वाराणसी: बॉर्डर पार करने के लिए लोग बना रहे अजीबोगरीब बहाने, पुलिस भी हैरान
लॉकडाउन की अवधि बढ़ने के साथ ही वाराणसी से जुड़ी सीमाओं पर सख्ती और बढ़ा दी गई है। लॉकडाउन में लोगों को घरों से बाहर निकलने की इजाजत नहीं है, बॉर्डर सील होने के चलते वाराणसी में आने और शहर से बाहर जाने पर भी रोक लगी है। लेकिन लोग आने-जाने के लिए अजीबोगरीब बहाने बना रहे हैं, जिन्हें सुन पुलिस भी उनको मना नहीं कर पाती है।
वाराणसी में आने और बाहर जाने वाले लोग जिले की सीमा पर तैनात पुलिस को तरह-तरह के बहाने बता रहे हैं। गाजीपुर जाने वाले रामकांत ने सारनाथ में पुलिस को बताया कि उनकी मां की तबीयत बहुत खराब है, वह घर जा रहे हैं। वह वाराणसी में नौकरी करते हैं, गाजीपुर में घर पर मां को दवा दिलाने के लिए कोई नहीं है। इस दौरान पुलिस ने उन्हें जाने दिया। साथ ही पुलिस ने उनसे आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने के लिए भी कहा।
जौनपुर से बाइक से वाराणसी आ रहे राधेश्याम ने पुलिस को बताया कि उन्हें किडनी की बीमारी है, उनको आज वाराणसी के एक निजी अस्पताल में डॉक्टर से तारीख मिली है। इस दौरान पुलिस ने उनसे डॉक्टर की लिखी पर्ची मांगी तो उन्होंने दिखाई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें जाने दिया।
दानगंज सीमा पर आजमगढ़ से वाराणसी शहर आ रहे कमलनाथ ने कहा कि उन्हें न्यूरो की समस्या है। उनसे भी पुलिस ने पर्ची मांगी, इसके बाद उन्होंने पर्ची दिखाई और पुलिस ने जाने दिया। देवगांव(आजमगढ़) से वाराणसी की तरफ जा रहे हरबल्लमपुर ग्राम निवासी श्यामसुंदर यादव ने बताया कि ऐढ़े में उनकी जमीन रिंग रोड निर्माण में अधिग्रहित कर ली गई। मुआवजे राशि से देवगांव(हदीसा) में खरीदे गए खेत में थ्रेसरिंग कराकर घर जा रहे हैं। उन्होंने प्रमाण के तौर पर खेत के कागजात की छाया प्रति दिखाई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गंतव्य को जाने की अनुमति दी।