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जन सहभागिता के दम पर संवरेगी काशी

Mon, 06 Apr 2015 01:44 AM IST
वाराण्ासी, ब्यूरो
वाराण्ासी, ब्यूरो Updated Mon, 06 Apr 2015 01:44 AM IST
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People participations make ideal Kashi

वाराणसी। स्वच्छ काशी-सुंदर काशी के प्रधानमंत्री के नारे को साकार करने के लिए जन सहभागिता का सहारा लिया जाएगा। इसके लिए गुजरात से काशी तक सहभागिता की कड़ी जुड़ने लगी है। विकास की इस नई बुनियाद को मजबूती से खड़ा करने के लिए वाराणसी विकास समिति ने कदम बढ़ाया है।

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जल थल शव वाहिनी के संचालन के रूप में इसकी शुरुआत सोमवार को होगी लेकिन अब यह सिलसिला रुकेगा नहीं। मणिकर्णिका, हरिश्चंद्र घाट को टाइल्स बिछाकर चमकाने के साथ ही नाले में तब्दील असि नदी पर जन सहयोग से ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की भी योजना है।  त्रिदेव मंदिर में रविवार की शाम हुई वाराणसी विकास समिति की बैठक में यह जानकारी दी गई।
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मोक्ष नगरी में अब तक हुई स्वच्छता और विकास की अनदेखी की भरपाई का नया फार्मूला सामने आने लगा है। इसमें प्रशासन और नगर निगम, वीडीए जैसे सरकारी विभागों के साथ कदम से कदम मिलाकर विकास करने की रणनीति तैयार की गई है।
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इसके मूल में है पीएम मोदी का स्वच्छ काशी-सुंदर काशी का नारा, जिसे उन्होंने शपथ ग्रहण से पहले दशाश्वमेध घाट पर गंगा को साक्षी मान कर दिया था। गुजरात के कुछ उद्योगपतियों ने आगे आकर यह रास्ता दिखाया है तो काशी के उद्योगपति दो कदम बढ़कर इसे मूर्त रूप देने में जुट गए हैं।
जाम का बोझ कम करने, अंतिम संस्कार के लिए शवों को श्मशान घाटों तक पहुंचाने के लिए सोमवार की सुबह अस्सी घाट से जल थल शव वाहिनियों का संचालन शुरू कराया जाएगा। इसके संचालन की योजना वाराणसी विकास समिति ने बनाई है।
 समिति के अध्यक्ष आरके चौधरी ने बताया कि मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाटों पर जहां अभी गंदगी के चलते खड़ा होने में भी लोग हिचकते हैं, वहां टाइल्स बिछाने और शव यात्रियों के लिए एसी कक्ष बनाने की योजना है। इसके लिए कोलकाता के एक उद्योगपति ने पांच करोड़ रुपये दिए हैं।
नाले में तब्दील हो चुकी असि नदी पर जन सहभागिता से ही ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए डिजाइन तैयार कराई जा रही है। मुंबई के पिरामल ग्रुप ने दशाश्वमेध, शीतला घाट, प्रयाग घाट और राजेंद्र प्रसाद घाट को संवारने के लिए सर्वे कर लिया है। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि अब वो विकास के लिए दूसरे राज्यों से आ रहे लोगों की सराहना करने की बजाए दो कदम आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।

देश में काशी के सामुदायिक विकास की मिसाल पेश की जाएगी। इस मौके पर केशव जालान, अनुज डिडवानिया, राधेगोविंद केजरीवाल, अशोक अग्रवाल, यूएस पोद्दार, प्रेम मिश्रा, अखिलेश खेमका समेत तमाम लोग उपस्थित थे। संचालन राजेंद्र दुबे ने किया।

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