श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए धनसंग्रह में जुडे़ंगे पीठाधीश्वर, मठ व मंदिरों के प्रमुख को सौंपी जिम्मेदारी
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श्रीराम मंदिर निर्माण के निधि संग्रह अभियान की रूपरेखा तैयार हो चुकी है। वाराणसी शहर को दो भागों में बांटा गया है। वहीं वार्डवार समितियों में स्थानीय लोगों के साथ ही मठ व मंदिरों के प्रमुखों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राम मंदिर निर्माण के लिए निधिसंग्रह अभियान मकर संक्रांति से माघी पूर्णिमा तक चलेगा। निधि संग्रह कार्यक्रम विश्व का सबसे बड़ा सामाजिक एवं सांस्कृतिक अभियान होगा। मंदिर निर्माण के लिए चलाए जा रहे धनसंग्रह अभियान के तहत 11 करोड़ घरों से संपर्क करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए आरएसएस और उसके अनुषांगिक संगठनों के तीन से चार लाख निष्ठावान कार्यकर्ताओं की टीम को लगाया जाएगा। काशी क्षेत्र में वार्ड और ग्रामीण स्तर पर समितियां बनाई गई हैं। इसके लिए मोहल्ले के मठ और मंदिरों के प्रमुख लोगों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
काशी प्रांत के अंतर्गत 16 हजार गांवों के 50 लाख परिवारों में कार्यकर्ता जाएंगे। इस अभियान के लिए तीन-तीन कार्यकर्ताओं की टीम बनाई गई है जो अपने-अपने गांव, मोहल्ले के लोगों के घर जाएंगे और राम मंदिर निर्माण के लिए सहयोग मांगेंगे। इसके लिए दस सौ और एक हजार रुपये के कूपन तैयार किए गए हैं। इससे ज्यादा दान देने वालों को रसीद काटकर दी जाएगी।
दो भागों में बांटा शहर को
वाराणसी को उत्तरी और दक्षिण दो भागों में विभाजित किया गया है। धन संग्रह अभियान के लिए जो संरचना बनाई गई है उसमें दक्षिण जिले को 12 नगरों में बांटा गया है। इसमें 120 बस्तियों को चिन्हित किया गया है। इन बस्तियों को भी पृथक करते हुए हर बस्ती में एक 10 उप बस्ती को शामिल किया गया है। अब तक नगर व बस्तियों की संरचना सुनिश्चित कर ली गई है जबकि उप बस्तियों की संरचना शेष है जिसे 10 जनवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। 15 जनवरी से जन संग्रह का कार्य प्रारंभ होगा।
शाम से पहले बैंकों में जाम होगा धन
दिन में धन संग्रह कार्य होगा और शाम होने से पहले ही नगर के वार्ड या गांव के समीप स्थित बैंक की शाखा में संग्रहित धनराशि जमा कर दी जाएगी। इसके लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की ओर से तीन बैंकों की देश भर में 46 हजार शाखाओं में खाते खोले गए हैं।
जिला कार्यालय में लेखा-जोखा
धन संग्रह के लिए निकलने वाली टोलियों का ब्योरा दक्षिण व उतर जिला कार्यालय में दर्ज किया जाएगा। शाम को टोलियां बैंकों में जमा की गई धनराशि का ब्योरा दर्ज कराएंगी। निधि संग्रह के लिए तैनात टोलियों में स्थानीय लोगों को ही रखा गया है।
हर मोहल्ले में मठ-मंदिर के प्रमुख का निधि संग्रह टोलियों के साथ जिम्मेदारी सौंपी गई है। राम के काम में हर कोई तन.मन से जुड़ी हुई हैं। - महंत बालक दास, पातालपुरी मठ