उनकी धरपकड़ के लिए छापेमारी की जा रही है। जिलाधिकारी के अनुसार इन सभी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि इस साजिश के पीछे आखिरकार किसका हाथ था।
बेनियाबाग मैदान में बृहस्पतिवार को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के लिए किसी संगठन का नाम लिए बगैर लोगों को एकत्र होने का आह्वान किया गया था। तय किया गया था विरोध-प्रदर्शन को हिंसक रूप देकर शहर का माहौल खराब किया जाएगा। इसके लिए सोशल मीडिया, पंफलेट, पोस्टर और कॉल का सहारा लिया गया।
इस तरह से मऊ, बलिया, आजमगढ़, जौनपुर, चंदौली, बिहार के कैमूर व शेखपुरा, झारखंड के धनबाद से एक-एक और गाजीपुर, देवरिया व पटना से दो-दो लोग बनारस आए थे। हालांकि, पुलिस और प्रशासन की सतर्कता और निरोधात्मक कार्रवाई की वजह से माहौल सामान्य रहा। इस संबंध में धर्मगुरुओं, संभ्रांत लोगों और आमजन के बीच जाकर उन्हें आगाह करने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है।
कुछ बाहरी लोग भीड़ का फायदा उठा कर माहौल खराब करने के इरादे से शहर में आए हैं। जुमे की नमाज के दौरान मस्जिदों और सड़कों पर लोग भीड़ न लगाएं। यदि किसी की भी गतिविधि संदिग्ध प्रतीत हो तो तत्काल पुलिस को सूचना दे।
कौशल राज शर्मा, जिलधिकारी