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वाराणसी में कोविड हास्पिटल में भर्ती मरीजों को नहीं मिल रहा रेमडेसिविर इंजेक्शन
Thu, 22 Apr 2021 02:13 AM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Thu, 22 Apr 2021 02:13 AM IST
सार
मरीजों को इंतजार, दो दिन पहले ही अस्पतालों को भिजवाया गया था 1296 इंजेक्शन
सीएमओ आफिस से कंट्रोल रूम तक एक ही जवाब कि अस्पताल को दिया गया है इंजेक्शन
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- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
वाराणसी में कोविड हास्पिटल में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन का संकट फिलहाल टला नहीं है। वार्ड में भर्ती मरीज के साथ ही उनके परिजन भागदौड़ कर रहे हैं लेकिन लाख प्रयास के बाद भी समस्या दूर नहीं हो पा रही है। सीएमओ आफिस से कंट्रोल रूम तक बस एक ही जवाब कि इंजेक्शन अस्पताल को दिया गया है। वही से लगेगा लेकिन यह समझ में नहीं आ रहा है कि जब अस्पताल को दिया ही गया तो मरीज क्यों भागदौड़ कर रहे हैं।
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कोरोना मरीजों का इलाज करने वाले चिकित्सकों के साथ ही अब आम चिकित्सक भी रेमडेसिविर इंजेक्शन लिख रहे हैं। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से व्यवस्था भी बनी है कि कोविड हास्पिटल को भर्ती मरीजों की संख्या के आधार पर इंजेक्शन दिए जाएंगे। दो दिन पहले ही 1296 इंजेक्शन अस्पतालों को दिए गए थे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
सीएमओ आफिस में परिजनों की आवाजाही जारी
कोविड हास्पिटल में भर्ती मरीजों के परिजनों की सीएमओ आफिस में बुधवार को आवाजाही जारी रही। सुबह 10 बजे जैसे ही आफिस खुला तो परिजन अस्पताल के लेटर हेड पर इंजेक्शन की जरूरत लेकर पहुंचे। यहां मौजूद अधिकारियों से इंजेक्शन दिलाने की गुहार लगाई। यहां इसके बाद बहुत से लोग कार्यालय के मेन चैनल गेट पर खड़े रहे। लोगों का कहना था कि इंजेक्शन कब तक मिलेगा, इसका स्वास्थ्य विभाग से कोई जवाब नहीं मिला। कंट्रोल रूम से भी सही जानकारी नहीं मिल पा रही हैं।
गंभीर मरीजों को ही इंजेक्शन की जरूरत
रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर लोगों को यह समझना चाहिए कि यह इंजेक्शन केवल गंभीर मरीजों के लिए डॉक्टर की सलाह पर लगाया जाता है। बहुत से लोग खुद भी इंजेक्शन लगवाने के लिए इसको खरीदने के लिए परेशान हैं। बिना चिकित्सकीय सलाह के इंजेक्शन लेने का शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में सोच समझकर कदम उठाना चाहिए। - डॉ. एके मौर्या, एडिशनल सीएमओ
कोविड हास्पिटल में भर्ती मरीजों के परिजनों की सीएमओ आफिस में बुधवार को आवाजाही जारी रही। सुबह 10 बजे जैसे ही आफिस खुला तो परिजन अस्पताल के लेटर हेड पर इंजेक्शन की जरूरत लेकर पहुंचे। यहां मौजूद अधिकारियों से इंजेक्शन दिलाने की गुहार लगाई। यहां इसके बाद बहुत से लोग कार्यालय के मेन चैनल गेट पर खड़े रहे। लोगों का कहना था कि इंजेक्शन कब तक मिलेगा, इसका स्वास्थ्य विभाग से कोई जवाब नहीं मिला। कंट्रोल रूम से भी सही जानकारी नहीं मिल पा रही हैं।
गंभीर मरीजों को ही इंजेक्शन की जरूरत
रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर लोगों को यह समझना चाहिए कि यह इंजेक्शन केवल गंभीर मरीजों के लिए डॉक्टर की सलाह पर लगाया जाता है। बहुत से लोग खुद भी इंजेक्शन लगवाने के लिए इसको खरीदने के लिए परेशान हैं। बिना चिकित्सकीय सलाह के इंजेक्शन लेने का शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में सोच समझकर कदम उठाना चाहिए। - डॉ. एके मौर्या, एडिशनल सीएमओ
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- फोटो : Injection
बिना सलाह इंजेक्शन लेने का शरीर पर पड़ता है दुष्प्रभाव
कोरोना के सभी मरीजों को रेमडेसिविर की जरूरत नहीं होती है। बिना डाक्टर की सलाह के इंजेक्शन लगवाने से बचना चाहिए। इसको लगवाने से पहले लीवर प्रोफ़ाइल, किडनी प्रोफ़ाइल की जांच जरूर करवा लेनी चाहिए। बिना सलाह इंजेक्शन लेने से उसका असर किडनी पर पड़ता है। - डॉ. एनपी सिंह, पूर्व अध्यक्ष, आईएमए
कालाबाजारी करने वालों की धरपकड़ के लिए गठित की गई है क्राइम ब्रांच की टीम
रेमडेसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन सिलिंडर की कालाबाजारी करने वालों की धरपकड़ के लिए क्राइम ब्रांच की टीम गठित की गई है। पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश और आईजी रेंज एसके भगत सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म के माध्यम से लोगों से अपील कर चुके हैं कि यदि कहीं भी किसी को जीवनरक्षक दवाइयों की कालाबाजारी की जानकारी हो तो सीधे उन्हें बताएं। सूचना देने वाले का नाम और पता गुप्त रखकर कालाबाजारी करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दोनों अधिकारियों की अपील के बाद भी उन तक एक भी व्यक्ति ने अभी तक ऐसी कोई सटीक सूचना नहीं दी, जिसके आधार पर कार्रवाई हो सके। उधर, कालाबाजारी करने वालों की धरपकड़ में लगी पुलिस टीमों के अनुसार पूर्व के अनुभव के आधार पर सभी संभावित जगहों पर दबिश दी गई और सुरागकशी की गई लेकिन कुछ ठोस हाथ नहीं लगा। प्रयास अब भी जारी है और टीमें दबिश दे रही हैं।
कोरोना के सभी मरीजों को रेमडेसिविर की जरूरत नहीं होती है। बिना डाक्टर की सलाह के इंजेक्शन लगवाने से बचना चाहिए। इसको लगवाने से पहले लीवर प्रोफ़ाइल, किडनी प्रोफ़ाइल की जांच जरूर करवा लेनी चाहिए। बिना सलाह इंजेक्शन लेने से उसका असर किडनी पर पड़ता है। - डॉ. एनपी सिंह, पूर्व अध्यक्ष, आईएमए
कालाबाजारी करने वालों की धरपकड़ के लिए गठित की गई है क्राइम ब्रांच की टीम
रेमडेसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन सिलिंडर की कालाबाजारी करने वालों की धरपकड़ के लिए क्राइम ब्रांच की टीम गठित की गई है। पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश और आईजी रेंज एसके भगत सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म के माध्यम से लोगों से अपील कर चुके हैं कि यदि कहीं भी किसी को जीवनरक्षक दवाइयों की कालाबाजारी की जानकारी हो तो सीधे उन्हें बताएं। सूचना देने वाले का नाम और पता गुप्त रखकर कालाबाजारी करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दोनों अधिकारियों की अपील के बाद भी उन तक एक भी व्यक्ति ने अभी तक ऐसी कोई सटीक सूचना नहीं दी, जिसके आधार पर कार्रवाई हो सके। उधर, कालाबाजारी करने वालों की धरपकड़ में लगी पुलिस टीमों के अनुसार पूर्व के अनुभव के आधार पर सभी संभावित जगहों पर दबिश दी गई और सुरागकशी की गई लेकिन कुछ ठोस हाथ नहीं लगा। प्रयास अब भी जारी है और टीमें दबिश दे रही हैं।