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गजब है हाल: गाय-बकरी के कारण Driving Licence के लिए हो रहे फेल, ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के ट्रैक पर पशुओं का डेरा
Tue, 05 Nov 2024 02:37 PM IST
अमन विश्वकर्मा
ललित शंकर पांडेय, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
ललित शंकर पांडेय, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Tue, 05 Nov 2024 02:37 PM IST
सार
Varanasi News : वाराणसी में करौंदी के ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर गंदगी और पशुओं के कारण लाइसेंस लेने वाले लोग वाहन नहीं चला पा रहे हैं। इस कारण कर्मचारियों से सेटिंग करनी पड़ती है।
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करौंदी स्थित आरटीओ के डीटीआई ट्रेक पर बकरियां।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
करौंदी आईटीआई परिसर में संचालित ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में परमानेंट डीएल के अभ्यर्थियों को गाय-बकरी, ईंट-पत्थर के चलते लाइसेंस नहीं मिल पा रहा है। वह फेल हो जा रहे हैं। ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर गंदगी और पशुओं का जमावड़ा होने के चलते अभ्यर्थियों काे परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस पाने की चाहत एक बार में पूरी नहीं हो पा रही है। उन्हें फिर से ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के कर्मियों से सेटिंग करनी पड़ती है।
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डीटीआई के अधिकारियों के अनुसार, चहारदीवारी चारों तरफ से क्षतिग्रस्त होने के चलते पशुओं को रोक पाना संभव नहीं है। उच्चाधिकारियों से कई बार इसकी शिकायत की गई, लेकिन कुछ ठोस परिणाम नहीं निकल सका है। यही कारण है कि अभ्यर्थियों की परेशानियां बनी हुईं हैं।
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करौंदी के आईटीआई भवन परिसर में ही ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (डीटीआई) है। डीटीआई के ठीक सामने ट्रैक बनाया गया है। यहां पर स्विफ्ट डिजायर कार से अभ्यर्थियों का टेस्ट लिया जाता है। घुमावदार ट्रैक पर जगह-जगह ईंट,पत्थर बिखरे हुए हैं। घास इतनी बड़ी-बड़ी है कि छुट्टा पशुओं का ट्रैक पर ही हमेशा डेरा रहता है। टेस्ट के दौरान कार के सामने पशुओं के आने के कारण अभ्यर्थियों को परेशानियां होती है और इसमें अधिकतर फेल हो जाते हैं।
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बैकडोर से पास होने की व्यवस्था : अभ्यर्थियों को फिर बैकडोर से पास करने की व्यवस्था होती है। एक हजार रुपये कार का लाइसेंस है, लेकिन 1500 रुपये अभ्यर्थियों से लिया जाता है। यही रेट चल रहा है, जब से लर्निंग फेसलेस हुई है। कार का प्रशिक्षण देने वाले पर ही सबकुछ निर्भर रहता है।
बोले अधिकारी
चहारदीवारी और सफाई की व्यवस्था के लिए शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। प्रस्ताव पास होते ही यहां व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएंगी। - सर्वेश चतुर्वेदी, एआरटीओ प्रशासन